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केरल में युवक ने आत्महत्या की, परिवार का आरोप कि बेरोज़गारी से परेशान था

केरल के तिरुवनंतपुरम से बुरी ख़बर है. रविवार 30 अगस्त को एक 28 साल के युवक ने कथित तौर पर आत्महत्या कर ली और वजह बताई गई उसकी बेरोज़गारी. अब इस आत्महत्या पर राजनैतिक बवाल उठा हुआ है. केरल की सरकार के ख़िलाफ़ विपक्षी दल भाजपा और कांग्रेस दोनों लामबंद हो गए हैं. इस आत्महत्या पर सरकार से जवाब मांगा जा रहा है. जवाब इस बात का कि जब उस युवक ने राज्य लोक सेवा आयोग (पीएससी) की परीक्षा में अच्छी रैंक हासिल कर ली थी तो राज्य सरकार ने वो लिस्ट क्यों कैंसल कर दी? विपक्षी दलों का सरकार पर आरोप है कि इसी वजह से वो युवक मानसिक रूप से परेशान था जिसका नतीजा उसकी आत्महत्या के रूप में सामने आया.

# क्या है मामला?

केरल की राजधानी तिरुवनंतपुरम में रविवार को 28 वर्षीय एक युवक ने कथित तौर पर आत्महत्या कर ली. कहा जा रहा है कि युवक नौकरी नहीं मिल पाने से परेशान था. विपक्षी दलों, कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने केरल की लेफ्ट मोर्चा सरकार को उसकी मौत के लिए जिम्मेदार ठहराया है. युवक का नाम अनु बताया जा रहा है.

रिपोर्ट्स के मुताबिक, युवक आबकारी अधिकारी रैंक सूची रद्द हो जाने से तनाव में था. इस सूची में उसने 77वीं रैंक हासिल की थी. पुलिस ने बताया कि अनु का शव रविवार सुबह उसके घर में फंदे से लटका पाया गया. मौके से मिले सुसाइड नोट में कहा गया है कि वह नौकरी नहीं मिल पाने से परेशान है. अनु के दोस्तों और रिश्तेदारों ने पत्रकारों से कहा कि हाल ही में राज्य लोक सेवा आयोग (पीएससी) द्वारा आबकारी अधिकारी रैंक सूची रद्द किए जाने के बाद से वह परेशान था.

# मानसिक रूप से परेशान था

एक रिश्तेदार ने मीडिया को बताया कि ‘लिस्ट में अनु ने 77 वीं रैंक हासिल की थी. वो पढ़ने में बहुत मेहनती और होशियार लड़का था. लिस्ट में रैंक हासिल करने की वजह से परिवार समेत वो भी बहुत ख़ुश था. लेकिन जब लिस्ट निरस्त कर दी गई तो वो बहुत निराश हो गया. ना तो वो ठीक से खा पी रहा था और ना ही कहीं बाहर निकल रहा था. अंधेरे में अकेले बैठा रहता था.’

फ़िलहाल मामले में जांच जारी है. केरल के विपक्षी दल राज्य सरकार के ख़िलाफ़ लामबंद हैं और लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं.


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