43 दिन चली शादी, लेकिन तलाक लेने में लग गए 22 साल, सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा डॉक्टर कपल का केस
साल 2005 में कोर्ट ने कपल को रीकंसिलिएशन के लिए 20 दिन साथ रहने का आदेश दिया था. लेकिन दोनों के रिश्ते में कोई सुधार नहीं हुआ.

सुप्रीम कोर्ट ने एक ऐसे कपल को तलाक़ लेने की मंजूरी दी है, जिनकी शादी केवल 43 दिन चली, लेकिन तलाक़ लेने में 22 साल लग गए. कोर्ट ने यह फैसला स्पेशल आर्टिकल 142 के तहत सुनाया है. कपल की शादी फरवरी 2002 में हुई थी. लेकिन 17 मार्च से ही दोनों अलग रहने लग गए थे. साल 2005 में कोर्ट ने कपल को रीकंसिलिएशन के लिए 20 दिन साथ रहने का आदेश दिया था. लेकिन दोनों के रिश्ते में कोई सुधार नहीं हुआ.
अब इस मामले में बीती 10 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा की पीठ ने कहा,
गुजारा भत्ता नहीं मिलेगाइंडिया टुडे से जुड़ीं कनु सारदा की रिपोर्ट के मुताबिक़ पति-पत्नी दोनों मेडिकल प्रोफेशन में हैं. फैसले में कोर्ट ने आगे कहा कि उनके सामने कपल की कमाई एक समान ही है. कोर्ट ने कहा,
रिपोर्ट के मुताबिक़ पत्नी ने अपनी दलील में कहा था कि वो साथ रहना चाहती है. क्योंकि वह शादी की पवित्रता में विश्वास करती है. इस पर कोर्ट ने कहा,
पीठ ने अपने फैसले में आगे कहा,
रिपोर्ट के मुताबिक़ दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के खिलाफ कई कानूनी लड़ाइयां लड़ी हैं. 2002 से ही उनके खिलाफ छह मामले दर्ज किए जा चुके हैं.
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