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कानपुर: राष्ट्रपति के लिए ट्रैफिक रोका, जाम में फंसकर IIA अध्यक्ष की मौत

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद शुक्रवार 25 जून को अपने गृह जिले कानपुर पहुंचे. राष्ट्रपति के आने से लगे जाम में फंसकर वंदना मिश्रा की मौत हो गई. वह  इंडियन इंडस्ट्रीज़ असोसिएशन- कानपुर चैप्टर की महिला विंग की अध्यक्ष थीं. आजतक के रंजय सिंह की रिपोर्ट के मुताबिक, शाम साढ़े सात बजे के करीब वंदना की तबीयत ख़राब हुई. घरवाले उनको लेकर हॉस्पिटल रवाना हुए, उसी समय राष्ट्रपति की ट्रेन ओवर ब्रिज के नीचे से जाने वाली थी, इससे ओवरब्रिज पर ट्रैफिक रोक दिया गया. परिजनों के कहने के बावजूद पुलिसकर्मियों ने बीमार वंदना मिश्रा की गाड़ी को जाने नहीं दिया. समय पर अस्पताल नहीं पहुंच पाने के कारण वंदना की मौत हो गई.

शनिवार, 25 जून की सुबह जानकारी जैसे ही सर्किट हाउस में रुके राष्ट्रपति को हुई, उन्होंने तुरंत डीएम आलोक तिवारी और पुलिस कमिश्नर असीम अरुण को तलब किया. उन्होंने पुलिस द्वारा मरीज की गाड़ी रोके जाने पर नाराजगी जताई. इसके साथ अधिकारियों को निर्देश दिया की वे वंदना मिश्रा के घर जाकर उनकी तरफ से शोक संवेदना पहुंचाएं और आगे से किसी वीआईपी के आने पर मरीजों को न रोका जाए. इसके बाद दोनों अधिकारियों ने वंदना मिश्रा के घर जाकर महामहिम की संवेदना पहुंचाई. वंदना मिश्रा के परिजनों से माफ़ी भी मांगी. इसके बाद अधिकारी शमशान घाट में अंतिम यात्रा में शामिल हुए.

कानपुर कमिश्नर के अकाउंट से ट्वीट किया गया,

वहीं इस मामले में दरोगा सुशील कुमार के साथ तीन अन्य पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया गया है.

इससे पहले कानपुर कमिश्नर के अकाउंट से ट्वीट किया गया था,

“आईआईए की अध्यक्षा बहन वन्दना मिश्रा जी के निधन के लिए कानपुर नगर पुलिस और व्यक्तिगत रूप से मैं क्षमाप्रार्थी हूं. भविष्य के लिए यह बड़ा सबक है. हम प्रण करते हैं कि हमारी रूट व्यवस्था ऐसी होगी कि न्यूनतम समय के लिए नागरिकों को रोका जाए ताकि ऐसी घटनाओं की पुनरावृति न हो.”

इस पर लोगों ने नाराजगी जताई है. एक यूज़र ने लिखा –

एक अन्य यूज़र ने लिखा –

वंदना मिश्रा कौन थीं?

वंदना मिश्रा, इंडियन इंडस्ट्रीज़ असोसिएशन- कानपुर चैप्टर की महिला विंग की अध्यक्ष थीं. करीब 7 साल तक वे भारतीय महिला उद्यमी परिषद की महामंत्री भी रहीं. कानपुर में महिलाओं के रोजगार के क्षेत्र में उनका योगदान रहा है. करीब डेढ़ महीने पहले वे कोविड-19 से संक्रमित हुई थीं. इलाज के बाद रिपोर्ट तो नेगेटिव आ गई, लेकिन सेहत लगातार गड़बड़ रहने लगी. 25 जून की सुबह तबीयत ज़्यादा बिगड़ी तो परिवार वाले उन्हें लेकर अस्पताल के लिए निकले. रास्ते में भयंकर जाम मिल गया. करीब 45 मिनट तक वंदना मिश्रा और उनका परिवार जाम में फंसा रहा. जाम खुला तो अस्पताल लेकर भागे. लेकिन तब तक देर हो चुकी थी.


जब मरीज को मरता छोड़ अटेंडेंट कॉरिडोर में गुटखा चबाने भग गया

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