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UPSC रिजल्ट : टॉपर ने आखिरी अटेंप्ट में झंडा गाड़ा तो सेकंड टॉपर डेढ़ साल अपने बच्चे से दूर रही

देश में दो ही प्रकार के लोग हैं. एक वो जो यूपीएससी की तैयारी करते हैं और दूसरे वो जो नहीं करते हैं. UPSC माने यूनियन पब्लिक सर्विस कमीशन. हिंदी में संघ लोक सेवा आयोग. जिम्मेदारी केंद्र की ग्रेड ए और बी की परीक्षाएं करवाना. तो इसमें जो ग्रेड ए वाली होती हैं, वो हैं सिविल सर्विस वाली. माने जो डीएम, एसपी वगैरह होते हैं, मंत्रालयों को चलाने वाले बड़े-बड़े अधिकारी होते हैं. वो इसी एग्जाम को फोड़ के अधिकारी बनते हैं. 27 अप्रैल की शाम इसी एग्जाम का फाइनल रिजल्ट आ गया है. जवानी तो देश के लाखों जवानों ने इसमें खपाई थी, मगर सफल हुए हैं 990. मतलब मेरिट में नाम केवल 990 लोगों का आया है. अब आते हैं मुद्दे पर. टॉप किसने मारा है. तो ये महानुभव हैं तेलंगाना के अनुदीप डुरीशेट्टी. टॉप 5 की बात करें तो अनुदीप के बाद ये लोग हैं –

2. अनु कुमारी-  हरियाणा

3. सचिन गुप्ता – हरियाणा

4. अतुल प्रकाश – बिहार

5. प्रथम कौशिक – हरियाणा

अब आगे बढ़ते हैं. सिविल सर्विस की तैयारी करने वाले से पहला सवाल क्या पूछा जाता है? 18 घंटा पढ़ना होता है, पढ़ लोगे? जो लोग जवाब देते हैं- हां. वो तैयारी करते हैं. बाकी वहीं से कन्नी काट लेते हैं. और जो 18 घंटे पढ़ाई को अपने जीवन का मकसद बना लेते हैं. वो करते हैं तैयारी. और जो इन 18 घंटों में गुल्ली लगाता है, वो तैयारी ही करता रह जाता है. खैर अबकी बार 990 लोगों की लॉटरी निकली है. सब ही एक से बढ़कर एक खिलाड़ी हैं. मगर टॉपर तो टॉपर हो होते हैं. तो इस बार के पांच टॉपरों के बारे में आपको बताते हैं –

1. अनुदीप डुरीशेट्टी

अनपदीप तेलंगाना के रहने वाले हैं.
अनपदीप तेलंगाना के रहने वाले हैं.

अनुदीप तेलंगाना के जगितल जिले में स्थित मेटपल्ली के रहने वाले हैं. पिलानी के बिरला इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड साइंसेज से बीटेक किया है. इलेक्टॉनिक्स एंड इंस्ट्रुमेंटेशन से. 2011 में बन गए इंजीनियर. फिर गूगल में मिल गई नौकरी. मगर भाई का दिमाग तो धरा था सिविल सर्विस में. सो तैयारी जारी रही. 2013 में पहली बार सफलता मिली. तब रैंक आई थी 790. आईआरएस में बतौर असिस्टेंट कमिश्नर जॉइन भी कर लिया. हैदराबाद में. पर इससे उनका मन नहीं भरा था. उनको बनना था आईएएस. तो तैयारी जारी रही. पर इसके बाद के अटेंप्ट में उनको सफलता नहीं मिली. 2017 में उनका आखिरी अटेंप्ट था, जिसमें उन्होंने ऑल इंडिया टॉप मार दिया. अनुदीप के पिता तेलंगाना नर्दर्न पॉवर डिस्ट्रीब्यूशन कम्पनी में असिस्टेंट डिवीज़नल इंजीनियर हैं. उनकी मां ज्योति हाउस वाइफ हैं. एक और बात अनुदीप सिर्फ पढ़ते ही नहीं रहते हैं. खेलते भी हैं. और जो खेल पसंद है, वो है फुटबॉल.

