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क्यों इस 'जादुई' महुए के पेड़ से लोग लिपटे जा रहे हैं?

मध्य प्रदेश का होशंगाबाद ज़िला. यहां सतपुड़ा टाइगर रिजर्व यानी सतपुड़ा नेशनल पार्क है. पिछले कुछ दिनों से यहां आने वाले लोगों की संख्या काफी ज्यादा बढ़ गई है. लोग दिन में तो क्या रात में भी आ रहे हैं. नहीं-नहीं, यहां पर किसी को जंगली जानवरों के दर्शन नहीं करने हैं. बल्कि महुए के एक पेड़ को देखना है. उससे लिपटना है. उसकी पूजा करनी है. बस इसी वजह से ढेर-ढेर सारे लोग सतपुड़ा टाइगर रिजर्व पहुंच रहे हैं. लोगों के मुताबिक महुए का वो पेड़ जादुई है.

अब भई अचानक से एक पेड़ जादुई कैसे हो गया?

सारा किया धरा सोशल मीडिया का है, वॉट्सऐप का है. दरअसल, होशंगाबाद के आस-पास के शहरों और गांवों में रहने वाले लोगों के बीच एक अफवाह उड़ी है. वॉट्सऐप मैसेज के जरिए. ये कि सतपुड़ा टाइगर रिजर्व में लगा महुआ का पेड़ जादुई है. उसे छूने भर से आपका हर रोग ठीक हो जाएगा. आप पुरी तरह से स्वस्थ हो जाओगे.

बस फिर क्या, लोग पहुंचने लगे उस पेड़ के दर्शन करने के लिए. धीरे-धीरे संख्या बढ़ते चली गई. अब एक दिन में करीब 20 से 30 हज़ार लोग वहां पहुंच रहे हैं. लोग अगरबत्ती, नारियल, फूल-पत्ती यानी पूजा का सारा सामान लेकर जा रहे हैं. लंबी-लंबी लाइन लग रही है. जिसका नंबर आता है, वो पेड़ की पूजा करता है. उसको गले से लगाता है. हर किसी की बस एक ही कोशिश है कि किसी तरह पेड़ से लिपट जाए. इसके अलावा अब तो उस पेड़ की तस्वीरें भी बिकने लगी हैं.

लोगों का दावा है कि पेड़ के दर्शन करके, उससे लिपटकर उनकी बीमारी दूर हो रही है. एक बुजुर्ग व्यक्ति का कहना है कि उनके घुटने में दर्द रहता था. पेड़ के दर्शन करने के बाद दर्द ठीक हो गया. वहीं कुछ लोगों का कहना है कि उन्हें कोई भी फर्क महसूस नहीं हुआ है.

Police At Satpura Tiger Reserve
पेड़ के पास तैनात पुलिस.

अब एक और बात. सतपुड़ा टाइगर रिजर्व के जिस इलाके में महुआ का ये पेड़ है. वो प्रतिबंधित इलाके में है. लेकिन लोग चाहते हैं कि उसे दर्शन के लिए खोल दिया जाए. प्रतिबंधित इलाके में लोगों के जाने से जंगल का कानून टूट रहा है. वन विभाग के अधिकारियों और पुलिस ने लोगों को रोकने की लाख कोशिश कर डाली, लेकिन कुछ नहीं हुआ.

पुलिस और अधिकारियों का कहना है कि अफवाह उड़ाई गई है. जबकि ऐसा कुछ नहीं है. पुलिस ने अफवाह फैलाने वाले एक आदमी की पहचान की है. उसका दावा है कि उसकी बीमारी ठीक हो गई है. पुलिस का कहना है कि सबसे पहले उस आदमी का मेडिकल टेस्ट कराया जाएगा. साथ ही लोगों की सुरक्षा के लिए पेड़ के पास पुलिस लगातार तैनाती कर रही है. रात में भी पुलिसकर्मी तैनात रहते हैं. अधिकारियों का कहना है कि वो कई बार समझा चुके हैं कि जादुई पेड़ जैसा कुछ नहीं है. सब अफवाह है. लेकिन कोई इसे मानने को तैयार ही नहीं है.

आपको बता दें कि इस तरह की अफवाहें पहले भी उड़ चुकी हैं. और लोग पहले भी विश्वास कर चुके हैं. मूर्ति को दूध पिलाने की अफवाह कुछ-कुछ साल के अंतर में उड़ती रहती हैं. 20 साल पहले भी ये अफवाह उड़ी थी कि भगवान गणेश की मूर्ति दूध पी रही है. तब भी लाखों लोग मंदिर पहुंच गए थे. साल 2018 में ये कहा जा रहा था कि भगवान कृष्ण की मूर्ति दूध पी रही है. तब भी मंदिरों में लोगों का जमावड़ा लग गया था. इस साल जुलाई में भी ये अफवाह उड़ी थी की पीलीभीत के बिलसंडा में शिव की मूर्ति दूध पी रही है. तब भी मंदिरों में कई-कई सारे लोग पहुंच गए थे.


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