Submit your post

Follow Us

भारत जब मॉडर्ना की कोरोना वैक्सीन खरीद नहीं रहा तो ये देश में आ कैसे रही है?

भारत में कोरोना की एक और वैक्सीन के आने का रास्ता खुल गया है. अमेरिकी दवा कंपनी मॉडर्ना (Moderna) की कोरोना वैक्सीन (Corona Vaccine) को मंजूरी मिल गई है. भारत के दवाओं के रेगुलेटर, ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (DCGI) ने 29 जून को मॉडर्ना की कोविड वैक्सीन को भारत में इमरजेंसी इस्तेमाल की मंजूरी दे दी. भारत में ऑक्सफोर्ड-एस्ट्राजेनेका की कोविशील्ड (Covishield), भारत बायोटेक की कोवैक्सीन (Covaxin) और रूस की स्पुतनिक वी (Sputnik V) को पहले से मंजूरी मिली हुई है. आइए जानते हैं मॉडर्ना की वैक्सीन के बारे में जरूरी सवालों के जवाब.

कौन सी कंपनी भारत में वैक्सीन लाएगी?

मॉडर्ना की वैक्सीन अभी इंपोर्ट के जरिए ही भारत में आएगी. इसे एक खास प्लान के तहत भारत लाया जा रहा है. भारत में सिप्ला नाम की दवा कंपनी को इसे आयात करने की परमीशन दी गई है. वह भी इस शर्त के साथ कि वह अभी सिर्फ उतनी ही दवा आयात कर सकती है, जितनी मॉडर्ना ने भारत को डोनेशन के रूप में देने को कहा है. अगले महीने से यह टीका देश में उपलब्ध हो सकता है.

मॉडर्ना ने क्या शर्त रखी है?

असल में मॉडर्ना कंपनी भारत में वैक्सीन भेजने से पहले एक डील साइन करना चाहती थी. इस डील में कंपनी वैक्सीन लगवाने की वजह से किसी को होने वाले संभावित नुकसान की भरपाई से बचना चाहती है. इस वजह से मामला लंबे वक्त से अटका हुआ था. वैक्सीन बनाने वाली दूसरी अमेरिकी कंपनी फाइजर भी भारत को वैक्सीन देने से पहले ऐसी ही डील करना चाहती है. भारत इससे बचता रहा है. मंगलवार 29 जून को सरकार की तरफ से नीति आयोग के सदस्य डॉक्टर वीके पॉल ने कहा कि इस मुद्दे का समाधान किया जा रहा है. हमने इसे जांच के लिए उठाया है. यह मामला विचाराधीन है.

भारत को कितनी वैक्सीन मिलेगी?

दैनिक भास्कर अखबार ने मॉडर्ना के अधिकारी के हवाले से लिखा है कि इमरजेंसी यूज की मंजूरी पहला चरण है. अभी भारत को उतनी ही डोज मिलेंगी, जो अमेरिका सरकार ने ‘कोवैक्स’ प्रोग्राम के तहत देने की घोषणा की है. हालांकि इस साल के अंत तक कंपनी 20 से 30 करोड़ डोज उपलब्ध करा सकेगी. वहीं, अगले साल अंत तक 100 करोड़ डोज सप्लाई किए जाने का अनुमान है. कंपनी ने कहा कि वह ग्लोबल मार्केट में 100 करोड़ डोज सप्लाई कर रही है. इसे अगले साल तक बढ़ाकर 300 करोड़ डोज करने की तैयारी है. बता दें कि डब्लूएचओ अपने कोवैक्स प्रोग्राम के तहत दुनिया के जरूरतमंद देशों को वैक्सीन उपलब्ध कराता है. भारत में मॉडर्ना की वैक्सीन भी इसी के तहत ही आ रही है. भारत ने इसे खरीदने का अभी कोई ऑर्डर नहीं दिया है.

ये वैक्सीन कितनी असरदार है?

मॉडर्ना की वैक्सीन की एफिकेसी 94.1% तक बताई गई है. दूसरे शब्दों में कहें तो दोनों डोज लेने के बाद वायरस के खिलाफ इसे 94.1% तक प्रभावी बताया गया है. मॉडर्ना एक mRNA वैक्सीन है. इस वैक्सीन में हमारी कोशिकाओं को कोरोना वायरस स्पाइक प्रोटीन बनाने के निर्देश होते हैं. हमारा शरीर एंटीबॉडी बनाता है, जो वायरस के संपर्क में आने पर प्रोटीन को पहचानते हैं, और उन पर हमला करते हैं.

इस वैक्सीन के कितने डोज़ लेने होंगे?

कोविशील्ड और कोवैक्सीन की तरह ही, मॉडर्ना वैक्सीन के भी दो डोज लगवाने होंगे. माना जा रहा है कि ये डोज 28 दिनों के अंतराल पर लेने होंगे. WHO की वेबसाइट के मुताबिक, जरूरत पड़ने पर वैक्सीन के बीच के इस गैप को 42 दिनों तक बढ़ाया जा सकता है.

क्या इसके कुछ साइड इफेक्ट भी हैं?

