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तबरेज़ की हत्या के 11 आरोपी कौन हैं, क्या करते हैं?

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झारखंड में भीड़ के हाथों जबरन ‘जय श्री राम’ और ‘जय हनुमान’ बुलवाकर पीटे गए तबरेज़ अंसारी का नाम नरेंद्र मोदी ने संसद में लिया. अब इस केस के आरोपियों से जुड़ी खबर आई है. जिन 11 लोगों को पकड़ा है पुलिस ने, उनमें से कुछ दिहाड़ी मज़दूर हैं. कुछ काम की तलाश कर रहे हैं. कुछ बेरोज़गार हैं. एक किसान है. और है एक रेलवे में गैंगमैन. कुछ 10वीं तक पढ़े हैं, कुछ उतना भी नहीं पढ़े.

इंडियन एक्सप्रेस में अभिषेक अंगद की बायलाइन से ख़बर छपी है. इन्होंने पकड़े गए 11 आरोपियों के परिवारवालों से बात की है. इसके मुताबिक, केवल पांच आरोपी 10वीं पास है. ग्यारहों आरोपियों की जानकारी यूं रही-

1. प्रकाश उर्फ़ पप्पू मंडल, उम्र 28 बरस- सबसे पहले इसे ही अरेस्ट किया गया. पुलिस के मुताबिक, उसका नाम दर्ज़ करवाया गया था शिकायत में. उसकी एक फेसबुक पोस्ट में उसने बीजेपी का गमछा पहना हुआ है. स्थानीय लोगों का कहना है कि वो ‘अर्जुन मुंडा’ की पार्टी से है. मगर सरायकेला के SP कार्तिक एस का कहना है कि अरेस्ट किए गए किसी आरोपी का किसी राजनैतिक पार्टी या संगठन से कोई संबंध नहीं है.

आरोपी पप्पू मंडल की ये तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है. इस तस्वीर की पुष्टि आजतक से जुड़े स्थानीय पत्रकार नीरज तिवारी ने की है.
आरोपी पप्पू मंडल की ये तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है. इस तस्वीर की पुष्टि आजतक से जुड़े स्थानीय पत्रकार नीरज तिवारी ने की है.

2. कमल महतो, 48 बरस- तबरेज के खिलाफ जो चोरी की शिकायत थी, वो इसी ने लिखवाई है. कमल ने 10वीं तक पढ़ाई की है. वो रेलवे में गैंगमैन है. गांव में जो गिने-चुने पक्के घर हैं, उनमें से एक कमल का है. उसकी बेटी मोनिका ग्रेजुएशन कर रही है. मोनिका के मुताबिक, उन लोगों ने तो बस चोर को देखा और शोर मचाया.

3. सुमंत महतो, 24 बरस- ये कमल महतो का बेटा है. पुलिस के मुताबिक, सबसे पहले सुमंत ही ‘चोर-चोर’ चिल्लाया था. सुमंत ने पिछले साल ITI का कोर्स पूरा किया. उसकी नौकरी अभी लगी नहीं है. घरवालों का कहना है कि जल्द ही उसकी पक्की सरकारी नौकरी लगने वाली है.

4. प्रेमचंद माहली, 21 बरस- पुलिस के मुताबिक, वारदात वाली जगह पर प्रेमचंद भी मौजूद था. इसने 10वीं तक पढ़ाई की हुई है. वो सीमेंट के एक कारखाने में मज़दूरी करता है. माता-पिता बांस की टोकरियां बनाकर बेचते हैं.

5. सोनाराम माहली, 31 बरस- प्रेमचंद का चचेरा भाई है सोनाराम. दिहाड़ी मज़दूरी करता है. पड़ोसी के मुताबिक, उसने 10वीं तक भी पढ़ाई नहीं की. पड़ोसी का कहना है कि सोनाराम गांव में नहीं था, तो पुलिस उसके पिता कुशल माहली को पकड़कर ले गई. SP का कहना है कि उन्हें इस बात की जानकारी नहीं है.

6. सत्यराम नायक, 55 बरस- दिहाड़ी मज़दूर. लोगों के घरों में रंगाई-पुताई का काम करके दिन के 100-150 कमा लेता है. कच्चा घर है. परिवार का कहना है कि पांचवीं के बाद पढ़ाई नहीं हुई सत्यराम की. पत्नी सरस्वती देवी का कहना है कि कुछ दिनों पहले उनकी बेटी गुजर गई. सरस्वती देवी के मुताबिक, ‘मेरी बेटी का बच्चा है. हम ही उसकी परवरिश करते हैं. मेरे पति की आमदनी से घर चलता है. अब वो जेल में हैं, तो मेरा कोई सहारा नहीं. 18 जून को वारदात वाली जगह पर थे मेरे पति, मगर उन्होंने किसी को पीटा नहीं था.’

