Submit your post

Follow Us

जब तुषार कपूर से लोगों ने कहा 'पार्टियों में झगड़ा करो', 'शाहरुख की कॉपी करो'

मई 2021 में तुषार कपूर के हिंदी फ़िल्म इंडस्ट्री में 20 साल पूरे हुए हैं. मई 2001 में ही उनकी पहली फ़िल्म सतीश कौशिक द्वारा निर्देशित ‘मुझे कुछ कहना है’ रिलीज़ हुई थी. इस मौके पर तुषार ने अपने इन्स्टाग्राम अकाउंट पर ‘मुझे कुछ कहना है’ का पोस्टर और फ़िल्म की टिकटें जो उन्होंने संभाल के रखी हैं डालते हुए लिखा,

20 साल ऊंचाइयों के… जिसने अहसास कराया कि अब तक की गई मेहनत ज़ाया नहीं गई और गहराइयों के जिन्होंने जीवन का पाठ सिखाया. ‘मुझे कुछ कहना है’ से ‘लक्ष्मी’ का सफ़र लंबा था. मगर ऐसा लगता है जैसे सफ़र मानो बस अभी शुरू हुआ है. मैं उन सबका शुक्रगुज़ार हूं जिन्होंने अपने दिल में मुझे जगह दी, प्यार दिया. मुझे कोई पछतावा नहीं है. अभी बहुत आगे जाना है.

तुषार ने फ़िल्मों में शुरुआत डेविड धवन को असिस्ट करके की थी. इसके बाद उन्हें सतीश कौशिक ने ‘मुझे कुछ कहना है’ ऑफर की. इस फ़िल्म में करीना कपूर के अपोज़िट तुषार डेब्यू कर रहे थे. अपनी पहली फ़िल्म के अनुभव के बारे में इंडियन एक्सप्रेस से बात करते हुए तुषार ने कहा,

“जब मुझे ‘मुझे कुछ कहना है’ ऑफर हुई थी उस वक़्त मुझे नहीं पता था कि मैं एक्टर बन पाउँगा या नहीं. लेकिन मैं बस कूद गया. इस करियर के बारे में मैंने कभी सोचा नहीं था. मैंने कभी नहीं सोचा था कि मैं फ़िल्म इंडस्ट्री में आऊँगा. मैं नौकरी करना चाहता था. इसलिए विदेश गया था अपनी पढ़ाई पूरी करने. मैं बहुत ही भाग्यशाली और शुक्रगुज़ार हूं कि मैंने सही करियर चुना. चीज़ें अपने आप सही होती गईं. शायद फ़िल्म की किस्मत में ही चलना लिखा था. सच कहूं तो हम सब पूरे तरीके से तैयार नहीं थे. सतीश जी को काफ़ी तजुर्बा था. लेकिन मैं बहुत नया और कच्चा था. करीना का भी ये पहला ग्लैमरस रोल था.”

करीना कपूर के अपोज़िट तुषार कपूर ने किया था डेब्यू .
करीना कपूर के अपोज़िट तुषार कपूर ने किया था डेब्यू .

करीना कपूर के साथ डेब्यू करने के बाद तुषार ने गोलमाल सीरीज़ की कई फिल्में करीना के साथ की हैं. बेबो के साथ काम करने के एक्सपीरियंस के बारे में तुषार कहते हैं,

“करीना और मैं आज बहुत अच्छे दोस्त हैं. लेकिन शुरुआत में हमारी पटरी नहीं खाती थी. उसे लगता था मैं घमंडी हूं. और मुझे लगता था कि वो बहुत रूड है. इसलिए हम एक दूसरे से दूर रहते थे. लेकिन जब काम की बात आती थी, वो हम बहुत अच्छे से करते थे. हमने गानों की शूटिंग के दौरान एक दूसरे से बातें करना शुरू किया था. वो बहुत मज़ेदार बातें करती है. शुरुआत में उसे देखकर लग सकता है कि वो बहुत रिजर्व्ड टाइप की इंसान है. लेकिन जब आप उसके साथ घुलमिल जाओगे तब आपको अहसास होगा कि वो चलता फिरता तूफ़ान है. मुझे आज भी याद है कैसे बतौर को-एक्टर उसने मुझे शूटिंग के पहले दिन कंफर्टेबल फ़ील कराया था. मेरे पेरेंट्स मुझे स्टूडियो में छोड़ कर चले गए थे. मैं एकदम अकेला और गुम सा महसूस कर रहा था. तब करीना ने मुझसे कहा था परेशान मत हो और ज़रूरत पड़े तो 50 टेक लो लेकिन शॉट एकदम सही दो. जब उसने ऐसा कहा तब मेरे मन से सारी शंका दूर हो गई.”

तुषार ने अपनी इस 20 साल की जर्नी में आए अप्स एंड डाउन के बारे में फ़िल्मफेयर से बात की. उन्होंने बताया कैसे लोग उन्हें बेतुकी सलाहें दिया करते थे. वो बताते हैं,

“अपने करियर की शुरुआत में मैं थोड़ा शांत टाइप का था. लोग मुझे एकदम अजीबो-गरीब सलाहें दिया करते थे. कोई कहता था ‘झगड़ा कर लो पार्टियों में’, ‘शाहरुख़ खान जैसा बर्ताव करो’ और पता नहीं क्या-क्या. वो सब कुछ बहुत फनी था. और बहुत डराने वाला भी. क्यूंकि मैं तो फ़िल्मी परिवार से आया था तब भी लोग मुझे ऐसी सलाहें दे रहे थे. मैं सोचता था उन बेचारों पे क्या गुज़रती होगी जो गैरफ़िल्मी परिवार से आए थे. अब वक़्त बदल गया है लेकिन उस वक़्त तो लोग चारों तरफ़ से फ्री का ज्ञान बांटते थे. ऐसे लोग आपको प्रोडक्शन ऑफिस और फ़िल्म सेट पर खूब मिलते हैं. इन लोगों से मिलकर आपको अपने ऊपर शंका होने लगती है. खैर वक़्त के साथ मैंने समझा अगर फ़िल्म अच्छी है और आप ने लगन के साथ काम किया है तो कोई आपके दिमाग के साथ नहीं खेल सकता.”

