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दिल्ली में RAF के हाथ में दिख रही ये इलेक्ट्रिक शील्ड क्या बला है

आजकल काफी प्रोटेस्ट चल रहे हैं. कई बार प्रोटेस्ट करने वालों और सिक्योरिटी फोर्सेज में टकराव हो जाता है. हिंसा तक हो जाती है. ज़्यादा खराब स्थिति ना पैदा हो जाए इसके लिए पुलिस और सिक्योरिटी फोर्सेज अलग-अलग तरीके अपनाते हैं. वॉटर कैनन, आंसू गैस के गोले और ‘लाठी.’ भीड़ को आगे बढ़ने से रोकने के लिए बैरीकेड भी लगाए जाते हैं. लेकिन पुलिस और रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) क्रिएटिव और मॉडर्न हो चले हैं. अब प्रोटेस्ट करने वालों को रोकने के लिए शॉक दिए जाते हैं. एक खास शील्ड की मदद से, जो सामान्य शील्ड से अलग है. कैप्टन अमेरिका वाली शील्ड को छोड़कर. :)

दिल्ली के सीलमपुर इलाके में हुई CAA के खिलाफ हुई हिंसा से निपटने के लिए RAF के जवानों के हाथ में एक खास तरह की शील्ड देखी गई. इसे एंटी रायट शील्ड या इलेक्ट्रिक सेफ्टी शील्ड कहते हैं. इनमें एक लाल रंग की बटन होती है, जिसे दबाने पर शॉक लगता है. प्रोटेस्ट उग्र हो जाने की स्थिति में इसका इस्तेमाल किया जाता है. इनका इस्तेमाल पहले भी होता रहा है लेकिन कहा जा रहा है कि सीलमपुर हिंसा के दौरान दिल्ली में इसका पहली बार इस्तेमाल हुआ है.

डीएनए की एक रिपोर्ट के मुताबिक, जून, 2019 में इसका इस्तेमाल कोलकाता में लाल बाजार मार्च के दौरान भी किया गया था. इस शील्ड में पांच सेकंड से ज़्यादा संपर्क में आने पर इंसान बेहोश भी हो सकता है. इसका असर 10-15 मिनट तक होता है.

ज़्यादातर एंटी रायट शील्ड पारदर्शी पॉलीकार्बोनेट के बने होते हैं. ये बहुत मज़बूत होते हैं. ये शील्ड 0.16 से 0.24 मिमी (0.16 से 0.24 इंच) तक मोटी हो सकती है. इनका इस्तेमाल सुरक्षा बल खुद को बचाने के लिए भी करते हैं. इनमें से अधिकतर शील्ड बुलेट प्रूफ नहीं होती.

ये दो तरह के होते हैं.

टाइप 1. इसमें शॉक लगाने के लिए इलेक्ट्रोशॉक डिवाइस अलग से अटैच होता है और इसे हैंडल की तरह पकड़कर शॉक लगाना पड़ता है.

इसमें आप देख सकते हैं, 3 नंबर पर एक हैंडल दिखाया गया है, जो इलेक्ट्रोशॉक डिवाइस है. फोटो साभार: रशियन शॉकर्स
इसमें आप देख सकते हैं, 3 नंबर पर एक हैंडल दिखाया गया है, जो इलेक्ट्रोशॉक डिवाइस है. फोटो साभार: रशियन शॉकर्स

इलेक्ट्रोशॉक डिवाइस कुछ ऐसा दिखता है:

इलेक्ट्रोशॉक डिवाइस, जो इस टाइप की शील्ड में अलग से लगा होता है. फोटो: रशियन शॉकर्स
इलेक्ट्रोशॉक डिवाइस, जो इस टाइप की शील्ड में अलग से लगा होता है. फोटो: रशियन शॉकर्स

टाइप 2. दूसरे प्रकार की शील्ड में इलेक्ट्रोशॉक डिवाइस बिल्ट-इन होता है.

टाइप 2 में इलेक्ट्रोशॉक डिवाइस बिल्ट इन होता है. फोटो: रशियर शॉकर्स
टाइप 2 में इलेक्ट्रोशॉक डिवाइस बिल्ट इन होता है. फोटो: रशियन शॉकर्स

इसका वीडियो देखें, जिससे आप ओवरऑल आइडिया लगा सकें-


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