Submit your post

Follow Us

इस अदालत में गाय की गवाही हुई है

69
शेयर्स

राजस्थान का एक जिला है जोधपुर. लगभग एक साल पहले यहां एक गाय लापता हो गई. दो महीने बाद यह गाय एक टीचर को मिलती है. वो इसे घर ले आते हैं. 4 दिन बाद उस गाय पर एक और व्यक्ति दावा ठोकता है. कहता है कि गाय मेरी है. और उसे टीचर के घर से लाकर अपने घर पर बांध देता है. गाय किसकी है? इसे लेकर विवाद होता है. मार कुटाई तक की नौबत आ जाती है. मामला थाने पहुंचता है. पुलिस केस दर्ज कर लेती है. इसके बाद मामला कोर्ट में चला जाता है.

राजस्थान पत्रिका की खबर के मुताबिक, नयाबास के रहने वाले श्यामसिंह परिहार का कहना है कि उनकी गाय एक साल पहले लापता हो गई थी. 31 जुलाई 2018 को जब वह स्कूल से लौट रहे थे तो उन्हें रास्ते में उनकी गाय दिखी. इसके बाद वह उसे घर ले आए. तीन दिन बाद पड़ोस में रहने वाले सिपाही ओमप्रकाश बिश्नोई गाय को अपने घर ले गए. कहने लगे कि गाय उनकी है. मामला कोर्ट पहुंचा तो कोर्ट ने सुनवाई शुरू की.

यह पता लगाने के लिए गाय किसकी है. जज साहब ने गाय को ही कोर्ट बुला लिया.
यह पता लगाने के लिए गाय किसकी है. जज साहब ने गाय को ही कोर्ट बुला लिया.

सुनवाई शुरू होते ही गाय को गोशाला भेज दिया गया. इस दौरान गाय को बछड़ा हो गया. श्याम सिंह ने आरोप लगाया कि गाय खुद का दूध पीती है. कोर्ट ने इसकी भी जांच के आदेश दिए. जहां गाय को रखा गया था वहां सीसीटीवी कैमरे लगाए गए. लेकिन कोई नतीजा नहीं निकाला. 12 अप्रैल को कोर्ट ने गाय और बछड़े को कोर्ट में पेश करने के आदेश दिए. गोशाला से गाय को कोर्ट में लाया गया. जज मदन सिंह चौधरी ने गाय का मुआयना किया.

लगभग एक साल तक इस मामले की सुनवाई चली. उसके फैसला आया.
लगभग एक साल तक इस मामले की सुनवाई चली. उसके फैसला आया.

विवाद सुलझाने के लिए कोर्ट ने गाय को दोनों पक्षों के घर से 500 मीटर की दूरी पर छोड़कर मालिक का पता लगाने के लिए कहा. अधिकारियों ने ऐसा ही किया. 15 अप्रैल 2019 को गाय को 500 मीटर दूर छोड़ा गया. गाय ओम प्रकाश के घर पहुंची, लेकिन थोड़ी देर रुकी और आगे बढ़ गई. दूसरे पक्ष के श्यामसिंह ने जांच कमेटी के अधिकारियों से बहस शुरू कर दी. आरोप लगाया कि ओम प्रकाश गाय को घर के पास रुकने के लिए आवाज लगा रहा था. जांच कमेटी ने 20 पन्ने की रिपोर्ट कोर्ट को सौंपी. गवाहों के बयान और वकीलों की जिरह के बाद कोर्ट ने फैसला सुनाया. गाय ओमप्रकाश विश्नोई को सौंप दी. यह 15 जून को यह फैसला आया.

हालांकि कोर्ट का फैसला आने के बाद भी दूसरा पक्ष इसे मानने को तैयार नहीं है.
हालांकि कोर्ट का फैसला आने के बाद भी दूसरा पक्ष इसे मानने को तैयार नहीं है.

कोर्ट का फैसला आ गया. तय हो गया कि गाय किसकी है. लेकिन मामला यहीं खत्म नहीं हुआ. ओमप्रकाश गाय लेने गोशाला पहुंचे. गाय की पूजा की. लोगों को मिठाई बांटी. और गाय ले जाने की तैयारी करने लगे. लेकिन श्यामसिंह पहुंच गया और गाय को अपना बताने लगा. हंगामा शुरू कर दिया. पुलिसवालों ने कोर्ट के आदेश की कॉपी दिखाई. लेकिन उसने आदेश की कॉपी फाड़ दी. जिस गाड़ी में गाय को ले जाना था उस गाड़ी के कांच के शीशे तोड़ दिए. और पुलिस फोर्स बुलाई् गई. इसके बाद आरोपी को थाने ले जाया गया. सरकारी काम में बाधा डालने के आरोप में उसे गिरफ्तार कर लिया गया.


बाबा रामदेव पतंजलि को मल्टी नेशनल कंपनी बनाने चले थे, फिलहाल मामला नीचे की तरफ चल निकला

लगातार लल्लनटॉप खबरों की सप्लाई के लिए फेसबुक पर लाइक करें

क्या चल रहा है?

"गोडसे मुर्दाबाद" का सवाल आते ही संबित पात्रा ने कहा "राजीव गांधी मुर्दाबाद"

संबित पात्रा तो धर्म की कसम खिलाने लगे, हो दद्दा!

इस आदमी ने हिम्मत नहीं दिखाई होती तो पता नहीं कितने लोग मर गए होते

बस के ड्राइवर को हॉर्ट अटैक आया और बस कारों को रौंदती चली गई.

जिस दुर्गा पंडाल की लोगों को तारीफ करनी चाहिए थी, अब उसी के खिलाफ केस हो गया है

सबके पास अपनी-अपनी वजहे हैं. तारीफ की भी और आलोचना की भी. और राजनीति तो है ही.

कपल की न्यूड तस्वीरें गूगल कैमरे में कैद हो गई, अब बवाल मचा हुआ है

गाड़ी के बोनट पर केलिक्रीड़ा में लिप्त थे.

मोदी सरकार एक ऐसा नियम बदलने जा रही है, जिससे राहुल गांधी की यात्राओं पर सरकार का GPS लग जाएगा

तू जहां-जहां चलेगा...

मुंबई: भिखारी के घर से इतने पैसे मिले कि पुलिस हक्का-बक्का रह गई

लोगों को पूरा जीवन लग जाता है इतने पैसे जोड़ने में.

पीएमसी बैंक के झोल की वजह से मां की अंतिम इच्छा पूरी नहीं कर पाई बेटी

किसी मां के साथ ऐसा न हो. किसी बेटी के साथ ऐसा न हो.

चुनावों की गहमागहमी में बीजेपी नेता के परिवार की पांच हत्याओं से पूरा महाराष्ट्र दहल उठा

तब से पूरे शहर में डर का माहौल है.

असदुद्दीन ओवैसी ने अमित शाह के मन की बात कह दी है

महाराष्ट्र में रैली करने पहुंचे थे ओवैसी.

SC ने महाराष्ट्र सरकार से कहा, आरे के पेड़ों की कटाई तुरंत रोकें

इस मुद्दे पर बीजेपी और शिवसेना खुद में लड़ रहे हैं.