Submit your post

Follow Us

जब जेफ थॉमसन ने चेतन चौहान से कहा- अगली बॉल माथे पर मारूंगा तब हंसकर दिखाना

इंडियन क्रिकेट टीम ऑस्ट्रेलिया टूर पर है. जल्दी ही टीम का असली टेस्ट शुरू होगा. जब दोनों टीमें बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी के लिए भिड़ेंगी. भारत-ऑस्ट्रेलिया के बीच होने वाली टेस्ट सीरीज को इसी नाम से जाना जाता है. इस सीरीज के शुरू होने में अभी कुछ दिन बाकी हैं. इन बाकी के दिनों में हम बात करेंगे इतिहास की. इन बातों में तमाम क़िस्से शामिल होंगे.

इन क़िस्सों की शुरुआत के लिए हमने चुना है एक मज़ेदार क़िस्सा. क़िस्सा है 1977-78 सीरीज का. टीम इंडिया ऑस्ट्रेलिया टूर पर थी. पांच मैचों की सीरीज में मेजबान 2-1 से आगे थे. सीरीज का चौथा टेस्ट सिडनी में खेला गया. 7 जनवरी से 12 जनवरी तक चले इस मैच में टीम इंडिया ने पूरे वक्त अपना दबदबा बनाकर रखा.

# हंसकर फंसे चेतन

टीम ने मैच को एक पारी और दो रन से जीता. लेकिन इस जीत से ज्यादा चर्चा बटोरी चेतन चौहान और जेफ थॉमसन के बीच हुई बहस ने. चेतन अपनी ठोस बैटिंग के साथ खुलकर हंसने के लिए भी मशहूर थे. वह जब भी हंसते थे, दिल खोलकर हंसते थे. इसी हंसी के चलते सिडनी टेस्ट में थॉमसन उनसे उलझ गए. दरअसल हुआ ये कि इस टेस्ट में ऑस्ट्रेलिया की पहली पारी में 131 पर ही सिमट गई.

कंगारू टेस्ट के पहले दिन चायकाल तक ही खेल पाए. ऐसे में जब इंडिया की बैटिंग आई, कंगारू बोलर्स बेहद गुस्से में बोलिंग पर आए. उन्हें गुस्सा इस बात से था कि उन लोगों को पहले ही दिन, और वो भी इतनी जल्दी बोलिंग पर आना पड़ा. इन खफा हुए बोलर्स को थॉमसन ही लीड कर रहे थे.

हल्की बूंदाबांदी से पिच थोड़ी सी नम थी और थॉमसन उस वक्त 90-95 मील की रफ्तार से बोलिंग कर रहे थे. उन्होंने इसी स्पीड में ऑफस्टंप के बाहर एक शॉर्ट डिलिवरी फेंकी. चेतन ने इसे स्क्वायर कट किया. बॉल ने बल्ले का ऊपरी किनारा लिया और थर्ड मैन बाउंड्री के बाहर चली गई.

खौराए थॉमसन ने चेतन को घूरा और इतने में चेतन हंस दिए. बस, थॉमसन का क्रोध और बढ़ गया. उन्हें लगा कि चेतन उनका मजाक बना रहे हैं. गुस्साए थॉमसन गुर्राए

‘उस शॉट में इतना फनी क्या था?’

इतना बोलते हुए वह चलकर चेतन के पास पहुंच गए. चेतन के माथे पर क्रॉस बनाते हुए थॉमसन ने कहा,

‘अब मैं तुमको यहीं मारूंगा. देखते हैं अगर तुम इसके बाद भी हंस पाए तो.’

# क्यों हंसे चेतन?

इस बारे में बाद में सुनील गावस्कर ने अपने एक कॉलम में लिखा,

‘अपने प्रोफेशनल लुक्स और दार्शनिक बातों के चलते चेतन को प्यार से लोग ‘मास्टर्र’ बुलाते थे. मुंबई क्रिकेट सर्कल से निकला यह नाम इंडियन टीम तक पहुंच गया था. इस सीरीज के दौरान लोग स्क्वायर कट से चेतन के प्यार के भी मजे लेते थे.

