Submit your post

Follow Us

गलवान घाटी के जिस इलाके में लड़ाई हुई थी वहां अब क्या हो रहा है?

लद्दाख़ में लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल (LAC) पर तनाव थोड़ा सा कम होते दिख रहा है. 15 जून की रात गलवान घाटी में पैट्रोलिंग पॉइंट 14 के जिस इलाके में हिंसक झड़प हुई थी, वहां से भारत और चीन की सेना थोड़ा-थोड़ा पीछे हट गई हैं. ‘दी इंडियन एक्सप्रेस’ की रिपोर्ट के मुताबिक, दोनों सेनाएं 1.8 किलोमीटर तक पीछे हटी हैं. पिछले कई दिनों से LAC में तनाव कम करने के लिए बातचीत चल रही थी. ये कमांडर लेवल की बातचीत के बाद सेनाओं को पीछे करने की तरफ उठाया गया शुरुआती कदम है.

पैट्रोलिंग पॉइंट 14 पर चीन ने अपने मिलिट्री कैंप पहले हटा लिए थे, लेकिन 15 जून की रात दोबारा उनके कैंप दिखने लगे थे. इन्हीं कैंप को हटाने के लिए भारतीय सेना के जवान वहां पहुंचे थे. तभी चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) के जवानों ने हमला कर दिया था. ‘दी इंडियन एक्सप्रेस’ के मुताबिक, एक वरिष्ठ आर्मी अधिकारी ने जानकारी दी कि अब चीन के ये कैंप, जो PP14 में थे, वो पूरी तरह से ध्वस्त कर दिए गए हैं और उस इलाके से सारे टेंट हटा दिए गए हैं.

एक दूसरे वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, दोनों सेनाएं PP14 से 1.8 किलोमीटर तक पीछे हट गई हैं. और दोनों पक्षों ने ये फैसला किया है कि जो नया स्पॉट है, यानी जो 1.8 किलोमीटर पीछे वाला नया स्पॉट है, वहां पर दोनों तरफ ही सेनाओं के 30-30 जवान टेंट्स में रहेंगे. इसके बाद नए स्पॉट से एक किलोमीटर और पीछे जाने पर दोनों सेनाओं के 50-50 जवानों की तैनाती होगी. इस वाले स्पॉट से कुछ किलोमीटर पीछे जाने पर दोनों सेनाएं ज्यादा-ज्यादा जवानों की तैनाती कर सकती हैं. एक अधिकारी ने बताया,

‘PP14 का वैरिफिकेशन किया जा चुका है. दो बार किया गया. वहां से सभी बंकर्स, टेंट्स सब हटा लिए गए हैं. वहां किसी भी सैनिक की तैनाती नहीं है. उस इलाके में तब तक दोनों तरफ से पैट्रोलिंग नहीं होगी, जब तक कोई सहमति नहीं बन जाती.’

केवल पैट्रोलिंग पॉइंट 14 से ही सेनाएं पीछे हटी हैं. LAC के बाकी इलाकों पर तनाव अभी भी बना हुआ है. पैट्रोलिंग 17A (गोगरा) पर दोनों देशों के 1500 सैनिक आमने-सामने हैं. ‘दी इंडियन एक्सप्रेस’ के मुताबिक, एक अधिकारी ने बताया,

‘ये इलाका पैट्रोलिंग पॉइंट 14 से 40-50 किलोमीटर दूर है. इस इलाके में, जिसे गोगरा एरिया भी कहते हैं, सेनाएं थोड़ा बहुत पीछे हटी हैं, लेकिन ज्यादा नहीं. हम यहां पर भी जल्द से जल्द शांति लाने के लिए बातचीत कर रहे हैं.’

पैंगोंग सो इलाके में चीन की सेना अभी तक पीछे नहीं हटी है. वहां चीन की सेना LAC से आठ किलोमीटर तक अंदर आ चुकी है. गृह मंत्रालय के सूत्रों का कहना है कि कमांडर लेवल की बातचीत का एक और राउंड होने वाला है.

15 जून की रात क्या हुआ था?

गलवान घाटी के पैट्रोलिंग पॉइंट 14 पर चीन की सेना के कैंप दोबारा दिखने लगे थे. भारतीय सैनिक उनका जायज़ा लेने के लिए कैंप के पास पहुंचे थे, तभी चीन के सैनिकों ने हमला कर दिया. हिंसक झड़प हुई. भारत के 20 जवान शहीद हो गए. वहीं कुछ घायल हुए. चीन की तरफ के भी कुछ जवानों के घायल होने और मारे जाने की खबर थी, लेकिन संख्या को लेकर कोई भी ठोस आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई.


वीडियो देखें: पड़ताल: लद्दाख के पैंगोंग लेक पर उड़ रहे ये हेलिकॉप्टर भारत के हैं?

लगातार लल्लनटॉप खबरों की सप्लाई के लिए फेसबुक पर लाइक करें

टॉप खबर

दिल्ली की जेल में सजा काट रहे सिख दंगे के दोषी नेता की कोरोना से मौत हो गई

विधायक रह चुके इस नेता की कोरोना रिपोर्ट 26 जून को पॉज़िटिव आई थी.

श्रीलंका का ये क्रिकेटर हत्या के आरोप में गिरफ्तार

44 टेस्ट, 76 वनडे और 26 टी20 खेल चुका है.

लेह में दिए अपने भाषण में पीएम मोदी ने चीन का नाम लिए बिना क्या-क्या कहा?

जवानों पर, बॉर्डर के विकास पर, दुनिया की सोच पर बहुत कुछ बोला है.

ICMR ने एक महीने में कोरोना की वैक्सीन लॉन्च करने का झूठा दावा किया है!

क्या वैक्सीन के ट्रायल में घपला हो रहा है?

भारत-चीन के तनाव के बीच पीएम मोदी ने लद्दाख़ पहुंचकर किससे बात की?

पहले राजनाथ सिंह जाने वाले थे, नहीं गए.

मलेरिया वाली जिस दवा को कोरोना में जान बचाने के लिए इस्तेमाल कर रहे, वो उल्टा काम कर रही है?

हाईड्रॉक्सीक्लोरोक्विन पर चौंकाने वाली रिसर्च!

इस साल के आख़िर तक मिलने लगेगी कोरोना की 'मेड इन इंडिया' वैक्सीन!

भारत बायोटेक के अधिकारी ने क्या बताया?

'कोरोनिल' पर पतंजलि के आचार्य बालकृष्ण पूरी तरह यू-टर्न मार गए!

पतंजलि का दावा था कि 'कोरोनिल' दवा कोरोना वायरस ठीक करने में कारगर होगी.

चीन के ऐप तो बैन हो गए, पर उन भारतीयों का क्या जो इनमें काम करते हैं

चीनी ऐप के कर्मचारियों में घबराहट है.

चीनी ऐप पर बैन के बाद चीन ने भारत के बारे में क्या बयान दिया है?

भारत को कैसी जिम्मेदारी याद दिलाई चीन ने?