Submit your post

Follow Us

एम्स के डायरेक्टर डॉ. रणदीप गुलेरिया ने कोरोना वायरस के पीक पर डराने वाली बात कही है!

कांग्रेस नेता राहुल गांधी कई बार कह चुके हैं कि सरकार लॉकडाउन को बेहतर प्लानिंग के साथ लागू नहीं कर पाई, इसलिए ये फेल रहा. अब कुछ-कुछ इसी तरह की बात एम्स के डायरेक्टर डॉ. रणदीप गुलेरिया ने कही है. लेकिन एक ट्विस्ट के साथ.

डॉ. गुलेरिया ने इंडिया टुडे टीवी से बात करते हुए कहा कि लॉकडाउन से कई मायनों में फायदा रहा. लेकिन ऐसा भी नहीं है कि इससे केसेज़ एकदम से कम हो गए हों. डॉ. गुलेरिया ने इसके लिए सरकार को नहीं, लोगों को ज़िम्मेदार ठहराया और कहा कि लॉकडाउन का जितना गंभीरता से पालन किया जाना चाहिए था, उतना लोगों ने नहीं किया.

पीक आ चुका या आना बाकी?

इस पर डॉ. गुलेरिया ने कहा –

“कोरोना वायरस पीक अभी आना बाकी है. मैं मानता हूं कि देश में केस लगातार बढ़ रहे हैं. लेकिन हमारी आबादी को देखते हुए ये तो लाज़िमी था. हम इस मामले में भारत की तुलना यूरोपीय देशों से नहीं कर सकते. यूरोप में दो-तीन देशों को मिलाकर जितनी आबादी है, उतनी अकेले भारत की. फिर भी हमारा मृत्यु दर यूरोप से कम है.”

क्या कम्युनिटी ट्रांसमिशन शुरू हो चुका है?

डॉ. गुलेरिया ने जवाब दिया – हां. कहा कि दिल्ली और मुंबई जैसे शहरों के हॉटस्पॉट्स में इसकी संभावना है. यूं तो देश के 10-12 शहर इसके ख़तरे में हैं. लेकिन पूरा देश नहीं.

उन्होंने ये भी कहा कि आने वाले वक्त में ज़्यादा से ज़्यादा टेस्टिंग बेशक काफी ज़रूरी है. लेकिन इंफेक्शन को रोकने का यही इकलौता तरीका नहीं है. सोशल डिस्टेंसिंग का ध्यान रखना काफी ज़रूरी है.

दिल्ली के हॉस्पिटल किसके?

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने हाल ही में एक नई डिबेट छेड़ दी है. उनका कहना है कि कोरोना काल तक के लिए दिल्ली के अस्पतालों में सिर्फ दिल्ली के मरीज़ों का इलाज होना चाहिए. इस पर रणदीप गुलेरिया ने कहा कि अगर किसी व्यक्ति को कोई स्वास्थ्य सुविधा अपने राज्य में नहीं मिल रही और नेशनल कैपिटल में मिल रही है तो हम उसे मना तो नहीं कर सकते. वो भी इंडियन हैं, वो भी बीमार हैं.


मोदी सरकार 2.0 के बीते एक साल में हेल्थ सेक्टर को लेकर कौन-से तीन बड़े काम हुए?

लगातार लल्लनटॉप खबरों की सप्लाई के लिए फेसबुक पर लाइक करें

टॉप खबर

लद्दाख में तनाव: भारत-चीन सेना के कमांडरों की मीटिंग में क्या हुआ, विदेश मंत्रालय ने बताया

6 जून को दोनों देशों के सेना के कमांडरों की मीटिंग करीब 3 घंटे तक चली थी.

पहले से फंसी 69000 शिक्षक भर्ती में अब पता चला, रुमाल से हो रही थी नकल!

शुरू से विवादों में रही 69 हजार शिक्षक भर्ती में जुड़ा एक और विवाद

'निसर्ग' चक्रवात क्या है और ये कितना ख़तरनाक है?

'निसर्ग' नाम का मतलब भी बता रहे हैं.

कोरोना काल में क्रिकेट खेलने वाले मनोज तिवारी ‘आउट’

दिल्ली में हार के बाद बीजेपी का पहला बड़ा फैसला.

1 जून से लॉकडाउन को लेकर क्या नियम हैं? जानिए इससे जुड़े सवालों के जवाब

सरकार ने कहा कि यह 'अनलॉक' करने का पहला कदम है.

3740 श्रमिक ट्रेनों में से 40 प्रतिशत ट्रेनें लेट रहीं, रेलवे ने बताई वजह

औसतन एक श्रमिक ट्रेन 8 घंटे लेट हुई.

कंटेनमेंट ज़ोन में लॉकडाउन 30 जून तक बढ़ाया गया, बाकी इलाकों में छूट की गाइडलाइंस जानें

गृह मंत्रालय ने कंटेनमेंट ज़ोन के बाहर चरणबद्ध छूट को लेकर गाइडलाइंस जारी की हैं.

मशहूर एस्ट्रोलॉजर बेजान दारूवाला नहीं रहे, कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी

बेटे ने कहा- निमोनिया और ऑक्सीजन की कमी से हुई मौत.

लॉकडाउन-5 को लेकर किस तरह के प्रपोज़ल सामने आ रहे हैं?

कई मीडिया रिपोर्ट में दावा किया गया है कि 31 मई के बाद लॉकडाउन बढ़ सकता है.

क्या जम्मू-कश्मीर में फिर से पुलवामा जैसा अटैक करने की तैयारी में थे आतंकी?

सिक्योरिटी फोर्स ने कैसे एक्शन लिया? कितना विस्फोटक मिला?