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राहुल बजाज को मोदी के मंत्रियों ने घेरना शुरू कर दिया है

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श्री राहुल बजाज द्वारा उठाए गए मसलों का किस तरह जवाब दिया गया, ये बता रहे हैं गृहमंत्री अमित शाह. सवालों और आलोचनाओं का जवाब दिया जाता है. उन्हें सुना जाता है, जगह दी जाती है. सवालों का जवाब मांगना हमेशा ही बेहतर तरीका होता है, बजाय इसके कि आपको क्या लगता है उसे फैलाएं. अगर इस चीज को ज़्यादा प्रश्रय मिला, तो ये राष्ट्रीय हितों का नुकसान हो सकता है.

ये ट्वीट वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण का है. 1 दिसंबर की शाम उन्होंने राहुल बजाज द्वारा उठाए गए सवालों के संदर्भ में ये ट्वीट किया. सीतारमण के कहे का हिंट ये है कि सीधे-सीधे सवाल पूछिए. अपना पूर्वाग्रह मत थोपिए. वरना ये आदत अगर फैली, मेनस्ट्रीम हुई, तो देश को नुकसान होगा.

राहुल बजाज ने कहा क्या था?
30 नवंबर की शाम ‘इकॉनमिक टाइम्स’ (ET) के एक प्रोग्राम में अमित शाह, निर्मला सीतारमण और पीयूष गोयल पहुंचे हुए थे. इसी कार्यक्रम में उद्योगपति राहुल बजाज ने इन मंत्रियों को संबोधित करते हुए कुछ सवाल उठाए. इनमें कई मुद्दे शामिल थे. मसलन, भोपाल से BJP सांसद प्रज्ञा ठाकुर का नाथूराम गोडसे को देशभक्त कहना. देश में आएदिन हो रही लिंचिंग की वारदातें. असहिष्णुता का माहौल. बजाज का कहना था कि लोग सरकार की आलोचना करने, उसके कामकाज पर सवाल करने से डर रहे हैं. बजाज ने कहा था-

हमारे उद्योगपति दोस्त कुछ नहीं कहेंगे. मैं खुलकर कह रहा हूं. जब UPA-II सरकार थी, तो हम खुलकर किसी की भी आलोचना कर सकते थे. आप लोग अच्छा काम कर रहे हैं. मगर इसके बावजूद हमें ये भरोसा नहीं कि अगर हम खुलेआम आपकी आलोचना करते हैं, तो ये चीज आपको पसंद आएगी. मैं अभी बोल रहा हूं और इंडस्ट्री के हमारे कुछ लोग हंस रहे हैं. सोच रहे हैं, देखो चढ़ गया ये सूली पर.

हरदीप सिंह पुरी ने क्या लिखा?
बजाज की इन बातों का क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल है. उनका नाम ट्रेंड हो रहा है. कुछ लोग सरकार से सवाल करने पर उनकी वाहवाही कर रहे हैं. कुछ आलोचना कर रहे हैं. कुछ उनके ऊपर सवाल खड़े कर रहे हैं. BJP के भी कई नेताओं और मंत्रियों के ट्वीट आए. शहरी मामलों और नागरिक उड्डयन मामलों के मंत्री हरदीप सिंह पुरी का भी ट्वीट आया. उन्होंने लिखा-

राहुल बजाज अमित शाह के सामने खड़े होकर निडरता से अपनी बात कह सकते हैं और बाकियों से भी अपने साथ आने की अपील कर सकते हैं, इससे साबित होता है कि भारत में अभिव्यक्ति की आज़ादी बरकरार है. लोकतांत्रिक मूल्य ज़िंदा हैं और फल-फूल रहे हैं. यही तो लोकतंत्र है.

हरदीप सिंह पुरी का एक और ट्वीट आया. इसमें तल्खी थी. बिना नाम लिए राहुल बजाज के दावे को फर्ज़ी कहा गया था. इस ट्वीट में लिखा था-

दुनिया में कई ऐसे समाज हैं, जिन्हें डराकर उनपर हुकूमत की जाती है. मगर ऐसा समाज जहां नागरिक फर्ज़ी बातें गढ़ते हैं, सरकार को फटकारते हैं, उसके बारे में ये कतई नहीं कहा जा सकता कि वहां डर का माहौल है. बल्कि ये ऐसा समाज है, जहां अनुशासनहीनता की अच्छी-खासी मौजूदगी है.

पीयूष गोयल का भी ट्वीट आया राहुल बजाज पर
वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल का भी ट्वीट आया. उन्होंने एक क्लिप शेयर करते हुए लिखा-

राहुल बजाज के इस दावे पर कि लोग अपनी बात खुलकर कहने से डर रहे हैं, अमित शाह क्या जवाब दे रहे हैं ये देखिए. वो कह रहे हैं- मुझे शंका है कि आपका सवाल सुनने के बाद भी किसी को ये यकीन होगा कि लोग डरे हुए हैं.

…और अमित मालवीय तो हैं ही हैं
सीतारमण के ट्वीट में राष्ट्रीय हितों का हवाल दिया जाना. और, पीयूष गोयल और हरदीप सिंह का भी घूम-फिरकर राहुल बजाज पर सवाल करना. इनमें पलटवार तो है, लेकिन कुछ संयत तरीके से. मगर BJP IT सेल के मुखिया अमित मालवीय ज़्यादा हमलावर रहे. उन्होंने राहुल बजाज के राजनैतिक झुकाव पर सवाल खड़ा किया. राहुल गांधी से जुड़ा उनका एक पुराना बयान निकालकर लाए और इसका हवाला देते हुए उनके द्वारा उठाए गए मसलों की मंशा पर सवाल खड़ा किया. आप उनका ट्वीट देखिए-


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