7. मदन नायक, 30 बरस- सत्यनारायण का भतीजा है मदन. 5वीं के बाद इसकी भी पढ़ाई नहीं हुई. कुछ दिनों पहले तक सीमेंट कारखाने में काम करता था. बेटे प्रकाश का कहना है कि उसके पिता वारदात वाली जगह पर मौजूद तो थे, मगर उन उन्होंने किसी के साथ मारपीट नहीं की.

8. भीम मंडल, 45 बरस- स्थानीय बाज़ार में आलू पेटीज़ और पकौड़े बेचता है. 5वीं तक पढ़ा है. पत्नी नंदिनी के मुताबिक, ‘हम सुबह पांच बजे सोकर उठे, तब हमें इस घटना के बारे में मालूम चला. तब जाकर मेरे पति वहां गए थे.’

9. महेश माली, 28 बरस- 10वीं तक पढ़ा है. मां का कहना है कि कोई कोर्स करने रांची गया था. काम भी करता था वहां. फिर घर लौट आया. मां के मुताबिक, महेश ही पूरे घर का खर्च चलाता है. कि वो 18 जून को बस ये देखने वारदात वाली जगह गया था कि वहां हो क्या रहा है.

10. सोनामु प्रधान, 23 बरस- वारदात वाले दिन के बाद से सोनामु का परिवार गांव में दिखाई नहीं दिया है. गांववालों के मुताबिक, सोनामु ने 10वीं तक पढ़ाई की हुई है. शादी नहीं हुई अभी. उसने हाल ही में खेती-किसानी के लिए एक ट्रैक्टर खरीदा था. एक सेकेंड-हैंड बोलेरो भी है सोनामु के पास.

11. चामू नायक, 40 साल- खेती लायक थोड़ी सी ज़मीन है. तीन बेटे हैं. पत्नी सारथी देवी बताती हैं कि चामू 10वीं पास भी नहीं है. उनका कहना है कि न तो चामू घटना वाली जगह पर मौजूद था और न ही उसने किसी पर हमला किया.

18 जून को कथित चोरी के शक में एक भीड़ ने तबरेज को पकड़ा था. फिर उसे एक बिजली के खंभे से बांधकर जबरन उससे ‘जय श्री राम’ और ‘जय हनुमान’ बुलवाया. उसकी खूब पिटाई की. फिर उसको पुलिस के हवाले कर दिया गया. पुलिस ने तबरेज को न्यायिक हिरासत में भेज दिया. घटना के तीसरे दिन, यानी 21 जून को तबरेज ने तबीयत खराब होने की शिकायत की. उसे अस्पताल ले जाया गया. मगर डॉक्टर उसे बचा नहीं सके.

तबरेज की मौत के बाद ये मामला बड़ा हुआ. भीड़ के हाथों उसे पीटे जाने का वीडियो वायरल हो चुका था. इसके बाद जाकर 23 जून को पुलिस ने 11 लोगों को गिरफ़्तार किया. इस घटना में दो पुलिसकर्मी भी सस्पेंड किए गए हैं. पुलिस के स्तर पर इतनी बड़ी लापरवाही की गई कि जब भीड़ ने तबरेज को पुलिस के हवाले किया, उसके बाद दर्ज़ किए गए तबरेज के बचान में मारपीट का ज़िक्र नहीं था. खबरों के मुताबिक, पुलिस ने तबरेज से कथित चोरी का कबूलनामा तो दर्ज़ करवा लिया. मगर उसके साथ हुई लिंचिंग का जिक्र नहीं था. जबकि जो कुछ तस्वीरें आई हैं सामने, उसमें तबरेज काफी जख़्मी हालत में दिखता है. ऐसे में ये बात भी आ रही है कि अगर पुलिस ने सही समय पर उसका इलाज करवाया होता, तो तबरेज की जान बच सकती थी.


खबर में प्रयुक्त की गईं पप्पू मंडल की तस्वीरें फेसबुक में वायरल हो रहीं है, इनकी सत्यता की पुष्टि आज तक के पत्रकार नीरज तिवारी ने की है. 


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