10 साल पहले भारतीय टीम मलेशिया गई थी. वर्ल्डकप खेलने. अंडर 19 वर्ल्डकप. तब टीमकी कमान थी विराट कोहली के हाथ में. और टीम झंडा गाड़ के लौटी थी. वर्ल्ड चैंपियनबनकर. अब एक बार फिर अंडर 19 वर्ल्ड कप हो रहा है. न्यूजीलैंड में. इस बार टीम कीकमान है मुंबई के पृथ्वी शॉ के हाथ में. 14 जनवरी को टीम का पहला मैच भी है. वो भीऑस्ट्रेलिया से. मैच का रिजल्ट तो शाम तक पता चलेगा. उससे पहले ये जान लीजिए कि2008 की चैंपियन टीम में विराट के जो योद्धा थे, वो अभी कहां हैं और क्या कर रहेहैं-1.विराट कोहलीपहले बात स्वयं विराट कोहली की. 2008 में ही वर्ल्डकप जीतकर उन्होंने बता दिया थाकि वो जंगल के शेर हैं. छोटे मोटे शिकार नहीं करेंगे. लौटते ही उनको आईपीएल की टीमरॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरू ने लपक लिया. अगस्त में ही वो भारतीय टीम में आ गए. फिरजाबड़ खेल दिखाकर टीम में अपनी जगह पक्की कर ली. 2011 वर्ल्डकप खेलने गए. और अब टीमके कप्तान हैं. उनकी कप्तानी में टीम लगातार झंडे गाड़ रही है. खुद 50 से ज्यादासेंचुरी मार चुके हैं. और उनकी गिनती दुनिया के सर्वश्रेष्ठ क्रिकेटरों में होतीहै.2. रवींद्र जडेजा2008 अंडर 19 वर्ल्डकप से पहले रवींद्र 2006 की टीम का भी हिस्सा थे. जिसमें भारतीयटीम को फाइनल में पाकिस्तान के हाथों हार मिली थी. 2008 में उन्हें फिर टीम में जगहमिली और वो भारत के लिए टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले खिलाड़ी रहे.उनके ऑलराउंड प्रदर्शन से टीम को चैंपियन बनने में खूब मदद मिली. 2008 के आईपीएलमें उन्हें भी राजस्थान रॉयल्स की टीम में जगह मिली. टीम चैंपियन बनी. 2009 मेंउन्हें टी-20 टीम में भी जगह मिली. मगर उन्होंने अपनी छाप 2011 में छोड़ी. जिसकेबाद उन्हें वनडे और टेस्ट दोनों टीमों में खेलने का मौका मिला और वो जम गए. उनकी औरअश्विन की स्पिन जोड़ी हिट है.3. मनीष पांडेमनीष पांडे पहली बार सबकी नजर में 2009 में आए, जब वो आईपीएल में सेंचुरी मारनेवाले पहले भारतीय खिलाड़ी बने. आईपीएल में उनका प्रदर्शन अच्छा चलता रहा. घरेलूक्रिकेट में भी कर्नाटक के लिए वे टॉप परफॉर्मर रहे, जिसकी बदौलत कर्नाटक ने लगातारदो साल 2013-14 और 2014-15 में रणजी ट्रॉफी जीती. इंडिया-ए के लिए भी वो अच्छाप्रदर्शन करते रहे. इसका नतीजा ये रहा कि 2015-16 में उन्हें भारत की वनडे टीम मेंजगह मिली. हालांकि पांडे जी का मामला थोड़ा इन-आउट वाला है. वो भारतीय टीम मेंआते-जाते रहते हैं.4. सौरभ तिवारीये लड़का जब मैदान में पहली बार देखने को मिला तो लगा ये धोनी कहां से आ गया. वजहथी इनके लंबे बाल. हालांकि धोनी बाल से ही नहीं, बल्ले से भी होना पड़ता है. सौरभसबकी नजर में 2010 में आए, जब मुंबई के लिए उन्होंने कई अच्छी पारियां खेलीं और टीमफाइनल में पहुंची. इसका नतीजा ये रहा कि उन्हें 2010 में टीम इंडिया में जगह मिली.