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लॉकडाउन के बीच नेटफ्लिक्स, प्राइम, यूट्यूब ने वीडियो को लेकर ये बड़ा फैसला लिया है

पूरा देश लॉकडाउन है. 21 दिन लोगों को घर में ही रहना है. इस हाउस अरेस्ट में अगर आप नेटफ्लिक्स, प्राइम वीडियो, हॉटस्टार और यूट्यूब जैसे प्लेटफॉर्म्स पर वीडियो देखकर अपना समय काट रहे हैं तो ये खबर आपके लिए है.

भारत के सभी OTT (ओवर द टॉप) प्लेटफॉर्म्स ने फैसला किया है. लॉकडाउन के दौरान मोबाइल नेटवर्क पर वो SD यानी स्टैंडर्ड डेफिनिशन में ही वीडियो स्ट्रीम करेंगे. ये फैसला सिर्फ सेल्युलर नेटवर्क पर स्ट्रीमिंग के लिए है. ब्रॉडबैंड यूजर्स के लिए नहीं. यानी अगर आप मोबाइल नेटवर्क से वीडियो देखते हैं तो HD यानी हाई डेफिनिशन वीडियो नहीं दिखेंगे.

लेकिन सबसे बड़ा सवाल कि ऐसा हो क्यों रहा है?

लोग सोशल डिस्‍टेंसिंग कर रहे हैं. घरों में बंद हैं. ऐसे में इंटरनेट का इस्‍तेमाल बढ़ गया है. इंटरनेट के इस इस्‍तेमाल का सीधा असर सेल्‍युलर नेटवर्क के सिस्‍टम और ढांचे पर पड़ा रहा है. इसी को ध्‍यान में रखते हुए नेटफ्लिक्‍स, प्राइम वीडियो, हॉटस्‍टार जैसे वीडियो स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्मस ने सेल्यूलर नेटवर्क पर स्ट्रीमिंग क्वॉलिटी को घटाने का फैसला किया है. मतलब हाई डेफिनिशन (HD) और अल्ट्रा हाई डेफिनिशन (ultra-HD) स्ट्रीमिंग क्वालिटी तो खत्म हो ही रही है, स्पीड भी 480p तक रहेगी.

ये फैसला स्‍टार और डिजनी इंडिया के चेयरमेन उदय शंकर, संजय गुप्ता (गूगल इंडिया), अजीत मोहन (फेसबुक इंडिया), पुनीत गोयनका (ज़ी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइसेस), एनपी सिंह (सोनी पिक्चर्स नेटवर्क), सुधांशू वत्स (वायकॉम18), गौरव गांधी (अमेजन प्राइम वीडियो), निखिल गांधी (टिकटॉक), अंबिका खुराना (नेटफ्लिक्स), करन बेदी (एमएक्स प्लेयर) और वरुण नारंग (हॉटस्टार) की मीटिंग में लिया गया है. ये मीटिंग वीडियो कॉन्‍फ्रेंसिंग के जरिए हुई थी.

मीटिंग के बाद एक प्रेस रिलीज भी जारी की गई है, जिसे आप नीचे देख सकते हैं.

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वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की प्रेस रिलीज.

इसके मुताबिक,

सरकार और टेलीकॉम ऑपरेटर्स चिंतित हैं, सेल्युलर नेटवर्क के बुनियादी ढांचे पर टोटल लॉकडाउन गहरा असर पड़ सकता है. डिजिटल इंडस्ट्री इस चुनौती से पूरी तरह से वाकिफ है और सभी नागरिकों को सुनिश्चित करती है कि मोबाइल नेटवर्क हर वक्त पूरी तरह उनकी पहुंच में होगा.

यानी कंपनियों ने इस बात पर रजामंदी जताई है कि वह अपनी वीडियो स्‍ट्रीमिंग क्‍वालिटी HD या ultra HD एचडी से तुरंत एसडी (स्‍टैंडर्ड डेफिनेशन) की स्‍पीड में ले आएंगे.

इससे पहले सेल्युलर ऑपरेटर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया यानी COAI (जो भारती एयरटेल, रिलायंस जियो और वोडाफोन आइडिया को रिप्रजेंट करता है) ने देश के 12 वीडियो स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म्स से कहा था कि स्ट्रीमिंग क्वॉलिटी को घटाने पर काम किया जाए. COAI ने इसी मुद्दे पर टेलीकॉम डिपार्टमेंट तक भी अपनी बात पहुंचाई थी.

वहीं, गूगल एक हफ्ते पहले ही अपनी स्ट्रीमिंग क्वॉलिटी में ये बदलाव कर दिया है. पूरी दुनिया के यूजर्स के लिए. पिछले हफ्ते गूगल के प्रवक्ता ने कहा था,

हम इस चुनौती के दौरान दुनियाभर की सरकारों और नेटवर्क ऑपरेटरों के साथ मिलकर काम कर रहे हैं, ताकि सिस्टम पर पड़ रहे लोड को कम किया जा सके.

कुल मिलाकर मकसद ये है कि बिना किसी दिक्कत के सभी को इंटरनेट मिल सके.


Video : क्या हंता वायरस, कोरोना से भी खतरनाक है?

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