Submit your post

Follow Us

ऐसी क्रांति के समय हमें क्या करना चाहिए?

1.38 K
शेयर्स

जब सारा देश क्रांति की ज्वाला में धधक रहा है. मैं समोसे में आ पड़े कच्चे मटर बीन कर फेंक रहा हूं. ये कितनी घातक स्थिति है. कल को जब नाती-पोते पूछेंगे कि ‘उस वक़्त’ आप क्या कर रहे थे, तो मैं क्या बताऊंगा? ऑफिस के वाई-फाई से मुफ्त में वीडियो डाउनलोड कर रहा था? या रिक्शे वाले से लड़ रहा था कि वो गोल चक्कर की बजाय 30 रुपये में गली नंबर छह तक छोड़ दे.

मैं आज कल बहुत शर्मिंदा रहता हूं. अफज़ल के लिए नहीं. वो तो आतंकी था. मैं शर्मिंदा हूं क्योंकि मैं पार्टी नहीं बन पा रहा हूं. लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी से 3 साल में बी.ए. पास न कर पाने वाला दोस्त JNU पर डेढ़ किलोमीटर का व्याख्यान गोंच देता है. और मैं क्रांति का हिस्सा बनने की बाट ही देखता रह जाता हूं. जिस लड़की ने सिर्फ देखकर मुस्कुरा देने पर दर्जनों लड़कों को अपने मौसी के बेटों से पिटवा दिया वो अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हैशटैग चला रही है. मुझे उस लड़की के लिखने से कभी कोई समस्या नहीं रही. मैं तो बस उन दर्जनों पिटने वाले लड़कों में एक था.

क्रांति का हिस्सा बनने की राह में रोड़े भी बहुत हैं. आप मन बनाकर कोई पाला पकड़ो और उधर वीडियो फर्जी निकल जाता है. चौथा विश्व युद्ध वीडियोज से ही लड़ा जाएगा. तीसरा टीवी पर न्यूज चैनल्स की डिबेट्स में लड़ा ही जा रहा है.

JNU को देख कभी-कभी रोना भी आता है. वहां के हालात पर नहीं. ये देखकर कि जितने दिन से वहां बवाल चल रहा है उतने दिन में हमारे इंजीनियरिंग कॉलेज में दो सेमेस्टर एक्जाम हो जाते. इंजीनियरिंग वाले कभी क्रांति नहीं ला सकते. वो मिड सेम और प्रैक्टिकल में ही खर्च हो जाते हैं. मैं समोसे से मटर निकालने में खर्च हो जाऊंगा.

लगातार लल्लनटॉप खबरों की सप्लाई के लिए फेसबुक पर लाइक करें

गंदी बात

'इस्मत आपा वाला हफ्ता' शुरू हो गया, पहली कहानी पढ़िए लिहाफ

उस अंधेरे में बेगम जान का लिहाफ ऐसे हिलता था, जैसे उसमें हाथी बंद हो.

PubG वाले हैं क्या?

जबसे वीडियो गेम्स आए हैं, तबसे ही वे पॉपुलर कल्चर का हिस्सा रहे हैं. ये सोचते हुए डर लगता है कि जो पीढ़ी आज बड़ी हो रही है, उसके नास्टैल्जिया का हिस्सा पबजी होगा.

बायां हाथ 'उल्टा' ही क्यों हैं, 'सीधा' क्यों नहीं?

मां-बाप और टीचर बच्चों को पीट-पीट दाहिने हाथ से काम लेने के लिए मजबूर करते हैं. क्यों?

फेसबुक पर हनीमून की तस्वीरें लगाने वाली लड़की और घर के नाम से पुकारने वाली आंटियां

और बिना बैकग्राउंड देखे सेल्फी खींचकर लगाने वाली अन्य औरतें.

'अगर लड़की शराब पी सकती है, तो किसी भी लड़के के साथ सो सकती है'

पढ़िए फिल्म 'पिंक' से दर्जन भर धांसू डायलॉग.

