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बडगाम में क्रैश हेलिकॉप्टर MI-17, जिसे बार-बार रूस से मंगाया जाता है

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26 फरवरी के दिन भारत ने पाकिस्तान के खैबर-पख़्तूनख़्वा प्रांत के बालाकोट इलाके समेत तीन जगहों पर स्ट्राइक की थी. तभी से भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव बढ़ना शुरू हो चुका था.  27 फरवरी की सुबह जम्मू-कश्मीर के बडगाम इलाके में भारत का एक चौपर क्रैश हो गया. पहले खबर आई कि पाकिस्तान की ओर से हुए हमले की वजह से ये क्रैश हुआ. लेकिन भारत ने खबरों का खंडन करते हुए साफ किया कि ये क्रैश टेक्निकल फेल्यर की वजह से हुआ है. न्यूज़ एजेंसी पीटीआई के मुताबिक क्रैश में IAF के चार जवानों के मरने की खबर है. उनके अलावा एक लोकल भी इस क्रैश की ज़द में आ गया.

क्या है MI-17 एयरक्राफ्ट 
MI रूस में बनने वाले सैन्य चौपर हैं. MI-17 का मतलब है इस सीरीज का एक चौपर. ऐसे कई दूसरे चौपर भी हैं. इसका इतिहास पुराना है. सोवियत रूस के जमाने का. इन्हें बनाती है रोस्टेक स्टेट कॉर्पोरेशन जो रूस की पब्लिक सेक्टर कंपनी है. इसी कंपनी का एक विंग है रशियन हेलिकॉप्टर्स. MI-17 को बनाने का जिम्मा इसी के पास है.

पहली बार 1980 के दशक में भारत लाया गया था
पहली बार 1980 के दशक में भारत लाया गया था

MI-17 मिलिट्री ट्रांसपोर्ट हेलिकॉप्टर है. मतलब, आर्मी के जवान और ज़रूरी सामान ट्रांसपोर्ट करने के काम आता है. इसका इस्तेमाल सर्च और रेस्क्यू ऑपरेशन में भी किया जा सकता है. ज़रूरत होने पर इसमें हथियार लगाए जा सकते हैं. MI-17 को 1980 के दशक में इंडियन फोर्स में शामिल किया गया था. बाद में नए अपग्रेड आए और ज़रूरत मुताबिक भारत इसे खरीदता रहा.

भारत रशियन हथियारों के सबसे बड़े खरीदारों में से है. रशिया 2008 से 2014 तक कुल 160 MI-17V-5 चौपर भारत को सौंप चुका है. नरेंद्र मोदी के सत्ता संभालने के बाद और MI-17 खरीदने की बात हुई. इंडियन एयर फोर्स ने 48 MI-17V-5 हेलिकॉप्टर की मांग रखी गई थी. 2015 से सौदे पर बात चल रही है. लेकिन अमरीकी पाबंदियों के कारण सौदा फाइनल नहीं हो सका. अखिरी बार इस पर बात हुई थी  2018 में. पुतिन के भारत दौरे के दौरान. लेकिन कुछ ठोस फैसला सामने नहीं आया.

मॉर्डन हेलिकाप्टर MI-17 V5(साभार-IAF)
मॉर्डन हेलिकॉप्टर MI-17 V5(साभार-IAF)

MI-17V-5, MI-17 सीरीज़ का सबसे मॉर्डन हेलिकॉप्टर है. MI 17V-5 में नाइट विज़न, वेदर रडार और PKV-8 ऑटो-पायलट सिस्टम है. MI 17V-5 में 13,000 किलो तक वजन ले जा सकते हैं. एक बार में 36 लोग बैठ सकते हैं. ये हेलिकॉप्टर 6,000 मीटर की उंचाई तक आराम उड़ सकता है. यानी सियाचिन में सप्लाई के लिए ये मुफ़ीद है. रात में काम कर सकने की क्षमता के कारण 2008 में 80 ऐसे हेलिकॉप्टर खरीद का ऑर्डर दिया गया था. ये हेलिकॉप्टर रूस से रेडी टू असेंबल कंडीशन में आते हैं. और फिर इसे चंडीगढ़ में इंडियन एयर फोर्स के डिपो में असेंबल किया जाता है.
भारत में भौगोलिक तौर पर सबसे मुश्किल इलाकों में MI-17V-5 की तैनाती की जाती है. मसलन, हिमालयन रेंज और नॉर्थ-ईस्ट के इलाकों में इसकी सेवाएं ली जाती हैं.

पहले भी क्रैश हुआ है
MI-17V-5 क्रैश होने का ये पहला बाकया नहीं है. दुर्गम इलाके में काम करने के चलते खतरे और भी बढ़ जाते हैं.
#19 अप्रैल 2011 को अरुणाचल के तवांग जिले में MI-17V-5 हेलिकॉप्टर क्रैश हुआ था. इस हादसे में 17 लोगों की जान गई थी.
#6 अक्तूबर, 2017 को फिर से तवांग में ही हादसा हुआ. इस हादसे में एयर फोर्स के 2 अफसरों समेत 7 लोगों की मौत हुई थी.
#2013 में केदारनाथ भूकंप के बाद रेस्क्यू ऑपरेशन में MI 17V5 का इस्तेमाल किया जा रहा था. रेस्क्यू के दौरान ही हेलिकाप्टर क्रैश कर गया था. इस हादसे में 20 लोगों की मौत हुई थी.


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MI-17 helicopter crashes in Budgam including Indian Air Force personnel

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