2. अनु कुमारी

ऑल इंडिया दूसरे नंबर पर और महिलाओं में टॉप पर रहने वाली अनु कुमारी हरियाणा के सोनीपत की रहने वाली हैं. ग्रैजुएशन दिल्ली यूनिवर्सिटी से फिजिक्स में बीएसएसी करते हुए किया है. फिर अनु ने एमबीए किया. आईएमटी नागपुर से. इसके बाद उनकी नौकरी लग गई. शादी भी हो गई. बेटा भी हो गया. 2016 में नौकरी के दौरान ही उन्होंने एक बार यूपीएससी का प्री एग्जाम दिया. इसमें वो मात्र एक नंबर से चूकीं. अनु को समझ आ गया कि वो इसे निकाल सकती हैं और वो जुट गईं. अनु ने इसके लिए अपने बेटे को डेढ़ साल तक खुद से दूर अपने माता-पिता के पास भेज दिया. खुद पुरखास गांव में अपनी मौसी के पास रहीं और वहीं तैयारी की और अपने दूसरे ही अटेंप्ट में यूपीएससी फोड़ दिया.

3. सचिन गुप्ता

तीसरा स्थान पाने वाले सचिन गुप्ता हरियाणा के सिरसा के रहने वाले हैं. उन्होंने पटियाला के थापर यूनिवर्सिटी से मकैनिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की. फिर गुरुग्राम में एक प्राइवेट कंपनी में उनकी नौकरी भी लग गई, पर उनका इरादा तो सिविल सर्वेंट बनने का था तो नौकरी छोड़ दी. यूपीएससी की तैयारी करने का फैसला किया. अपने पहले ही अटेंप्ट में 575वीं रैंक हासिल की. मगर उनका सपना तो आईएएस बनने का था तो नौकरी नहीं जॉइन की. पढ़ाई के घंटे और बढ़ा दिए. 18 घंटे पढ़ने लगे. नतीजा सामने है. दूसरे अटेंप्ट में देश में तीसरी रैंक.

सचिन गुप्ता तीसरे नंबर पर रहे.
सचिन गुप्ता तीसरे नंबर पर रहे.

4. अतुल प्रकाश 

अतुल प्रकाश बिहार के बक्सर के रहने वाले हैं. उनके पिता रेलवे में इंजीनियर थे तो उनकी पढ़ाई कई रेलवे स्कूलों में हुई. 12वीं के बाद अतुल ने आई़आईटी का एग्जाम निकाल दिया. आईआईटी दिल्ली पहुंचे. वहां से इंजिनियरिंग पूरी की. मगर तमाम इंजीनियरों की तरह उनका भी मन सिविल सर्विस में अटका था. दूसरे ही प्रयास में उन्होंने अपने इस मन की बात को पूरा कर दिया. वो भी देश में चौथे नंबर पर रहकर. इससे पहले उन्होंने 2017 में इंडियन रेलवे की नौकरी पा ली थी. फरवरी 2018 में जॉइन भी कर लिया था. पर अब तो साहब कलेक्टर बनेंगे.

अतुल चौथे नंबर पर रहे.
अतुल चौथे नंबर पर रहे.

5. प्रथम कौशिक

प्रथम हरियाणा के महेंद्रगढ़ के रहने वाले हैं. 2015 में चंडीगढ़ की पंजाब यूनिवर्सिटी से बीटेक किया. पर उनका भी इरादा आईएएस बनने का था. सो इंजीनियर बनने के तुरंत बाद तैयारी शुरू कर दी. 2016 में अपने पहले अटेंप्ट में वो असफल रहे. पर 2017 में दूसरे अटेंप्ट में उन्होंने झंडा गाड़ दिया. प्रथम के पिता नरेंद्र कौशिक कैथल जिले में उप आबकारी एवं कराधान आयुक्त के पद पर तैनात हैं.

हरियाणा के प्रथम पांचवें नंबर पर रहे.
हरियाणा के प्रथम पांचवें नंबर पर रहे.

476 हैं जनरल कैटिगरी से

खैर जो 990 स्टूडेंट्स सफल हुए हैं, उनमें जनरल कैटिगरी के 476, ओबीसी कैटिगरी के 275, एससी के 165 और एसटी के 74 स्टूडेंट हैं. टॉपर अनुदीप ओबीसी कैटिगरी के हैं. यह लगातार दूसरा मौका है, जब टॉपर इस कैटिगरी से है. इन 990 में 180 आईएएस के लिए चुने जाएंगे. बाकी इंडियन पुलिस सर्विस, इंडियन फॉरेन सर्विस के अलावा दूसरी ग्रेड ए सर्विस में चुने जाएंगे.


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