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जावेद अख्तर ने अब जो कहा है, हिंदू-मुस्लिम दोनों कट्टरपंथी उनके पीछे पड़ जाएंगे!

जावेद अख्तर ने कहा कि हिंदू धर्म विविधता का सम्मान करना सिखाता है. उन्होंने कहा कि आज समाज में असहिष्णुता बढ़ गई है.

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10 नवंबर 2023 (अपडेटेड: 10 नवंबर 2023, 03:16 PM IST)
javed akhter chants jai siya ram
शिवाजी पार्क में बोलते जावेद अख्तर (तस्वीर साभार: इंडिया टुडे)
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महाराष्ट्र में एक कार्यक्रम के दौरान स्क्रीन राइटर और गीतकार जावेद अख्तर (Javed Akhtar) ने ‘जय सिया राम’ के नारे लगाए. उन्होंने वहां मौजूद लोगो से भी नारे लगवाए. दीवाली के मौके पर महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना की ओर से शिवाजी पार्क में दीपोत्सव कार्यक्रम का आयोजन किया गया था. यहां गीतकार जावेद अख्तर भी पहुंचे थे. उन्होंने भगवान राम और सीता को भारत की सांस्कृतिक विरासत बताया है. इस कार्यक्रम में राज ठाकरे भी मौजूद थे.

जावेद ने सामने खड़ी भीड़ से तीन बार 'जय सिया राम' का नारा दोहराने को कहा. सबने दोहराया भी. इसके बाद उन्होंने कहा कि आज से जय सिया राम ही कहिएगा. जावेद अख्तर ने आगे कहा,

"हमने तो हिंदुओं से ही जीना सीखा है, अगर उनकी सहिष्णुता खत्म हुई, तो वे दूसरों की तरह हो जाएंगे"

उन्होंने कहा,

"हमारी संस्कृति में कृष्ण जी की भी खूब महिमा है, लेकिन जब भी हम आइडियल मर्यादा पुरुषोत्तम और आइडियल वाइफ के बारे में बात करते हैं तो फिर राम और सीता ही ध्यान में आते हैं."

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उन्होंने फिल्म शोले का जिक्र करते हुए कहा,

"अगर आज शोले फिल्म बनती तो मंदिर में हेमा मालिनी और धर्मेंद्र के डायलॉग्स पर बवाल मच जाता. आज समाज में असहिष्णुता बढ़ गई है. ये अच्छी बात नही है."

कार्यक्रम के दौरान रितेश देशमुख, जावेद अख्तर और सलीम खान (तस्वीर साभार: इंडिया टुडे)

गीतकार जावेद अख्तर ने भारत की विविधता का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत में हमेशा ये माना गया कि लोग एक-दूसरे से अलग सोच रख सकते हैं. उन्होंने कहा,

"कोई मूर्ति पूजा करे तो भी हिंदू, ना करे तो भी हिंदू."

इस कार्यक्रम में जावेद ने इस बात पर जोर दिया कि हिंदू धर्म विविधता का सम्मान करना सिखाता है. उन्होंने कहा कि हिंदू संस्कृती ने हमें लोकतांत्रिक गुण सिखाए हैं, इसीलिए इस देश में लोकतंत्र है.

उन्होंने कहा,

"ये सोचना कि हम सही हैं और बाकी सब गलत हैं. ये हिंदू काम नहीं है. जो आपको ऐसा सिखाए वो गलत है."

असहिष्णुता पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि हिंदू असहिष्णु नही थे. हिंदुओं ने लगातार अपने दिल को बड़ा किया और उनकी विशालता ही उनकी खूबी रही है. कार्यक्रम में स्क्रीन राइटर सलीम खान और अभिनेता रितेश देशमुख भी उपस्थित थे.

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