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मैच तो दोबारा शुरू करा लेंगे, लेकिन इस नई प्रॉब्लम का क्या करेंगे क्रिकेट बोर्ड?

दुनिया की कई फुटबॉल लीग वापस शुरू हो चुकी हैं. जर्मनी की बुंदसलिगा, स्पेन की ला लीगा के बाद अब ब्रिटेन की प्रीमियर लीग भी शुरू होने वाली है. प्रीमियर लीग शुरू होने से पहले क्लब्स ने गेम्स अपने घर में खेलने की मांग रखी थी. क्लब्स का मानना है कि अपने घर में गेम्स खेलने से फायदा होता है. सिर्फ इन क्लब का ही नहीं, दुनिया की लगभग हर टीम का मानना होता है कि घर में मैच खेलने से बहुत फायदे होते हैं.

लेकिन जर्मनी से आए आंकड़े इस पूरी परिभाषा को बदलते दिख रहे हैं. एक रिसर्च के मुताबिक, खाली स्टेडियम में हो रहे गेम्स में घरेलू टीमों को कोई फायदा नहीं हो रहा. फायदा तो दूर, इन गेम्स में टीमों को नुकसान होता दिख रहा है.

# नो होम एडवांटेज

ग्रेसनोट नाम की फर्म ने एक रिसर्च की है. इस रिसर्च के मुताबिक, कोरोना वायरस फैलने से पहले टीमें अपने घर में 43 परसेंट मैच जीतती थीं. उनकी यह रिसर्च इस सीजन में कोरोना से पहले खेले गए 223 मैचों के रिजल्ट पर आधारित हैं. इस दौरान टीमों ने 35 परसेंट अवे मैच जीते थे, जबकि 22 परसेंट मैच ड्रॉ रहे थे. कोरोना के बाद हुए 56 मैचों में होम टीम सिर्फ 21 परसेंट मैच जीत पाई है, जबकि अवे टीम ने 50 परसेंट मैच जीते हैं. बचे हुए 29 परसेंट मैच ड्रॉ रहे.

56 गेम्स के इस सैम्पल में सिर्फ 12 मैच ऐसे रहे, जिन्हें होम टीम ने जीता. इसमें लीग सस्पेंड होने से पहले 11 मार्च को हुआ एक मैच भी शामिल था. इस लीग के 58 सीजन के इतिहास में इससे पहले सिर्फ एक बार ऐसे नतीजे देखने को मिले थे- दिसंबर 2009 में.

फैंस के बिना होम टीमों की स्कोरिंग क्षमता भी घटी है. इस दौरान टीमें 1.23 गोल्स प्रति मैच ही कर पाई हैं, जबकि पहले यह 1.74 था. अपने फैंस के सामने टीमें 10 प्रतिशत ज्यादा गोल करने की कोशिशें भी करती थीं. इस दौरान घरेलू गोलकीपर्स का प्रदर्शन भी गिरा है. ग्रेसनोट के स्पोर्ट्स एनालसिस हेड साइमन ग्लीव ने रॉयटर्स से कहा,

‘अभी बंद दरवाजों के पीछे बुंदसलिगा के काफी कम गेम्स खेले गए हैं, लेकिन घरेलू टीम के जीत का प्रतिशत ऐतिहासिक रूप से गिरा है. इस गिरावट से लगता है कि अगर लाइव ऑडियंस न हो, तो होम एडवांटेज पर असर पड़ता है.’

फुटबॉल के बाद अब क्रिकेट भी वापसी करने वाला है. वेस्टइंडीज़ की टीम इंग्लैंड टूर पर पहुंच चुकी है. दोनों टीमें फैंस के बिना खेलेंगी. साथ ही इंडियन प्रीमियर लीग के आयोजन के संबंध में भी पॉजिटिव ख़बरें आ रही हैं. ऐसे में देखने वाली बात होगी कि हमारे क्रिकेटर्स इस समस्या से कैसे डील करते हैं.

Bundesliga Fans Cardboard 800
Bundesliga Fans मैदान में नहीं आ पता, कई टीमों ने उनकी जगह उनके कटआउट्स को दी है. ऐसे ही कटआउट्स के सामने सेलिब्रेट करते फुटबॉलर्स (AP)

क्रिकेट में सबसे पहली चीज तो पिच होती है, लेकिन साथ ही फैंस भी कई बार काफी असर डालते हैं. फिर चाहे वो एशेज के दौरान सैंड पेपर बनकर स्टीव स्मिथ और डेविड वॉर्नर को चिढ़ाना हो या फिर जोर से चिल्लाकर बाउंड्री पर फील्डिंग कर रहे प्लेयर्स का ध्यान भटकाना. क्रिकेटर्स को लाइव घरेलू फैंस से काफी फायदे होते थे. लेकिन अब दुनिया काफी बदल चुकी है और क्रिकेट पर पड़ा इसका असर देखने के लिए हमें इंतजार करना होगा.


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