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यूक्रेन ने स्कूटर की मदद से रूस के परमाणु हथियारों के प्रमुख को मार दिया

इगोर किरिलोव, रूस की न्यूक्लियर, बायोलॉजिकल और केमिकल डिफेंस फोर्सेज (NBC) के प्रमुख थे. BBC की रिपोर्ट के मुताबिक इगोर किरिलोव की मौत मॉस्को के ‘Ryazansky Avenue’ स्थित एक रिहायशी इमारत के पास हुई.

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17 दिसंबर 2024 (पब्लिश्ड: 11:22 PM IST)
Russian General Killed in Moscow
यूक्रेन के हमले में मारे गए रूस के लेफ्टिनेंट जनरल इगोर किरिलोव (तस्वीर : Russian Embassy in India)
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रूस की राजधानी मॉस्को में 17 दिसंबर की सुबह एक बड़ा धमाका हुआ जिसमें रूस के लेफ्टिनेंट जनरल इगोर किरिलोव (Igor Kirillov) की मौत हो गई. यूक्रेन की SBU सिक्योरिटी सर्विस ने इस हमले की जिम्मेदारी ली. रिपोर्ट्स के मुताबिक इगोर किरिलोव काफी समय से SUB के निशाने पर थे. उन पर ‘युद्ध अपराध’ के आरोप थे.

इगोर किरिलोव, रूस की न्यूक्लियर, बायोलॉजिकल और केमिकल डिफेंस फोर्सेज (NBC) के प्रमुख थे. BBC की रिपोर्ट के मुताबिक इगोर किरिलोव की मौत मॉस्को के ‘Ryazansky Avenue’ स्थित एक रिहायशी इमारत के पास हुई.

कैसे हुआ हमला?

रूसी सरकार की इन्वेस्टिगेटिव कमिटी ने हमले की जानकारी दी. उसके मुताबिक एक स्कूटर में छिपे विस्फोटक उपकरण (IED) को रिमोट से उड़ा दिया गया. इस धमाके में किरिलोव और उनके एक सहायक की मौके पर ही मौत हो गई.

धमाके के बाद की तस्वीरों में इमारत की टूटी हुई खिड़कियां, दीवारों पर जलने के निशान और सड़क पर बॉडी बैग्स दिखाई दिए. विस्फोट की ताकत 300 ग्राम TNT के बराबर बताई जा रही है. फॉरेंसिक टीम और बम निरोधक दस्ते ने पूरे इलाके को घेरकर जांच शुरू कर दी है.

बीबीसी ने विशेषज्ञों के हवाले से बताया है कि घटनास्थल की तस्वीरों को देखने से अनुमान है कि विस्फोट एक इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (IED) के जरिये किया गया था. इस तरह की विस्फोटक डिवाइस में आमतौर पर कील या कांच जैसे आसानी से मिलने वाले कोम्पोनेंट्स मिलाए जाते हैं.

किरिलोव पर आरोप

यूक्रेन की SBU ने किरिलोव पर बैन किए गए केमिकल हथियारों के इस्तेमाल का आरोप लगाया था. उसके मुताबिक किरिलोव के नेतृत्व में रूस ने ‘4,800 बार केमिकल हथियारों का प्रयोग’ किया. SBU का दावा है, “रूसी सेना ने ड्रोन का इस्तेमाल कर यूक्रेनी सैनिकों पर रासायनिक हथियार गिराए. इन हमलों के चलते 2,000 से अधिक यूक्रेनी सैनिकों और कर्मचारियों का अस्पताल में इलाज किया गया है और तीन लोगों की मौत हो गई.”

केमिकल हथियारों के आरोप पर ही अक्टूबर 2024 में ब्रिटेन ने रूस पर आर्थिक प्रतिबंध और यात्रा प्रतिबंध लगाए थे. वहीं मई में अमेरिका ने रूस पर ‘chloropicrin’ जैसे जहरीले गैसों का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया था, जो अंतरराष्ट्रीय नियमों का उल्लंघन है. हालांकि क्रेमलिन उन आरोपों को हमेशा से नकारता आया है.

वहीं किरिलोव की मौत पर ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टारमर के प्रवक्ता ने कहा,

“हम ऐसे व्यक्ति की मौत पर शोक नहीं मनाएंगे जिसने अवैध युद्ध और निर्दोषों पर अत्याचार किया.” 

यूक्रेन का रूसी अधिकारियों पर निशाना

BBC की रिपोर्ट के मुताबिक मॉस्को में इस तरह के हमले बहुत कम होते हैं. यह घटना दिखाती है कि यूक्रेन अब रूस के अंदर तक पहुंच चुका है. मॉस्को के लिए यह एक बड़ा झटका है क्योंकि वहां के लोग अब तक युद्ध को टीवी और मोबाइल पर ही देखते आए थे.

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पिछले कुछ हफ्तों से यूक्रेन, रूसी अधिकारियों को निशाना बना रहा है. बीते हफ्ते ही एक प्रमुख रूसी हथियार विशेषज्ञ मिखाइल शाटस्की मॉस्को में मारे गए थे. इसी तरह कार बम धमाकों से रूसी नौसेना के अधिकारी वैलेरी ट्रांकोवस्की और जेल प्रमुख सेर्गेई येवस्युकोव हाल ही में मारे गए.

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