Submit your post

Follow Us

पूनम पांडे से अफेयर कर चर्चा में आया था इस सुपर स्टार का बेटा, अब संन्यासी बन गया!

5
शेयर्स

विनोद खन्ना. बॉलीवुड के सुपरस्टार. बड़े पर्दे पर राज किया, फिर संन्यासी बन गए और फिर बड़े पर्दे पर वापसी की. ये कहानी तो सभी जानते हैं, उनके दो बेटों अक्षय खन्ना और राहुल खन्ना को भी लोग जानते हैं. लेकिन उनका एक और बेटा है साक्षी, जिसे कम ही लोग जानते हैं. वो एक्टिंग और ग्लैमर इंडस्ट्री से भी रहते दूर थे. अब उनकी बात इसलिए की जा रही है क्योंकि विनोद खन्ना की तरह साक्षी संन्यासी बन गए हैं और ओशो के आश्रम में हैं.

दो साल पहले साक्षी ने अपना प्रोडक्शन हाउस खोला था. नाम था ‘जुगाड़ मोशन पिक्चर्स’. साक्षी ने इसे धीर मोमाया और उक्रेन फिल्म डायरेक्टर डार घई के साथ शुरू किया था. कहा जाता है तीनों पुराने दोस्त हैं. पहले टीवी ऐड्स और म्यूजिक वीडियो बनाए. फिर फिल्में बनाईं. ‘तीन और आधा’ और ‘नामदेव भाऊ’ उन्हीं के प्रोडक्शन हाउस की फिल्में हैं . दोनों डार घई ने डायरेक्ट की थीं और 2018 में रिलीज हुईं. एक इंटरव्यू में साक्षी ने कहा था कि उनका प्रोडक्शन हाउस महान नहीं सच्चाई से जुड़ी कहानियों पर फिल्म बनाएगा.

फिल्म 'तीन और आधा' का पोस्टर.
फिल्म ‘तीन और आधा’ का पोस्टर.

उन्होंने संजय लीला भंसाली की फिल्म बाजीराव मस्तानी में बतौर असिस्टेंट डायरेक्ट काम किया है. इसके बाद उनके फिल्मों में डेब्यू की खबरें आने लगी थीं. लेकिन ऐसा हुआ नहीं. पता चला है कि वो कुछ महीनों पहले ही ओशो के आश्रम पहुंच चुके हैं. इस खबर को लेकर उनके परिवार की तरफ से कोई स्पष्ट बात सामने नहीं आई है.

विनोद खन्ना की मौत के बाद मां और बहन के साथ साक्षी.
विनोद खन्ना की मौत के बाद मां और बहन के साथ साक्षी.

हालांकि साक्षी 2011 में अचानक विवादों में आ गए थे, जब उनका नाम एक रेव पार्टी में सामने आया था. रिपोर्ट्स के मुताबिक पार्टी में करीब 290 लोग शामिल थे, जिनमें से कई स्टार्स और पॉलिटिशियन के बच्चे भी थे. इन्हीं में साक्षी का नाम भी शामिल था और पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार भी किया था. इसके अलावा पूनम पांडे से अफेयर को लेकर भी वो खबरों में रहे हैं.

80 के दौर में जब विनोद खन्ना का करियर चरम पर था, तब वो सब छोड़कर ओशो के आश्रम पहुंच गए थे. कहानियों की मानी जाए तो वहां के रजनीशपुरम आश्रम में वो माली का काम करने लगे. 1985 तक उनकी कोई खबर नहीं मिली मीडिया को.

ओशो के साथ विनोद खन्ना.
ओशो के साथ विनोद खन्ना.

पता तभी चला जब उस साल उनका डिवोर्स हो गया. फिर वो बॉलीवुड की तरफ लौटे. उनकी दो फिल्में इंसाफ और दयावान आईं. दयावान में बोल्ड सीन थे. इनको सेक्सी संन्यासी कहा जाने लगा. लेकिन करियर धीरे-धीरे डूबने लगा. एक इंटरव्यू में विनोद खन्ना ने कहा था कि आश्रम से लौटकर उन्होंने सिर्फ इसलिए फिल्में कीं क्योंकि उनके पास पैसों की तंगी चल रही थी. हालांकि इंडस्ट्री में उन्हें काम की कमी नहीं हुई. फिर विनोद खन्ना ने कविता से शादी की. साक्षी विनोद खन्ना और कविता के ही बेटे हैं, जो अब ओशो के आश्रम में हैं.

पिता के पास तो पैसे की तंगी हुई तो वो बॉलीवुड में लौट आए. क्या साक्षी के साथ भी ऐसा ही होगा. क्या वो भी ओशो का आश्रम छोड़कर वापस अपने प्रोडक्शन हाउस को जॉइन करेंगे. क्या वो भी अपने पिता की तरह बड़े पर्दे पर आएंगे. इन सारे सवालों के जवाब भविष्य के गर्भ में हैं. फिलहाल इतना सा है कि अब साक्षी एक संन्यासी की तरह जीवन जी रहे हैं.


Video : धूम 4 फिल्म में अभिषेक बच्चन और उदय चोपड़ा भी नहीं होंगे!

लगातार लल्लनटॉप खबरों की सप्लाई के लिए फेसबुक पर लाइक करें

टॉप खबर

जामिया CAB प्रदर्शनः पुलिस के आंसू गैस गोले से छात्र का अंगूठा फट गया

जामिया में संशोधित नागरिकता कानून के खिलाफ प्रदर्शन तेज, परीक्षाएं आगे बढ़ीं.

नागरिकता कानून में हुए संशोधन पर संविधान एक्सपर्ट्स का क्या कहना है?

एक्सपर्ट्स का दावा, ये संशोधन संविधान के आर्टिकल 14, 5 और 11 का उल्लंघन है.

पासपोर्ट पर कमल छाप तो दिया लेकिन सरकार खुद इसे राष्ट्रीय फूल नहीं मानती

बवाल मचा तो सरकार ने कहा था राष्ट्रीय प्रतीकों को छाप रहे हैं.

16 दिसंबर को इस वजह से नहीं होगी निर्भया के चारों दोषियों को फांसी

सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई के बाद ही डेथ वारंट पर फैसला होगा.

CAB विरोध: असम में पुलिस की फायरिंग से दो की मौत, कर्फ़्यू मान नहीं रही है भीड़

तीन BJP विधायकों के घर पर हमला. मेघालय के भी कुछ इलाकों में कर्फ़्यू. तीन राज्य में इंटरनेट बंद.

नागरिकता संशोधन बिल पास होने पर IPS ऑफिसर ने विरोध में इस्तीफा दिया

उन्होंने कहा, 'ये बिल देश को बांटने वाला है.'

कर्नाटक में 15 विधानसभा सीटों पर हुए उपचुनाव में BJP का क्या हुआ?

BJP सरकार बनी रहेगी या जाएगी?

मोदी सरकार के इस कदम से घरेलू इंडस्ट्री चमक सकती है, पर रिस्क भी बहुत बड़ी है

सरकार नई नौकरियों का दावा कर रही. पर आंकड़ा किसी को नहीं पता.

अगर संसद में ये बिल पास हो गया तो एक ही तमंचे पर डिस्को हो पाएगा

वैसे नए कानून के मुताबिक, तमंचे पर डिस्को करने पर भी 2 साल की सज़ा हो सकती है.

तेलंगाना पुलिस ने खुद बताई एनकाउंटर के पीछे की पूरी कहानी

'आरोपियों ने पुलिस से हथियार छीनकर फायरिंग की'.