Submit your post

Follow Us

जयपुर सीरियल बम ब्लास्ट के फैसले में एक आरोपी को क्यों छोड़ा गया?

बात जयपुर सीरियल बम ब्लास्ट केस की. जयपुर की एक विशेष अदालत ने इस मामले में चार लोगों को साज़िश का दोषी पाया है. एक आरोपी छूट गया है. 13 मई, 2008 के रोज़ जयपुर में एक किलोमीटर की परिधि में छह जगहों पर एक के बाद एक 8 ब्लास्ट हुए थे. धमाकों में 71 लोगों की जान गई थी और 185 ज़ख्मी हुए थे. जयपुर के 280 सालों के इतिहास में कभी इतना खून खराबा नहीं हुआ था. शाम को आम लोग और सैलानी जिनमें कई विदेशी भी थेअपने अपने घरों और होटलों में लौटने की तैयारी कर रहे थे. तभी धमाका हो गया.

पहला धमाका हुआ जोहरी बाज़ार में. यहां से कुछ ही दूरी पर सांगानेरी गेट पर हनुमान मंदिर है. यहां दूसरा टार्गेट था. तीसरा टार्गेट था हवा महल के पास. हवा महल के पास बड़ी चौपड़ है. बड़ी चौपड़ के पास है खंदा. यहीं फटा था तीसरा बम. चौथा टार्गेट था मानक चौक पुलिस स्टेशन के ठीक बाहर एक जूतों की दुकान के पास. पांचवां टार्गेट था सरगाह सूली के पास. सरगाह सूली त्रिपोलिया गेट के पास है. त्रिपोलिया गेट से होकर ही आप सिटी पैलेस जाते हैं. सिटी पैलेसजहां जयपुर के पूर्व शासकों का वास है. छठा टार्गेट था चांदपोल गेट के पास हनुमान मंदिर. ये जयपुर का सबसे भीड़भाड़ वाला इलाका है. मंगलवार का दिन थातो मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या भी ज़्यादा थी. इन छह जगहों पर बम फटे. जयपुर वालों ने याद किया कि 2008 से पहले के 15 सालों में शहर में दो बार दंगा हुआ. लेकिन कभी जान और माल का इतना नुकसान नहीं हुआ.

धमाकों के तकरीबन 24 घंटों बाद समाचार चैनल आजतक और हेडलाइन्स टुडेजिसे आप आज इंडिया टुडे टेलिविज़न के नाम से जानते हैंको एक मेल मिला. भेजने वाले की मेल आईडी थी – guru_alhindi_jaipur@yahoo.co.uk इसमें धमाकों से पहले का एक वीडियो था. वीडियो में एक साइकिल नज़र आती थी जिसके कैरियर पर एक बैग रखा था. साइकिल का फ्रेम नंबर था 129489. साइकिल छोटी चौपड़ के पास खड़ी नज़र आती थी.

मेल में एक ऐसे आतंकवादी संगठन ने धमाकों की ज़िम्मेदारी लीजिसके बारे में ज़्यादा लोग जानते नहीं थे – इंडियन मुजाहिदीन. मेल में लिखा था कि ऐसे धमाके दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और चेन्नई में भी जगह होंगे अगर भारत सरकार ने अमेरिका और उसकी नीतियों का समर्थन नहीं रोका. सुरक्षा एजेंसियों ने कहा ईमेल है तो असली क्योंकि धमाकों में इस्तेमाल हुई एक साइकलि का नंबर इंडिया टुडे को मिले ईमेल से मैच करता था. एजेंसियों ने धमाकों की जांच शुरू की तो मालूम हुआ कि RDX का इस्तेमाल हुआ है. आपने इस विस्फोटक का नाम खूब सुना होगा. ये जानिए कि RDX मिलिट्री ग्रेड एक्सप्लोसिव होता है. माने ऐसा विस्फोटक जो सिर्फ और सिर्फ सेना के इस्तेमाल के लिए बनाया जाता है. इसीलिए काफी घातक होता है.