'Family man' के मेकर राज एंड डीके की फ़िल्म 'शोर इन द सिटी' में तुषार ने तिलक की शानदार भूमिका निभाई थी.
‘Family man’ के मेकर राज एंड डीके की फ़िल्म ‘शोर इन द सिटी’ में तुषार ने तिलक की शानदार भूमिका निभाई थी.

तुषार के करियर की शुरुआत तो ज़बरदस्त हुई थी लेकिन उसके बाद वो अपनी डेब्यू फ़िल्म की सफ़लता को दोहराने में नाकाम हो रहे थे. उनकी ‘जीना सिर्फ़ मेरे लिए’,’ये दिल’,’गायब’ जैसी फिल्में एक के बाद एक बॉक्सऑफिस पर डूब रहीं थीं. इन लगातार आती फ्लॉप्स के पीछे का कारण बताते हुए तुषार ने कहा,

“मुझे इस बात का कोई पछतावा नहीं है. हां शायद मुझे शुरूआत में कुछ फिल्में नहीं करनी चाहिए थीं, स्टार्टिंग में कई फिल्में मुझे मजबूरन करनी पड़ीं. मुझे ये समझ जाना चाहिए था कि फ़िल्मों को मना करने में कोई बुराई नहीं है. मुझे किसी को मना करने में बुरा लगता था. कुछ मायनों में मुझे अपने कदम पीछे ले लेने चाहिए थे. सिर्फ इस बात का थोड़ा पछतावा है. शायद मुझे करियर की शुरुआत में ज्यादा प्रमोशन करना चाहिए था. मैं मार्केटिंग के साथ उतना अच्छा नहीं था. मैं मीडिया को देख कर शर्मा कर भाग जाया करता था. जो मुझे नहीं करना चाहिए था. उस वक़्त बहुत मौके थे. लेकिन मैं सबको मना कर देता था. मैं कहता था ‘नहीं यार मुझे मीडिया के सामने नहीं आना’. लेकिन धीरे-धीरे मैंने फ़िल्म प्रमोशन में जाना शुरू किया. मुझे करियर की शुरुआत में ज्यादा पीआर करना चाहिए था.”

अब तुषार कपूर एक बच्चे के पिता हैं. अब वो एक्टिंग के साथ-साथ फ़िल्में और वेब शोज़ प्रोड्यूस भी करने लगे हैं.


ये स्टोरी दी लल्लनटॉप में इंटर्नशिप कर रहे शुभम ने लिखी है.


वीडियो:सोमी अली, जिन्होंने सलमान खान की ‘मैंने प्यार किया’ देखकर उनसे शादी करने का फैसला कर लिया

लगातार लल्लनटॉप खबरों की सप्लाई के लिए फेसबुक पर लाइक करें

टॉप खबर

वो तस्वीर जिसमें पहलवान सुशील कुमार खुद सागर को पीटते दिख रहे हैं

'स्टेडियम में मारपीट के दौरान गैंगस्टर के भाई को पेशाब पिलाने की भी कोशिश हुई थी'.

सरकार के नए नियमों पर कोर्ट पहुंचा वॉट्सऐप, कहा- निर्दोष इंसान जेल जा सकता है

इस पर सरकार ने भी जवाब दिया है.

किस संस्था ने रामदेव के खिलाफ एक हजार करोड़ की मानहानि का केस करने की बात कही है?

इससे बचने के लिए बाबा को क्या करने की सलाह दी है?

ओडिशा पहुंचा तूफान 'यास', पटरियों से बांधने पड़े ट्रेन के पहिए

पश्चिम बंगाल से लेकर झारखंड हाई अलर्ट पर हैं.

सागर हत्याकांड: सुशील कुमार का साथ देने के आरोप में बवाना गैंग के चार मेंबर गिरफ्तार

सागर की हत्या के आरोप में पुलिस सुशील कुमार को पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है.

भारत में 26 मई से फेसबुक और ट्विटर जैसे ऐप बंद हो जाएंगे?

क्या हैं भारत सरकार के नए नियम, जिन्हें कंपनियों ने अब तक नहीं माना?

हत्यारोपी पहलवान सुशील कुमार से मेडल्स और अवॉर्ड्स छीने जा सकते हैं, क्या कहते हैं नियम?

पद्म श्री, खेल रत्न और अर्जुन अवॉर्ड के अलावा सुशील कुमार के नाम तमाम मेडल भी हैं.

कौन हैं डॉ.जयेश लेले, जिन्होंने बीच डिबेट में ही रामदेव को शटअप बोल दिया?

एलोपैथी बनाम आयुर्वेद को लेकर डॉक्टर और बाबा के बीच हुई तीखी बहस.

रामदेव ने वापस लिया एलोपैथी के विरोध वाला बयान, कहा- वॉट्सऐप मैसेज पढ़कर बोल दिया था

रामदेव ने बयान पर खेद जताया लेकिन एलोपैथी डॉक्टरों को एक नसीहत भी दे डाली.

यूपी: EWS कोटे से बेसिक शिक्षा मंत्री सतीश द्विवेदी के भाई बने असिस्टेंट प्रोफेसर

विपक्षी पार्टियों ने उठाए सवाल.