मुनासिर ने प्रीति को छह बार चाकू भोंककर क्यों मारा?

ऐसा क्या हुआ, कि सरे राह दौड़ा-दौड़ाकर उसकी हत्या की?

हिमा दास, आदि

खचाखच भरे स्टेडियम में भागने वाली लड़कियां जो जीवित हैं और जो मर गईं.

अलग हाव-भाव के चलते हिजड़ा कहते थे लोग, समलैंगिक लड़के ने फेसबुक पोस्ट लिखकर सुसाइड कर लिया

'मैं लड़का हूं. सब जानते हैं ये. बस मेरा चलना और सोचना, भावनाएं, मेरा बोलना, सब लड़कियों जैसा है.'

ब्लॉग: शराब पीकर 'टाइट' लड़कियां

यानी आउट ऑफ़ कंट्रोल, यौन शोषण के लिए आमंत्रित करते शरीर.

औरतों को बिना इजाज़त नग्न करती टेक्नोलॉजी

महिला पत्रकारों से मशहूर एक्ट्रेसेज तक, कोई इससे नहीं बचा.

सौरभ से सवाल

दिव्या भारती की मौत कैसे हुई?

खिड़की पर बैठी दिव्या ने लिविंग रूम की तरफ मुड़कर देखा. और अपना एक हाथ खिड़की की चौखट को मजबूती से पकड़ने के लिए बढ़ाया.

कहां है 'सिर्फ तुम' की हीरोइन प्रिया गिल, जिसने स्वेटर पर दीपक बनाकर संजय कपूर को भेजा था?

'सिर्फ तुम' के बाद क्या-क्या किया उन्होंने?

बॉलीवुड में सबसे बड़ा खान कौन है?

सबसे बड़े खान का नाम सुनकर आपका फिल्मी ज्ञान जमीन पर लोटने लगेगा. और जो झटका लगेगा तो हमेशा के लिए बुद्धि खुल जाएगी आपकी.

'कसौटी ज़िंदगी की' वाली प्रेरणा, जो अनुराग और मिस्टर बजाज से बार-बार शादी करती रही

कहां है टेलीविज़न का वो आइकॉनिक किरदार निभाने वाली ऐक्ट्रेस श्वेता तिवारी?

एक्ट्रेस मंदाकिनी आज की डेट में कहां हैं?

मंदाकिनी जिन्हें 99 फीसदी भारतीय सिर्फ दो वजहों से याद करते हैं

सर, मेरा सवाल है कि एक्ट्रेस मीनाक्षी शेषाद्री आजकल कहां हैं. काफी सालों से उनका कोई पता नहीं.

‘दामिनी’ के जरिए नई ऊंचाई तक पहुंचा मीनाक्षी का करियर . फिर घातक के बाद 1996 में उन्होंने मुंबई फिल्म इंडस्ट्री को बाय बोल दिया.

ये KRK कौन है. हमेशा सुर्खियों में क्यों रहता है?

केआरके इंटरनेट एज का ऐसा प्रॉडक्ट हैं, जो हर दिन कुछ ऐसा नया गंधाता करना रचना चाहता है.

एक्ट्रेस किमी काटकर अब कहां हैं?

एडवेंचर ऑफ टॉर्जन की हिरोइन किमी काटकर अब ऑस्ट्रेलिया में हैं. सीधी सादी लाइफ बिना किसी एडवेंचर के

चाय बनाने को 'जैसे पापात्माओं को नर्क में उबाला जा रहा हो' कौन सी कहानी में कहा है?

बहुत समय पहले से बहुत समय बाद की बात है. इलाहाबाद में थे. जेब में थे रुपये 20. खरीदी हंस...

सर आजकल मुझे अजीब सा फील होता है क्या करूं?

खुड्डी पर बैठा था. ऊपर से हेलिकॉप्टर निकला. मुझे लगा. बाबा ने बांस गहरे बोए होते तो ऊंचे उगते.