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कर्नाटक कांग्रेस नेताओं की खुसर-फुसर, 'प्रदेश अध्यक्ष डीके शिवकुमार कमीशन लेते हैं'

कर्नाटक में कांग्रेस पार्टी के एक नेता थे एमए सलीम. इनके जिम्मे आज दोपहर तक मीडिया कोऑर्डिनेटर की जिम्मेदारी थी. अब नहीं है. वो इसलिए क्योंकि पार्टी के ही एक पूर्व सांसद वीएस उगरप्पा के साथ इनकी बातचीत का एक वीडियो वायरल हो गया. क्या था ऐसा इस वीडियो में? खुद ही देख लीजिए.

वीडियो में दोनों नेता, पार्टी के ही एक तीसरे नेता के बारे में खुसर-फुसर कर रहे थे. कोई ऐसा-वैसा नेता नहीं, डीके शिवकुमार. कर्नाटक कांग्रेस के अध्यक्ष. वो भी बाकायदा मंच पर बैठकर. दोनों नेता शायद कोई प्रेस कॉन्फ्रेंस करने वाले थे. उससे पहले आपस में सुख-दुख बतिया रहे थे. लेन-देन की बातें कर रहे थे. लेकिन मीडिया कोऑर्डिनेट करने वाले भाईसाहब ये भूल गए कि मंच पर माइक भी रखे हुए हैं. बस फिर क्या था. प्रेस कॉन्फ्रेंस का तो पता नहीं, इनकी खुसर-फुसर वायरल हो गई. और पार्टी ने उन्हें छह साल के लिए बाहर का रास्ता दिखा दिया.

क्या बात कर रहे थे?

वायरल वीडियो में एमए सलीम कहते हैं कि शिवकुमार पहले 6 से 8 फीसदी कमीशन लिया करते थे. लेकिन अब ये 10 से 12 फीसदी हो गया है. आगे उन्होंने ये भी कहा कि ये बहुत बड़ा घोटाला है. आप जितना खोदोगे, उतना निकलेगा. शिवकुमार के सहयोगी मुलगुंड पर आरोप लगाते हुए सलीम कहते हैं,

मुलगुंड ने 50 से 100 करोड़ तक बनाए हैं. सोचिए जब मुलगुंड के पास इतना है तो डीके के पास कितना होगा?

बढ़ती महंगाई पर हो रही इस द्विपक्षीय वार्ता में अपने संघर्ष को याद करते हुए वीएस उगरप्पा कहते हैं,

हमने डीके को प्रदेश अध्यक्ष बनाने के लिए कड़ा संघर्ष किया, लेकिन उन्होंने हमें ही चोट पहुंचाई.

माने दोस्त-दोस्त ना रहा वाला मोमेंट था एकदम से. खैर, आगे डीके शिवकुमार के स्वास्थ्य के बारे में बात करते हुए सलीम कहते हैंस

वो (डीके शिवकुमार) बात करते समय अक्सर हकलाते हैं. मुझे नहीं पता ये लो बीपी की वजह से होता है या शराब की वजह से. मीडिया भी पूछ चुकी है.

शिवकुमार ने क्या कहा?

शिवकुमार कर्नाटक कांग्रेस के सबसे बड़े नेताओं में से एक हैं. पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष हैं. सिद्धरमैया सरकार में मंत्री रह चुके हैं. इनका एक बड़ा सा रिसॉर्ट भी है जो कांग्रेस के लिए लकी भी माना जाता है. देशभर में जब भी कांग्रेस पार्टी के विधायकों को बीजेपी से ‘सुरक्षित’ रखना होता है तो वे यहीं लाए जाते हैं. बहुत सारे उदाहरण हैं. फिर वो चाहे महाराष्ट्र के विधायक हों या गुजरात के. 2017 में इनकम टैक्स वाले इनके यहां छापामारी भी कर चुके हैं.

खैर, मुद्दे पर वापस आते हैं. वीडियो सामने आने के बाद जब डीके शिवकुमार से इसके बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा,

पार्टी की अनुशासन समिति कार्रवाई करेगी. इसका मुझसे या पार्टी से कोई लेना-देना नहीं है. मेरा जीवन खुली किताब है.

सफाई में क्या बोले?

पार्टी की अनुशासन समिति ने कार्रवाई कर दी है. सलीम को 6 साल के लिए निष्कासित कर दिया है. इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक सलीम करीब 25 सालों से कांग्रेस पार्टी से जुड़े हुए थे. उन्हें डीके शिवकुमार का करीबी माना जाता था. साथ ही पूर्व सांसद उगरप्पा को भी कांग्रेस पार्टी ने कारण बताओ नोटिस जारी किया. उनकी तरफ से जवाब भी आया.

उगरप्पा ने अपनी तरफ से सफाई देते हुए कहा कि सलीम, बीजेपी द्वारा डीके पर लगाए गए आरोपों के बारे में बात कर रहे थे. ये उनका पार्टी के वरिष्ठ नेता के बारे में अपना विचार नहीं था. उगरप्पा ने कहा कि शिवकुमार जनता के लिए काम कर रहे हैं. कांग्रेस पार्टी भ्रष्टाचार और कमीशन से बहुत दूर है.

नेता जी के कहने का मतलब है कि हम कहां कह रहे थे, वो तो दूसरी पार्टी वाले कह रहे थे. हम उसी के बारे में बात कर रहे थे.


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