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छत्तीसगढ़ धर्मांतरण मामले में दोनों नन को जमानत मिली, कोर्ट ने बड़ी शर्त पर दी ये राहत

Chhattisgarh Nuns get Bail: प्रीती मैरी और वंदना फ्रांसिस को 25 जुलाई को गिरफ्तार किया गया था. कोर्ट ने 50 हजार के मुचलके पर जमानत दी है. कोर्ट ने इसके लिए एक शर्त भी रखी है.

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2 अगस्त 2025 (अपडेटेड: 2 अगस्त 2025, 03:29 PM IST)
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छत्तीसगढ़ में केरल की दो ननों को गिरफ्तार किया गया है. (फोटो- X)
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जबरन धर्मांतरण और मानव तस्करी के आरोप में छत्तीसगढ़ के दुर्ग से गिरफ्तार दोनों नन को NIA कोर्ट ने जमानत दे दी है. केरल की प्रीती मैरी और वंदना फ्रांसिस को 25 जुलाई को गिरफ्तार किया गया था. कोर्ट ने 50 हजार के मुचलके पर जमानत दी है. साथ ही इनके विदेश जाने पर भी रोक लगाई गई है. अदालत ने दोनों ननों को पासपोर्ट जमा कराने का आदेश दिया है.

प्रीती और वंदना को छत्तीसगढ़ धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम और अनैतिक व्यापार (निवारण) अधिनियम की धाराओं के तहत गिरफ्तार किया गया था. इनकी गिरफ्तारी बजरंग दल के एक स्थानीय कार्यकर्ता की शिकायत पर हुई थी. इन पर नारायणपुर की तीन महिलाओं का जबरन धर्म परिवर्तन कराने और उनकी तस्करी करने की कोशिश का आरोप लगाया था.

लेकिन जिन तीन महिलाओं के जबरन धर्म परिवर्तन का दावा किया गया है, उनमें से एक ने बताया है कि उन्हें ननों के खिलाफ बयान देने को मजबूर किया गया है. 31 जुलाई को इंडियन एक्सप्रेस में छपी रिपोर्ट के मुताबिक महिला ने बताया कि एक दक्षिणपंथी संगठन से जुड़ी महिला ज्योति शर्मा ने उन्हें अपना बयान बदलने के लिए धमकाया और उनसे मारपीट की. उन्होंने दावा किया कि पुलिस ने बजरंग दल के सदस्यों की बताई गई बातों के आधार पर ही FIR दर्ज की. हालांकि, बजरंग दल का कहना है कि ज्योति शर्मा बजरंग दल से नहीं बल्कि दुर्गा वाहिनी मातृशक्ति नाम की संगठन से जुड़ी हैं.

इस मामले में पर्याप्त राजनीति भी देखी जा चुकी है. एक तरफ छत्तीसगढ़ सरकार का दावा है कि पुलिस ने इस मामले में अपना काम किया. जबकि केरल बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर ने ननों पर लगाए गए आरोपों को गलत बताया. उन्होंने सफाई दी कि दोनों ननों का मानव तस्करी या धर्मांतरण से कोई रिश्ता नहीं है.

इससे पहले 28 जुलाई को केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिख कर इस मामले में हस्तक्षेप की मांग की थी. वहीं दिल्ली में संसद के बाहर इंडिया गठबंधन के नेताओं ने प्रदर्शन किया. लोकसभा में भी कांग्रेस सांसद हिबी ईडन ने स्थगन प्रस्ताव का नोटिस देकर इस मामले पर चर्चा की मांग की.

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