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मंदिर में साईं बाबा की मूर्ति तोड़ने वाला हुआ गिरफ्तार, भक्तों की शिकायत पर हुई कार्रवाई

साउथ दिल्ली का शाहपुर जाट इलाका. यहां एक मंदिर में साईं बाबा की मूर्ति तोड़ने के आरोप में दिल्ली पुलिस ने मंदिर समिति के एक सदस्य को गिरफ्तार किया है. आरोपी की पहचान पदम पंवार के रूप में हुई है. इंडियन एक्सप्रेस की खबर के मुताबिक, इस मामले में हौज खास पुलिस स्टेशन द्वारा IPC की धारा 295-A यानी जानबूझकर और दुर्भावनापूर्ण कृत्य द्वारा किसी भी वर्ग की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने या उस धर्म का अपमान करने और 153-A यानी धर्म के आधार पर विभिन्न समूहों के बीच दुश्मनी को बढ़ावा देने के तहत मामला दर्ज किया गया था. आरोपी को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है.

25 मार्च को शाहपुर जाट में पुराने शिव मंदिर से साईं बाबा की मूर्ति को हटाया गया था. इसकी जगह गणेश की मूर्ति लगा दी गई थी, जबकि मंदिर समिति के सदस्यों ने कहा था कि मूर्ति इसलिए हटाया गया, क्योंकि यह पुरानी हो गई थी.

नौ लोगों ने की थी शिकायत

इंडियन एक्सप्रेस की खबर के मुताबिक, साईं बाबा के नौ भक्तों ने पुलिस से शिकायत की थी. इसके बाद केस दर्ज हुआ था. उनकी शिकायत, 31 मार्च को दर्ज की गई थी. शिकायत में लिखा है कि कुछ लोग आए और साईं बाबा की मूर्ति को तोड़ते हुए कहा कि मूर्ति को यहां से हटा दिया जाना चाहिए, क्योंकि वह हिंदू देवता नहीं हैं, बल्कि मुसलमानों के हैं. हम आपसे निवेदन करते हैं कि कृपया इस अपराध को अंजाम देने वाले दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करें, क्योंकि यह साईं बाबा को मानने वाले लोगों की भावनाओं को आहत करता है. हम आपसे अनुरोध करते हैं कि जल्द से जल्द उस मंदिर परिसर में बाबा की मूर्ति की पुनर्स्थापना सुनिश्चित की जाए.

क्या है मामला?

सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद आजतक के रिपोर्टर अरविंद ओझा मौके पर पहुंचे थे. उनकी रिपोर्ट के मुताबिक, ये पुराना शिव मंदिर है, जिसे इलाके के लोग आपस में चंदा इकट्ठा कर चलाते हैं. मंदिर की अपनी एक कमेटी है. उसके एक सदस्य भरत पंवार के मुताबिक, मूर्ति तोड़ी नहीं बल्कि हटाई गई थी. उन्होंने कहा था,

‘मूर्ति खंडित हो गई थी और हिंदू धर्म में मान्यता है कि खंडित मूर्ति मंदिर में स्थापित नहीं होती. (इसलिए) मंदिर की समिति ने आपस में ये फैसला किया, जिसके बाद मूर्ति हटाई गई है.’

भरत ने आगे कहा था,

‘साईं भगवान नहीं थे. वो संत थे. पहले लोगों को ज्ञान नहीं था. इसलिए उन्होंने मूर्ति लगा दी थी.’

भरत ने बताया था कि इस मंदिर में निर्माण का काम चल रहा है. इस इलाके में साईं के 2 मंदिर अलग से हैं. हालांकि भरत ने कहा कि अगर सभी लोगों की सहमति होगी तो साईं की मूर्ति मंदिर में फिर से लगा दी जाएगी. लेकिन उन्होंने ये भी कहा,

‘द्वापर युग में, त्रेता युग में और जितने भी हमारे ग्रंथ हैं, उनमें हमारे देवी-देवता राम, शिव, गणेश इनको बताया गया है. वही हमारे भगवान हैं.’

वीडियो में साईं की प्रतिमा के अवशेष तोड़ते दिखाई दे रहे शख्स का नाम पदम पंवार है. उन्होंने भी आजतक को बताया कि मूर्ति तोड़ी नहीं, हटाई गई थी. बातचीत में पवार ने कहा था,

‘इलाके में साईं के 2 मंदिर अलग से हैं. वहां हमारे देवी-देवताओं की मूर्ति नहीं लगी है. जो मंदिर हमारे दादा-परदादों ने बनाया, अब मंदिर वैसा ही रहेगा. मूर्ति तोड़ी नहीं है. वो खंडित हो गई थी. मजदूर से हट नहीं रही थी तो उसके टुकड़े-टुकड़े करके हमने अलग हटवा दिया.’

अब पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और आगे की कार्रवाई की जा रही है.


दिल्ली के मंदिर में साईं बाबा की मूर्ति तोड़ी, तो लोगों ने उन्हें ‘मुस्लिम’ होने से जोड़ दिया!

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