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वेंटिलेटर बंद होने की वजह से मरीज़ की मौत, अस्पताल ने कहा गलत हैं आरोप

देश में कोरोना का हाल बुरा है. लोगों को ऑक्सीजन की कमी, बेड ना मिलने और मेडिकल सुविधाओं के पूरी तरह से चरमरा जाने के कारण जान गंवानी पड़ रही है. मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल से भी एक ऐसा ही वाकया सामने आया है. यहां एक कोरोना मरीज़ की वेंटिलेटर में खराबी आने की वजह से जान चली गई. परिजनों ने आरोप लगाया है कि वेंटिलेटर बंद होने की वजह से मरीज़ की मौत हुई है. मगर अस्पताल प्रबंधन कुछ और ही कह रहा है.

घटना भोपाल के हमीदिया अस्पताल की है. यहां एक कोरोना मरीज़ को कोविड वार्ड-3 में भर्ती किया गया था. उसकी स्थिति गंभीर थी. इसीलिए उसे फौरन वेंटिलेटर पर रखा गया. मगर मृतक के घर वालों का कहना है कि सोमवार यानी 3 मई को वेंटिलेटर अचानक बंद हो गया. जिसके बाद मरीज़ की मौत हो गई. अब अस्पताल प्रशासन ने पेशेंट की मौत की बात तो स्वीकार की है. लेकिन उनकी वजह वेंटिलेटर में आई खराबी नहीं बताई. अस्पताल के मेडिकल सुपरिटेंडेंट (एमएस) ने अब मामले की जांच के आदेश दिए हैं.

परिवार वालों का कहना है कि जब वेंटिलेटर बंद हुआ उस वक्त वार्ड में कोई भी दूसरा वेंटिलेटर खाली नहीं था. जिसपर मरीज़ को शिफ्ट किया जा सकता. इसलिए उन्होंने आरोप लगाया है कि अस्पताल के खराब वेंटिलेटर ने उनके मरीज़ की जान ले ली.

इस बारे में ‘आजतक’ ने जब हमीदिया अस्पताल के एमएस डॉक्टर लोकेंद्र दवे से बात कि तो उन्होंने कहा,

”मरीज़ वेंटिलेटर पर था और वेंटिलेटर में खराबी आई थी. यह सही बात है लेकिन तुरंत दूसरा वेंटिलेटर उपलब्ध करवा दिया गया था. इसलिए यह कहना कि वेंटिलेटर खराबी से उनकी जान गई यह सही नहीं. क्योंकि मरीज़ बहुत गंभीर थे और उन्हें ऑक्सीजन सपोर्ट भी दिया गया था. अगर वेंटिलेटर बंद भी होता है तो उसके स्पोर्ट में ऑक्सीजन सपोर्ट रहता है.”

एमएस डॉ लोकेंद्र ने आगे कहा,

‘जिस वार्ड में मरीज़ भर्ती थे वहां हमारे पास पीएम केयर फंड से मिले कुल 28 वेंटिलेटर हैं. जिनमे से 5 खराब हैं और 23 वेंटिलेटर वहां हैं. जबकि इतनी संख्या में मरीज़ उस वार्ड में वेंटिलेटर पर नहीं है. इसलिए वेंटिलेटर कम पड़ गए, ऐसा भी नहीं कहा जा सकता. पीएम केयर फंड से मिले करीब 8-9 वेंटिलेटर खराब है जिसके लिए संबंधित कंपनी को शिकायत भेज दी गई है. मैंने मामले की जांच के आदेश दिए हैं और इसकी रिपोर्ट तलब की है ताकि मौत की असल वजह सामने आ सके”.

अब इस मामले में अस्पताल प्रशासन झूठ बोल रहा है या मृतक के परिजन ये तो जांच होने के बाद ही पता चलेगा.


वीडियो: दिल्ली: बच्चों के हॉस्पिटल में खत्म होने वाली थी ऑक्सीजन, AAP नेता राघव चड्ढा ने की मदद

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