उन्होंने 3 वनडे मैच खेले. मगर कुछ खास नहीं कर पाए. इसके बाद से उन्हें फिर कभीटीम में वापसी का मौका नहीं मिला. घरेलू क्रिकेट में हालांकि वो झारखंड के लिएअच्छा खेल रहे हैं. ये उनका 47 का एवरेज बताता है.5. सिद्धार्थ कौलफास्ट बॉलर सिद्धार्थ कौल को अंडर 19 वर्ल्डकप के बाद पंजाब की धरेलू टीम में जगहमिल गई थी. वो उसके लिए लगातार अच्छा खेलते रहे हैं. 2017 में श्रीलंका के खिलाफटी20 सीरीज में उन्हें टीम इंडिया में भी जगह मिली. इसकी मेन वजह आईपीएल मेंसनराइजर्स हैदराबाद के लिए उनका अच्छा प्रदर्शन था. घरेलू क्रिकट में उनकी गिनतीदेश के सबसे अच्छे बॉलरों में होती है. हालांकि टीम इंडिया में वो अपनी जगह नहींबना पाए.6.अभिनव मुकुंदअभिनव की गिनती घरेलू क्रिकेट के सबसे धाकड़ ओपनरों में होती है. 2008 के वर्ल्डकपमें हालांकि वो कुछ खास नहीं कर पाए थे. मगर इसी साल रणजी ट्रॉफी में महाराष्ट्र केखिलाफ ट्रिपल सेंचुरी मारकर वो सेलेक्टर्स की नजरों में आ गए थे. उन्हें तुरंतइंडिया-ए में जगह मिली. 2011 में कोहली के साथ ही उन्हें टेस्ट क्रिकेट में टीमइंडिया का सदस्य बनने का मौका मिला. हालांकि 5 टेस्ट मैचों के बाद ही उन्हें बाहरकर दिया गया. इसके बाद उन्हें सीधा 2017 में टीम में आने का मौका मिला. वो भी मुरलीविजय और केएल राहुल के चोटिल होने पर. उन्हें आमतौर पर टेस्ट का ही खिलाड़ी मानाजाता है. टी 20 क्रिकेट में वो कभी कुछ खास नहीं कर पाए.7. तन्मय श्रीवास्तव2008 वर्ल्डकप में तन्मय सबसे बड़े बल्लेबाज बनकर उभरे थे. टूर्नामेंट में सबसेज्यादा रन तन्मय ने ही बनाए थे. उस वक्त इस खिलाड़ी की गूंज पूरे देश में थी. 2006में चैलेंजर ट्रॉफी में तन्मय ने सचिन तेंदुलकर के साथ ओपनिंग भी की थी. उन्हेंतुरंत उत्तर प्रदेश की टीम में भी जगह मिल गई थी. यहां अपने बेहतरीन खेल सेउन्होंने अपनी जगह लोहा कर ली थी. 2016 के बाद से हालांकि वो क्रिकेट नहीं खेल रहेहैं. इसके साथ ही आईपीएल में भी उनका प्रदर्शन कोई खास नहीं रहा है.8. इकबाल अब्दुल्लाहअंडर 19 वर्ल्डकप में जाने से पहले लेफ्ट आर्म स्पिनर इकबाल मुंबई के लिए खेल चुकेथे. वर्ल्डकप में उन्होंने गेंद और बल्ले दोनों के साथ अच्छा प्रदर्शन करते हुए टीमका पूरा साथ दिया. 10 विकेट लिए. इसे बाद वो मुंबई के लिए घरेलू क्रिकेट खेलते रहेऔर बढ़िया प्रदर्शन करते रहे. 2011 सीजन में आईपीएल में कोलकाता की टीम में रहतेहुए उन्होंने कई अच्छी परफॉर्मेंस दीं. चर्चा हुई कि उन्हें टीम इंडिया में जगह मिलसकती है, मगर ऐसा हुआ नहीं. 2016-17 के बाद से वो मुंबई को छोड़ केरल के लिए घरेलूक्रिकेट खेलने लगे हैं.9. श्रीवत्स गोस्वामीअंडर 19 वर्ल्डकप के बाद अगर कोई खिलाड़ी सबसे पहले अपने प्रदर्शन के लिए छाया था,तो वो गोस्वामी ही थे. लेफ्ट हैंड विकेटकीपर बैट्समैन गोस्वामी ने 2008 में हीआईपीएल में बेंगलुरू के लिए खेलते हुए अपने पहले ही मैच में पचासा मारा था. उन्हें2008 एडिशन का यंग प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट का अवॉर्ड भी मिला था. मगर वो बंगाल केथे और बंगाल की टीम में विकेटकीपर थे ऋद्धिमान साहा. इसलिए उन्हें टीम