बाकी वैक्सीन की तरह इसके भी कुछ साइड इफेक्ट्स देखने को मिल सकते हैं. वैक्सीन लगवाने के बाद, शरीर में उस जगह का लाल होना, दर्द और सूजन जैसी शिकायत हो सकती है. साथ ही थकान, सिरदर्द, बुखार, मांसपेशियों में दर्द और जी मिचलाना जैसे लक्षण भी देखने को मिल सकते हैं.

इसका रखरखाव कैसे करते हैं?

मॉडर्ना की वैक्सीन को 2 से 8 डिग्री सेल्सियस के सामान्य कोल्ड चेन में 30 दिनों तक रखा जा सकता है. सात महीने या लंबी अवधि के लिए इसे -25 से -15 डिग्री सेल्सियस के बीच स्टोर किया जाना चाहिए. सामान्य तापमान पर रखने की इसकी खासियत के वजह से ही इसे भारत के लिए मुफीद माना जा रहा है.


वीडियो – कोरोना वैक्सीन बनाने वाली कंपनी मॉडर्ना और फाइजर की किन शर्तों से सरकार इतनी परेशान है?

लगातार लल्लनटॉप खबरों की सप्लाई के लिए फेसबुक पर लाइक करें

टॉप खबर

पेगासस मामले पर SC ने बिठाई कमेटी, जानिए किस किस पहलू से होगी जासूसी की जांच

पेगासस मामले पर SC ने बिठाई कमेटी, जानिए किस किस पहलू से होगी जासूसी की जांच

केंद्र के जवाब से असहमत कोर्ट ने कहा, लोगों की विवेकहीन जासूसी मंजूर नहीं.

आर्यन खान केस: किरण गोसावी के बॉडीगार्ड का दावा, 18 करोड़ में डील होने की बात सुनी थी

आर्यन खान केस: किरण गोसावी के बॉडीगार्ड का दावा, 18 करोड़ में डील होने की बात सुनी थी

गवाह प्रभाकर सेल का दावा-8 करोड़ समीर वानखेड़े को देने की बात हुई थी.

LIC पॉलिसी से PAN नंबर लिंक नहीं है, ये बड़ा नुकसान होगा!

LIC पॉलिसी से PAN नंबर लिंक नहीं है, ये बड़ा नुकसान होगा!

लिंक करने का पूरा प्रोसेस बता रहे हैं, जान लीजिए.

यूपी चुनाव: सपा-सुभासपा गठबंधन का ऐलान, राजभर बोले- एक भी सीट नहीं देंगे तो भी समर्थन रहेगा

यूपी चुनाव: सपा-सुभासपा गठबंधन का ऐलान, राजभर बोले- एक भी सीट नहीं देंगे तो भी समर्थन रहेगा

सपा ने ट्वीट कर कहा- 2022 में मिलकर करेंगे बीजेपी को साफ़!

आगरा में पुलिस कस्टडी में सफाईकर्मी की मौत, बवाल के बाद पुलिसकर्मियों पर FIR, 6 सस्पेंड

आगरा में पुलिस कस्टडी में सफाईकर्मी की मौत, बवाल के बाद पुलिसकर्मियों पर FIR, 6 सस्पेंड

थाने के मालखाने से 25 लाख चोरी के आरोप में पुलिस ने पकड़ा था सफाईकर्मी को.

लखीमपुर की जांच से हाथ खींच रही यूपी सरकार? SC ने तगड़ी फटकार लगाते हुए और क्या सवाल दागे?

लखीमपुर की जांच से हाथ खींच रही यूपी सरकार? SC ने तगड़ी फटकार लगाते हुए और क्या सवाल दागे?

सुप्रीम कोर्ट ने कहा, कभी खत्म न होने वाली कहानी न बन जाए ये जांच.

केरल के साथ उत्तराखंड में भी बारिश का कहर, सड़कें, इमारतें, पुल ध्वस्त, 16 की मौत

केरल के साथ उत्तराखंड में भी बारिश का कहर, सड़कें, इमारतें, पुल ध्वस्त, 16 की मौत

केरल में भारी बारिश के कारण हुई मौतों की संख्या 35 तक पहुंची.

जिस CBI अफसर को केस बंद करने के लिए सौंपा गया था, उसी ने सलाखों के पीछे पहुंचा दिया राम रहीम को

जिस CBI अफसर को केस बंद करने के लिए सौंपा गया था, उसी ने सलाखों के पीछे पहुंचा दिया राम रहीम को

इंसाफ दिलाने के लिए धमकियों और खतरों की परवाह नहीं की.

लगातार दूसरे दिन आतंकियों ने गैर कश्मीरी मजदूरों को बनाया निशाना, 2 की मौत, 1 घायल

लगातार दूसरे दिन आतंकियों ने गैर कश्मीरी मजदूरों को बनाया निशाना, 2 की मौत, 1 घायल

पुलिस और सुरक्षा बलों ने इलाके को घेरा.

केरल में भारी बारिश से तबाही, 25 से ज़्यादा मौतें, कई लापता

केरल में भारी बारिश से तबाही, 25 से ज़्यादा मौतें, कई लापता

पीएम मोदी ने केरल के मुख्यमंत्री से की बात.