ममता बनर्जी के उस आंदोलन की कहानी, जिसने उनके लिए राजनीतिक जमीन उपजाऊ बना दी
18 मई 2006 को हुगली जिले के सिंगूर इलाके की करीब 1000 एकड़ जमीन को टाटा के नैनो कार के कारखाने के लिए देने का ऐलान कर दिया गया. इसके बाद मचा ऐसा बवाल कि फिर इस राज्य में CPM कभी सत्ता में नहीं लौट पाई. आज जानेंगे उस आंदोलन के बारे में जिसने बंगाल की राजनीति को हमेशा के लिए पलट दिया. कहानी सिंगूर आंदोलन की, जिसने टाटा को बंगाल छोड़ने पर मजबूर किया. और ममता बनर्जी के लिए राजनीतिक जमीन को उपजाऊ बना दिया.
Advertisement

3 अक्टूबर, 2008 को टाटा ने सिंगूर के नैनो प्लांट को छोड़ने का आधिकारिक ऐलान कर दिया था | फाइल फोटो: इंडिया टुडे/गेट्टी इमेज
Story Summary
वीडियो देखें: गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाने वाली हीरो साइकिल की कहानी

