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हिमाचल: पूर्व BJP प्रदेश अध्यक्ष के सहयोगी के मोबाइल से तीन ऑडियो क्लिप मिले

हिमाचल प्रदेश में कथित पीपीई किट और मेडिकल सामान खरीद के घोटाले में अब एक नई अपडेट आई है. विजिलेंस विभाग ने मामले में आरोपियों- पूर्व स्वास्थ्य निदेशक डॉ. अजय गुप्ता और पृथ्वी सिंह के कब्जे से कुल छह मोबाइल फोन बरामद किए थे. इनकी जांच इस वक्त शिमला की एक फोरेंसिक लैब में की जा रही है. मोबाइल फोन से रिट्रीव किए गए डेटा से अब तक तीन ऑडियो क्लिप बरामद किए जा चुके हैं. इनमें पूर्व स्वास्थ्य निदेशक और पृथ्वी सिंह के बीच रिश्वत की डील को लेकर जानकारियां सामने आई हैं.

क्या है पूरा मामला

हिमाचल से पिछले दिनों एक ऑडियो टेप सामने आया था. इसमें एक स्वास्थ्य अधिकारी कथित तौर पर रेणुका के एक मेडिकल सामान के सप्लायर से पांच लाख रुपये की रिश्वत मांग रहा था. क्लिप सामने आने के बाद 20 मई को विजिलेंस और एंटी करप्शन ब्यूरो ने स्वास्थ्य निदेशक डॉ. ए. के. गुप्ता को गिरफ्तार किया. साथ ही डॉ. गुप्ता के बैंक खाते सील कर दिए गए थे.

इस मामले में कांग्रेस ने एक बीजेपी नेता के भी शामिल होने के आरोप लगाए थे. विपक्ष का आरोप था कि ऑडियो में एक तरफ डॉ. ए. के. गुप्ता हैं. डॉ. गुप्ता जिस व्यक्ति से बात कर रहे थे, वह बीजेपी के एक नेता का करीबी है. विपक्ष ने सरकार से उस बीजेपी नेता के नाम के खुलासे की मांग की थी. इसी कड़ी में हिमाचल प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने इस्तीफा दे दिया था.

अभी तक की जांच में क्या सामने आया है

इन दोनों आरोपियों को भ्रष्टाचार निरोधक कानून 1988 की धारा 7 और 8 के तहत गिरफ्तार किया गया है. अब तक हुई प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि डॉ. राजीव बिंदल ने कथित तौर पर 31 मई, 2020 को सेवानिवृत्त हो रहे स्वास्थ्य निदेशक डॉ. ए. के. गुप्ता को तीन महीने की एक्सटेंशन देने की सिफारिश की थी. आरोपी पृथ्वी सिंह को 6 जून को गिरफ्तार किया गया. पूर्व स्वास्थ्य निदेशक डॉ. अजय गुप्ता को 20 मई को ही गिरफ्तार कर लिया गया था. हालांकि डॉ. गुप्ता को 30 मई को जमानत मिल गई थी और वो अगले ही दिन रिटायर्ड भी हो गये थे.

विजिलेंस विभाग से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, आरोपी पृथ्वी सिंह पूर्व स्वास्थ्य निदेशक डॉ. अजय गुप्ता पर पीपीई के ज्यादा सप्लाई ऑर्डर हासिल करने के लिए दबाव बना रहा था. डॉ. गुप्ता उसकी एवज में पांच लाख रुपये की रिश्वत लेने पर अड़े हुए थे. लेकिन पृथ्वी सिंह सिर्फ तीन लाख रुपये देना चाहता था. अब जांच में सामने आया है कि आरोपी पृथ्वी सिंह ने जान-बूझकर डॉ. अजय गुप्ता से अपनी बातचीत रिकॉर्ड की थी, ताकि दबाव बनाकर मोटी रकम के ऑर्डर हासिल किए जा सकें.

राजीव बिंदल से क्या कनेक्शन है

स्वास्थ्य निदेशक डॉ. ए. के. गुप्ता की गिरफ्तारी के बाद से ही कुछ तस्वीरें सोशल मीडिया पर घूमने लगीं. कई तस्वीरों में पृथ्वी सिंह, सोलन के एक मेडिकल टेस्टिंग सेंटर ‘एपेक्स डायग्नोस्टिक्स’ के स्टाफ के रूप में दिख रहा है. ‘एपेक्स डायग्नोस्टिक्स’ बिंदल की बेटी और दामाद चलाते हैं. पृथ्वी सिंह का एक विजिटिंग कार्ड भी सर्कुलेट हो रहा है, जिस पर उसका पद ‘एपेक्स डायग्नोस्टिक्स’ का मार्केटिंग मैनेजर लिखा हुआ है.

उधर पृथ्वी सिंह का नाम इस घोटाले में आते ही भारतीय जनता पार्टी के तत्कालीन प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने 28 मई को इस्तीफा दे दिया था, जिसे उसी दिन स्वीकार भी कर लिया गया. हालांकि डॉ. राजीव बिंदल ने दावा किया था कि वह नैतिक आधार पर इस्तीफा दे रहे हैं. फिलहाल इस घोटाले की जांच चल रही है.



वीडियो देखें: हिमाचल प्रदेश के भाजपा नेताओं का सेक्स वीडियों मांगने, बांटने और देखने वालों को ये वीडियो भेजें

 

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