चूंकि धमाकों के लिए improvised explosive device यानी आईईडी का इस्तेमाल हुआ था और इन्हें साइकिल पर रखा गया थाएजेंसियों को शक हुआ कि ब्लास्ट में बांग्लादेश से काम करने वाले आतंकी संगठन हरकत-उल-जिहाद-ए-इस्लामी यानी हूजी का हाथ हो सकता है. आईईडी एक जुगाड़ वाला बम होता है. इसे बनाने के लिए संसाधन कम लगते हैं इसीलिए एजेंसियां इन्हें लेकर खासतौर पर सतर्क रहती हैं. उत्तर प्रदेश में 2007 में हुए धमाकों में यही तरीका अपनाया गया था और तब भी हूजी का नाम सामने आया था. धमाकों के बाद केंद्रीय गृह मंत्रालय ने पूरे देश में अलर्ट जारी कर दिया था. जयपुर पुलिस के मदद के लिए नेशनल सेक्योरिटी गार्ड का बॉम्ब डाटा स्कॉड भी जयपुर पहुंच गया. एक-एक करके संदिग्धों से पूछताछ हुईसबूत तलाशे गए और फिर अदालत में मामला चला. अब अदालत ने लोगों को दोषी पाया है.

कौन-कौन थे दोषी?

1. मुहम्मद सैफ – मानक चौक पुलिस स्टेशन ब्लास्ट

2. मुहम्मद सरवर आज़मी – चांदपोल हनुमान मंदिर ब्लास्ट

3. मुहम्मद सलमान – संगेरी हनुमान मंदिर

4. सैफुर्रहमान अंसारी – इसने पांच अलग-अलग जगहों पर बम प्लांट किए थे

इन चारों को Unlawful Activities (Prevention) Act समेत अनेक धाराओं में दोषी पाया गया है.

पांचवा आरोपी क्यों छोड़ा गया?

शाहबाज़ हुसैन के वकील सुरेश व्यास ने प्रेस को बताया कि शाहबाज़ को सबूतों के अभाव में बरी किया है. शाहबाज़ पर एक ईमेल भेजने और ब्लास्ट की ज़िम्मेदारी लेने जैसे आरोप थे. लेकिन अभियोजन माने प्रॉसिक्यूशन अदालत के सामने अपनी बात साबित नहीं कर पाया. शाहबाज़ हुसैन को अगस्त 2008 में गिरफ्तार हुआ पहला संदिग्ध था.

धमाकों से जुड़े दूसरे नाम

इंडियन मुजाहिदीन को अब्दुल सुबहान कुरैशी उर्फ तौकीर ने बनाया था. तौकीर को भारत का बिन लादेन भी कहा जाता है. कुरैशी प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन स्टूडेंट्स इस्लामिक मूवमेंट ऑफ इंडिया यानी सिमी से जुड़ा हुआ था और उसे बम बनाने में महारथ थी. इसीलिए उसे techie bomber भी कहा जाता था. बैंगलोरदिल्ली और अहमदाबाद में हुए ब्लास्ट के मामलों में एआईए को तौकीर की तलाश थी. धमाकों के बाद जिन ईमेल्स से ज़िम्मेदारी ली जाती थीउन्हें अल अरबी‘ नाम का एक शख्स भेजता था. एजेंसियों को शक है कि तौकीर ही अल अरबी है. जनवरी 2018 में गणतंत्र दिवस के ऐन पहले गाज़ीपुर में एक एनकाउंटर के बाद कुरैशी को दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया.

तौकीर से पूछताछ में एक नाम सामने आया – इंडियन मुजाहिदीन से जुड़ा आरिज़ खान उर्फ जुनैद. जुनैद यूपी के आज़मगढ़ में पैदा हुआ था. इंजीनियरिंग कर रहा था. लेकिन कोर्स छोड़कर आतंक की तरफ मुड़ गया. जुनैद नेपाल में रहा था. वहां उसने वोटर आईडी कार्ड तक बनवा लिया था. इसी दौरान वो रियाज़ भटकल से मिला. रियाज़ ने उसे सऊदी अरब के दम्मम आने को कहाताकि इंडियन मुजाहिदीन को फिर से खड़ा करने के लिए पैसा इकट्ठा किया जा सके. जुनैद ने इसके बाद नेपाली पासपोर्ट बनवा लिया और सितंबर 2014 में सउदी चला गया. वहां उसने एक मज़दूर का भेस लिया और लगातार सिमी और इंडियन मुजाहिदीन के लोगों से मिलता रहा. मार्च 2017 में वो वापस आया. नेपाल से लौटकर जुनैद भेस बदलकर भारत आने-जाने लगा.

13 फरवरी 2018 को दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने आरिज़ खान उर्फ जुनैद को नेपाल बॉर्डर के पास से गिरफ्तार किया. जुनैद पर 2008 में हुए कई आतंकवादी हमलों में मुख्य भूमिका निभाने का आरोप है. 2008 में जयपुर के अलावा दिल्ली और अहमदाबाद में सीरियल ब्लास्ट हुए थे. इसके अलावा नवंबर 2007 में लखनऊवाराणसी अदालतों में 25 मिनिट के भीतर सीरियल ब्लास्ट हुए थे. इस मामले में भी जुनैद पर शक है. जुनैद पर National Investigative Agency (NIA) ने 10 लाख और दिल्ली पुलिस ने लाख का इनाम रखा था. ये इंडियन मुजाहिदीन से जुड़े किसी भी संदिग्ध पर सबसे बड़ा इनाम था. जुनैद पर अलग-अलग धमाकों में कम से कम 165 लोगों की हत्या करने का आरोप है.

