The Lallantop
Advertisement
  • Home
  • News
  • Assam Silchar city submerged in flood waters

असम में बाढ़ का ऐसा कहर, पूरा सिलचर शहर पानी में डूबा!

असम में इस साल बाढ़ और भूस्खलन में मरने वालों की संख्या 88 हो गई है.

Advertisement
pic
22 जून 2022 (अपडेटेड: 22 जून 2022, 03:58 PM IST)
Rescue operation during floods in Assam's Silchar
असम के सिलचर में बाढ़ के दौरान बचाव अभियान (फोटो: @dccachar)
Quick AI Highlights
Click here to view more

असम में भयानक बाढ़ का कहर जारी है. आलम ये है कि कछार जिले का सिलचर शहर बाढ़ (Assam Flood) के पानी में डूब गया है. यहां के कई इलाकों की गलियों में पानी भरा है और लोग नावों पर सवार हो कर निकल रहे हैं. बाढ़ से बुरी तरह प्रभावित क्षेत्रों में बचाव और राहत अभियान जारी है. 

असम में बाढ़ से हालात अभी भी गंभीर बने हुए हैं. मंगलवार, 21 जून को 7 और लोगों की मौत की खबर आई. इससे इस साल राज्य में बाढ़ और भूस्खलन में मरने वालों की संख्या 88 हो गई है. बराक घाटी के दो जिलों करीमगंज और कछार में स्थिति बेहद गंभीर बनी हुई है. 

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्टर तोरा अग्रवाल की एक रिपोर्ट के मुताबिक यहां के निवासियों ने बताया कि सोमवार, 20 जून की दोपहर बाढ़ का पानी अचानक आया. लगातार बारिश के कारण असम के दूसरे हिस्सों की तरह सिलचर में भी बाढ़ आई, लेकिन मंगलवार को यहां स्थिति गंभीर हो गई. हालात देखते हुए केंद्र ने बचाव कार्यों में मदद के लिए भुवनेश्वर से एनडीआरएफ की चार टीमें भेजी हैं.

बाढ़ में फंसे सिलचर निवासियों ने क्या कहा?

रिपोर्ट के मुताबिक मंगलवार, 22 जून की दोपहर NDRF की टीम ने एक प्रेग्नेंट महिला उदेशना देबरॉय और उनकी मां को निकाला. देबरॉय के पति निरुपम दत्ता ने अखबार को बताया,

हमें लगा था कि पहली मंजिल पर होने से हम सुरक्षित हैं, लेकिन जब पानी हमारी सीढ़ी पर पहुंचा, तब हमें एहसास हुआ कि ये कोई साधारण बाढ़ नहीं है.

वहीं एक और निवासी जॉयदीप विश्वास ने मौजूदा हालात को "भयानक" बताते हुए कहा,

मुझे 1980 के दशक की बड़ी बाढ़ याद है, लेकिन इस साल अब तक की सबसे भयंकर बाढ़ है. न बिजली, न पानी, हर जरूरी चीज का स्टॉक कम पड़ रहा है.

बाढ़ से बुरी तरह प्रभावित इलाकों में बचाव अभियान जारी

बाढ़ से तबाही की स्तर इतना ज्यादा है कि जिला प्रशासन के लिए बचाव और राहत कार्य भी एक कठिन चुनौती बन गई है. कछार की डिप्टी कमिश्नर कीर्ति जल्ली ने कहा कि शहर भर में पानी भर गया है और बहुत सारे लोग फंसे हुए हैं. उन्होंने ट्वीट कर बताया,

बाढ़ में फंसे लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाने में मदद के लिए सिलचर के सबसे बुरी तरह प्रभावित इलाकों में चौबीसों घंटे बचाव और राहत अभियान जारी है. मदद के लिए कई अनुरोध आ रहे हैं, ऐसे में तुरंत मदद पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है.

असम के 36 में से 32 जिलों में अब तक करीब 55 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं. दो लाख से अधिक लोग राहत शिविरों में रहने को मजबूर हैं. एनडीआरएफ (NDRF) के साथ-साथ भारतीय सेना भी राहत और रेस्क्यू के काम में जुटी हुई है. आजतक के अनुपम मिश्रा के मुताबिक पिछले कई दिनों में आर्मी की ओर से 4500 से ज्यादा लोगों को रेस्क्यू किया गया है. 

Advertisement

Advertisement

()