लोग कहते थे- मास्टर्र, अगर कोई तुम्हें शॉर्टपिच गेंद फेंकेगा, तुम उसे कट करोगे, कनेक्ट हुआ तो भी चौका और एज लगा तो भी चौका. ये बड़ी चर्चित लाइन थी और जब बॉल ऊपरी किनारा लेकर थर्डमैन बाउंड्री के बाहर गई, ड्रेसिंग रूम बालकनी में मौजूद पूरी टीम एकसाथ हंस पड़ी.’

गावस्कर ने आगे लिखा,

‘सिडनी में विजिटर्स का ड्रेसिंग रूम मैदान के काफी क़रीब है. ऐसे में हम दोनों ने ही जोर की हंसी और ‘मास्टर्र मास्टर्र’ की आवाजें सुनी. चेतन को इसी पर हंसी आई. लेकिन हंसते वक्त उनकी नजर थॉमसन से मिली और थॉमसन को लगा कि उनका मजाक बनाया जा रहा है.’

गावस्कर के मुताबिक, इस घटना के बाद थॉमसन गुस्से में और तेज बोलिंग करने लगे. गली और स्लिप के फील्डर्स 30 यार्ड पीछे भेज दिए गए. हालांकि चेतन ने जमकर उनका सामना किया. अंत में वह 42 रन बनाकर आउट हुए. जब वह ड्रेसिंग रूम में पहुंच तब टीम को पता चला कि चौहान टूटी उंगली के साथ खेल रहे थे. थॉमसन की एक बॉल से उनकी उंगली टूट गई थी. हालांकि इसके बाद भी वह डटे रहे और खेल छोड़कर वापस नहीं आए.

बाद में भारत ने यह मैच जीत सीरीज में 2-2 की बराबरी कर ली थी. हालांकि ऑस्ट्रेलिया ने पांचवां टेस्ट जीत सीरीज 3-2 से अपने नाम कर ली थी.


1981 का वो क्रिकेट मैच, जब डेनिस लिली, जावेद मियांदाद से बिना बात भिड़ गए थे

लगातार लल्लनटॉप खबरों की सप्लाई के लिए फेसबुक पर लाइक करें

पॉलिटिकल किस्से

जब चंद्रशेखर सिंह सत्ता गंवाने वाले बिहार के इकलौते मुख्यमंत्री बने थे

9 जुलाई 1986 को इनका निधन हो गया था.

बिहार का वो सीएम, जिसका एक लड़की के किडनैप होने के चलते करियर खत्म हो गया

वो नेता जिनसे नेहरू ने जीवन भर के लिए एक वादा ले लिया.

महात्मा गांधी का 'सरदार,' जो कभी मंत्री नहीं बना, सीधा मुख्यमंत्री बना

सरदार हरिहर सिंह के बिहार के मुख्यमंत्री बनने की कहानी

मजदूर नेता से सीएम बनने का सफर तय करने वाले बिंद्श्वरी दुबे का किस्सा सुनिए

बेंगलुरू की मशहूर नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी इन्हीं की देन है.

बिहार के उस सीएम की कहानी जिसने लालू को नेता बनाया

वो CM जिसे बस कंडक्टर के चक्कर में कुर्सी गंवानी पड़ी.

बिहार का वो सीएम जिसे तीन बार सत्ता मिली, लेकिन कुल मिलाकर एक साल भी कुर्सी पर बैठ न सका

बिहार के पहले दलित सीएम की कहानी.

मुख्यमंत्री: मंडल कमीशन वाले बिहार के मुख्यमंत्री बीपी मंडल की पूरी कहानी

बीपी मंडल, जो लाल बत्ती के लिए लोहिया से भिड़ गए थे.

बिहार का वो मुख्यमंत्री जिसकी मौत के बाद तिजोरी खुली तो सब चौंक गए

वो सीएम जो बाबाधाम की तरफ चला तो देवघर के पंडों में हड़कंप मच गया था.

श्रीकृष्ण सिंह: बिहार का वो मुख्यमंत्री जिसकी कभी डॉ. राजेंद्र प्रसाद तो कभी नेहरू से ठनी

बिहार के पहले मुख्यमंत्री की कहानी.

कहानी तीन दिन के लिए बिहार के सीएम बने सतीश प्रसाद सिंह की

वो सीएम जिसने 'जोगी और जवानी' नाम की फिल्म बनाई.