जयपुर धमाकों से पहले जुनैद आतिफ अमीन नाम के संदिग्ध के साथ उदिपी गया था. उदिपी के होटल में इन्हें रियाज़ भटकल और यासीन भटकल नाम के दो संदिग्ध मिले थे. यासीन के पास मिर्ज़ा शादाब बेग नाम के एक संदिग्ध की दी बॉल बियरिंग थींजिनसे IED बनाए गए थे. जयपुर धमाकों में ये देखा गया था आईईडी में बॉल बियरिंग माने छर्रे और लोहे के नुकीले टुकड़े डाले गए थे ताकि नुकसान ज़्यादा से ज़्यादा हो. उदिपी के होटल में जुनैद और आतिफ को ढेर सारे डेटोनेटर दिए गए.

इसके बाद ये लोग दिल्ली आ गए. धमाकों से 10 दिन पहले जुनैदआतिफ और टीम के बाकी लोग  तीन टीमों में बंट गए. हर टीम दिल्ली के जोधपुर हाउस से अलग वॉल्वो बस में चढ़ी और जयपुर पहुंची. जयपुर में अपने-अपने टार्गेट की रेकी के बाद ये लोग वापस दिल्ली लौट गए. धमाकों के लिए ये फिर जयपुर लौटे और धमाकों के दिन इन्होंने जयपुर में दस अलग-अलग जगहों पर IED प्लांट कर दिए. जगह विस्फोट हुएलेकिन एक IED दगी नहीं. यानी जितना नुकसान हुआआतंकवादियों का प्लान उससे कहीं बड़ा था.

अदालत ने फिलहाल इन लोगों को दोषी माना है. हो सकता है कि आने वाले दिनों में कोर्ट इनके लिए सज़ा का ऐलान करे.


वीडियो- निर्भया केस में सुप्रीम कोर्ट ने दोषी अक्षय की याचिका ठुकराई, मां पटियाला कोर्ट से नाखुश

लगातार लल्लनटॉप खबरों की सप्लाई के लिए फेसबुक पर लाइक करें

क्या चल रहा है?

'परिवार' में हुई हत्या की वजह से IPL छोड़ लौटे सुरेश रैना!

घर में घुसकर कई लोगों पर हुआ हमला!

लव जिहाद को लेकर योगी सरकार ने पुलिस को अब क्या निर्देश दिए हैं?

सूबे में कथित तौर पर ऐसे कई केसेज़ आए हैं.

सुरेश रैना के बाहर होने के बाद CSK को लगा एक और बड़ा झटका!

CSK टीम को एक के बाद एक झटके लगते ही जा रहे हैं.

यूपी: मुख्यमंत्री आवास के पास डबल मर्डर, रेलवे अधिकारी की पत्नी और बेटे को गोली मारी

घटना हाई सिक्योरिटी ज़ोन में हुई है.

कोरोना से कांग्रेस सांसद की मौत, संसद में कोरोना पर दिए गए उनके भाषण का वीडियो वायरल

कोरोना पर उनका भाषण अधूरा रह गया था.

ऑनलाइन क्लास जारी, पर इंजीनियरिंग कॉलेज के प्रफेसर सोना और जमीन बेचने को मजबूर क्यों?

कोरोना वायरस ने लोगों की जेब पर बहुत बुरा असर डाला है.

सुदर्शन न्यूज़ के मुसलमान विरोधी प्रोग्राम के प्रसारण पर कोर्ट ने कहा, नो मीन्स नो

#UPSC_Jihad के साथ ट्रेलर ट्वीट किया गया था.

रिया चक्रवर्ती को CBI ने सिक्योरिटी दिलवाई, वजह ये है

रिया से मुंबई पुलिस से सुरक्षा मांगी थी.

लद्दाख में चीन फिर वही कर रहा है जो 1962 में जंग की वजह बना था

देश के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने भी माना है कि लद्दाख में स्थिति काफी गंभीर है.

दो दिन में चेन्नई सुपर किंग्स के फैंस के लिए दूसरी बुरी खबर आई है

खबर सुरेश रैना के बारे में है.