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FASTag ऐक्टिव नहीं तो दिल्ली एयरपोर्ट 'बंद', NHAI को कहना पड़ा- 'एंट्री बंद नहीं कर सकते'

दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हाल ही में यह बात सामने आई थी कि टर्मिनल-3 के अराइवल लेन पर केवल ऐक्टिव FASTag वाले वाहनों को ही एंट्री दी जा रही थी, जबकि अन्य वाहनों को मल्टी-लेवल कार पार्किंग (MLCP) की तरफ डायवर्ट किया जा रहा था.

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दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर अब बिना Fastag के भी इंट्री मिलेगी

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  • NHAI ने दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर टर्मिनल-3 के अराइवल लेन में केवल एक्टिव FASTag वाले वाहनों को प्रवेश देने की नीति पर कार्रवाई की।
  • दिल्ली एयरपोर्ट पर बिना FASTag वाहनों को मल्टी-लेवल कार पार्किंग में डायवर्ट किया जा रहा था, जिससे निजी वाहनों के लिए पार्किंग शुल्क पर विवाद और असुविधा उत्पन्न हुई।
  • NHAI ने IDFC बैंक को निर्देश दिया है कि FASTag का उपयोग केवल भुगतान के लिए हो और प्रवेश प्रतिबंध को खत्म कर तुरंत इसे लागू किया जाए।

FASTag बिला शक काम की चीज है. इसकी वजह से हाईवे पर घूमते समय टोल पर टाइम भी कम लगता है और खुल्ले पैसे रखने की टेंशन भी नहीं होती. अगर गाड़ी में टैग चिपका नहीं तो भी UPI से सवा गुना पैसा देकर टोल पार किया जा सकता है. माने FASTag होने और नहीं होने से कोई दिक्कत आमतौर पर होती नहीं. लेकिन अगर जो आप दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर अपनी गाड़ी से गए हैं और उसमें FASTag नहीं है तो फिर आपको परेशानी होने ही वाली है. मामला जब बढ़ गया तो NHAI को एक्शन लेना पड़ा है.

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हाल ही में यह बात सामने आई थी कि टर्मिनल-3 के अराइवल लेन पर केवल ऐक्टिव FASTag वाले वाहनों को ही एंट्री दी जा रही थी, जबकि अन्य वाहनों को मल्टी-लेवल कार पार्किंग (MLCP) की तरफ डायवर्ट किया जा रहा था.

‘डोगुना लगान’ देना पड़ रहा था

दिल्ली एयरपोर्ट टर्मिनल-3 के अराइवल लेन पर निजी वाहनों के लिए 8 मिनट का मुफ्त वेटिंग मिलता है. इसे अक्टूबर 2024 में पिकअप लेन में वाहनों की आवाजाही को सुचारू बनाकर ट्रैफिक जाम कम करने के लिए शुरू किया गया था. 8 मिनट के बाद, 9 से 13 मिनट तक की पार्किंग के लिए 250 रुपये और 13 मिनट से अधिक समय के लिए 500 रुपये शुल्क लिया जाता है. अब जो आपकी गाड़ी में टैग लगा तो ठीक नहीं तो कम से कम 250 का फटका तो लगता ही था.

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सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कई यूजर्स ने एयरपोर्ट पर पार्किंग शुल्क के भुगतान को लेकर अपनी परेशानियां साझा भी की हैं. FASTag अनिवार्य वाली ये व्यवस्था दिल्ली-एनसीआर के रहने वालों लिए तो कुछ ज्यादा ही असुविधाजनक है, क्योंकि शहर के भीतर आने-जाने के लिए टोल प्लाजा का उपयोग न करने के कारण कई वाहनों के पास एक्टिव FASTag या पर्याप्त बैलेंस नहीं होता है.

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दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर बिना Fastag वाले वाहनों को मल्टी-लेवल कार पार्किंग (MLCP) की तरफ डायवर्ट किया जा रहा था

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इंडियन एक्सप्रेस के धीरज मिश्रा की रिपोर्ट के मुताबिक भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने दिल्ली एयरपोर्ट पर पार्किंग शुल्क भुगतान के लिए FASTag के इस्तेमाल से जुड़ी शिकायतों का संज्ञान लिया है. अधिकारियों ने बताया कि FASTag केवल एक भुगतान का साधन है और इसका उपयोग एंट्री पर प्रतिबंध लगाने के लिए नहीं किया जा सकता. 

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NHAI ने एयरपोर्ट पर काम करने वाले आईडीएफसी बैंक (IDFC Bank) को निर्देश दिया है कि वह सुनिश्चित करे कि इस सिस्टम का उपयोग केवल भुगतान के लिए हो और इस तरह के किसी भी प्रतिबंध को तुरंत बंद किया जाए.

एक अधिकारी ने अखबार से कहा, “FASTag एयरपोर्ट पर पार्किंग सुविधाओं के लिए महज एक पेमेंट डिवाइस है और इसे एंट्री प्रतिबंध लागू करने के माध्यम के रूप में इस्तेमाल नहीं किया जा सकता है."

आपकी जानकारी के लिए बताते चलें कि दिल्ली रेलवे स्टेशन सहित कई मॉल में  FASTag से भुगतान होता है, लेकिन वहां इसके बिना भी गाड़ी पार्क होती है. 

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