में जगह तोमिली मगर बैट्समैन के तौर पर. बैटिंग में उनका प्रदर्शन एवरेज रहा. अब साहा नैशनलटीम में है तो जरूर वो बंगाल के लिए विकेट कीपिंग कर लेते हैं.10. तरुवर कोहली2008 अंडर 19 टीम के दूसरे कोहली तरुवर पंजाब से हैं. वो इस टूर्नामेंट में तीसरेसबसे ज्यादा रन बनाने वाले भारतीय बल्लेबाज थे. इसी का नतीजा था कि उन्हें आईपीएलमें राजस्थान रॉयल्स टीम में जगह मिली. साथ ही घरेल क्रिकेट में वो पंजाब टीम काहिस्सा बने. हालांकि पंजाब की टीम में वो कई बार आते-जाते रहे. 2012-13 रणजी ट्रॉफीमें अपनी ट्रिपल सेंचुरी के लिए एक बार वो जरूर चर्चा में आए थे. मगर टीम इंडियामें वो कभी जगह नहीं बना पाए.11. अजितेश अर्गलराइट आर्म पेस बॉलर अजितेश का 2008 अंडर 19 वर्ल्डकप में प्रदर्शन अच्छा रहा था.टूर्नामेंट के फाइनल मैच में अपनी शानदार बॉलिंग के लिए उन्हें मैन ऑफ द मैच काअवॉर्ड मिला था. इसके बाद वो बरोडा की टीम के लिए घरेलू क्रिकेट खेलने लगे.प्रदर्शन भी अच्छा रहा. फिर उनको मिल गई नौकरी. इनकम टैक्स डिपार्टमेंट में. तो अबखेल के साथ नौकरी भी चल रही है.12. नेपोलियन आईंस्टीनअंडर 19 टीम से वर्ल्डकप खेलने गए नेपोलियन अपने खेल से ज्यादा नाम के लिए चर्चामें थे. टूर्नामेंट के बाद वो तमिलनाडु की टीम-ए के लिए घरेलू क्रिकेट खेलने लगे.2008 में ही उनको चेन्नई सुपरकिंग्स की आईपीएल टीम में जगह मिल गई. मगर वो कुछ खासनहीं कर पाए. ऑलराउंड नेपोलियन ने सीनियर लेवल में भी ज्यादा मैच नहीं खेले.तमिलनाडु के लिए वो महज 3 बार मैदान में दिखे. उसमें भी आखिरी 2014 में खेला था.13. डी शिवकुमारशिवकुमार वर्ल्डकप खेलने गए तो थे, मगर उन्हें वहां एक भी मैच खेलने को नहीं मिलाथा. टूर्नामेंट के बाद बैट्समैन और मीडियम पेसर शिवकुमार ने आंध्र प्रदेश के लिएघरेलू क्रिकेट खेला. हालांकि यहां भी उनका प्रदर्शन एवरेज ही रहा. फर्स्ट क्लासक्रिकेट में उनका बैटिंग एवरेज 18.19 का है.14. पेरी गोयलकुछ महीने पहले ही एक खबर इंटरनेट पर फैल गई कि अंडर 19 वर्ल्डकप टीम का एक खिलाड़ीपटियाला में फास्टफूड की दुकान चला रहा है. हालांकि ये अफवाह निकली. गोयल ने खुद इनखबरों को गलत बताया. कहा कि वो अपना फैमिली बिजनेस चला रहे हैं. क्रिकेट की बातकरें तो वो वर्ल्डकप के बाद मैदान में कम ही दिखे. घरेलू क्रिकेट भी नहीं खेला.हालांकि उनका काम-धंधा बढ़िया चल रहा है.--------------------------------------------------------------------------------ये भी पढ़ें- क्या आपको पार्थिव पटेल की कटी हुई उंगली के बारे में पता है?पाकिस्तान की टीम के 6 बैट्समैन 10 के अंदर आउट, बाकी सब 20 के अंदर! देखिएपाकिस्तान का नया वसीम अकरम, जिसका नाम है अफरीदी वो 5 क्रिकेटर्स जिनके बच्चे भीक्रिकेट में नाम कमा रहे हैं BCCI की ये बात मान लेती टीम इंडिया तो हम पहला टेस्टजीत सकते थे इंडिया मैच हार गई लेकिन साहा ने धोनी का ये रिकॉर्ड तोड़ दिया इसतिकड़म के ज़रिये बैन के बावजूद IPL में खेलेंगे यूसुफ़ पठान लल्लनटॉप वीडियो देखें-