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ई-पास कौन बनवा सकता है और इसके लिए क्या करना पड़ेगा?

लॉकडाउन-3 शुरू हो चुका है. 4 मई से. 17 मई तक चलेगा. इस बार लॉकडाउन कुछ-कुछ छूट के साथ लागू हुआ है. दुकान-डलिया तो खुल रही हैं, लेकिन ज़्यादा इधर-उधर जाना अभी भी मना ही है. किसी बहुत ही ज़रूरी काम से कहीं आना-जाना हो तो उसके लिए एक सुविधा दी गई है- ई-पास. वैसे तो पहले और दूसरे लॉकडाउन में भी बेहद जरूरी होने पर लोगों को ट्रैवल पास दिया जा रहा था. लेकिन इस बार ई-पास की सुविधा जोड़ी गई है. नाम से ही जाहिर है कि ये पास ऑनलाइन बनवा सकेंगे.

लेकिन इसका प्रोसेस क्या है? इसके लिए अप्लाई कौन कर सकता है? इस खबर में हम इन्हीं सवालों के जवाब देने की कोशिश कर रहे हैं.

ई-पास के लिए अप्लाई कौन कर सकता है?

दो तरह के लोगों को ई-पास मिल सकता है..

1. जो किसी ज़रूरी सेवाओं से जुड़ा हो. जैसे मेडिकल, मीडिया, फूड डिलिवरी आदि. लॉकडाउन के शुरुआती दौर में इन्हें छूट थी. लेकिन फिर रोका जाने लगा था. अब ये ज़रूरी सेवाओं से जुड़े लोग ई-पास दिखाकर छूट ले सकेंगे.

2. जो बेहद इमरजेंसी में हो. माने जब आप ई-पास के लिए अप्लाई करेंगे तो कारण पूछा जाएगा. जिसकी ज़रूरत वाकई में ज़रूरत टाइप लगी, उसे मिल सकता है. जैसे अगर किसी की तबीयत ख़राब है, या जो कहीं फंसे हुए हैं और निजी वाहन से अपने घर जाना चाहते हैं, वो अप्लाई कर सकते हैं. गुड्स ट्रांसपोर्ट वाले भी ई-पास के लिए अप्लाई कर सकते हैं.

ई-पास देगा कौन?

राज्य सरकारें अपने स्तर पर ई-पास दे रही हैं. DCP, एडिशनल DCP या DM स्तर के अधिकारी ये काम देख रहे हैं. ई-पास चाहिए तो इन्हीं के दफ्तर से अप्लाई करना होगा. नियम और स्वविवेक का इस्तेमाल करके यही अधिकारी तय करेंगे कि आपके दिए कारण पर ई-पास जारी होगा या नहीं.

कैसे करें अप्लाई?

अप्लाई करने के भी दो तरीके हैं.

पहला – ऑफलाइन. यानी ऊपर जिन अधिकारियों का ज़िक्र किया, उनके दफ़्तर जाकर अप्लाई कर सकते हैं.

दूसरा – अलग-अलग राज्यों में ऑनलाइन व्यवस्था भी है.

Delhi E Pass
अगर आप दिल्ली में ई-पास बनवाना चाह रहे हैं, तो नीचे दिए दिल्ली ई-पास के लिंक पर जाएं. इस तरह का पेज खुलेगा. फिर आगे प्रोसीड करें.

कुछ राज्यों के लिंक्स हम यहां दे रहे हैं. राज्य के नाम पर क्लिक करने पर उस राज्य का ई-पास वाला पोर्टल खुल जाएगा.

दिल्ली , उत्तर प्रदेशमध्य प्रदेशहिमाचल प्रदेशपंजाबहरियाणाराजस्थानबिहारमहाराष्ट्रतमिलनाडुकेरल

..तो सरकार जो बस, ट्रेन चला रही, वो क्या है?

वो भी लोगों के मूवमेंट का ही ज़रिया है, लेकिन इससे अलग है. वो प्रवासी मज़दूरों, छात्रों के लिए है. ऐसे लोग, जिनके घर कहीं और हैं और उनके पास जाने का कोई साधन नहीं है. उनके लिए बस और श्रमिक ट्रेन चलाई गई है. उस सुविधा के लिए अलग प्रक्रिया है.

बाकी बातें पॉइंटर्स में..

ई-पास ज़रूरत के मुताबिक, राज्य के भीतर और राज्य के बाहर दोनों जगहों के बन सकते हैं. जैसा कारण, वैसा पास.

कारण बेहद ज़रूरी नहीं हुआ तो पास बनेगा ही नहीं. बिल्कुल गैर-ज़रूरी कारण दिया तो कार्रवाई भी हो सकती है.

ई-पास बनवाने के लिए दो फोटोग्राफ, आईडी प्रूफ लगेगा. साथ ही एक ऐसा डॉक्यूमेंट भी हो, जो बता सके कि आप जिस वजह से पास बनवा रहे हैं, वो सच्ची है. जैसे- इलाज के लिए बनवा रहे हैं, तो डॉक्टर का पर्चा.

ई-पास के साथ-साथ एक आईडी प्रूफ (जैसे- ड्राइविंग लाइसेंस, वोटर आईडी वगैरह) भी रखना ज़रूरी होगा. जहां भी पुलिस रोके, पास और आईडी दिखाएं.

ई-पास रेड ज़ोन और कंटेनमेंट एरिया में मूवमेंट की इजाज़त नहीं देता.


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