Submit your post

Follow Us

83 वर्ल्ड कप में किसी टीम से ज्यादा कपिल की अंग्रेजी से डरती थी टीम इंडिया!

25 जून 1983. भारतीय क्रिकेट टीम ने दुनिया जीत ली. कपिल देव की अगुवाई में वेस्ट इंडीज़ को हराकर भारत वर्ल्ड चैंपियन बन गया. इस जीत के बाद तमाम क़िस्से कहे-सुने गए. लोगों ने टीम की एकजुटता की तारीफ की. आपसी समझ को सराहा. नॉर्थ और साउथ के प्लेयर्स के बीच के कम्यूनिकेशन को बेहतरीन बताया गया.

अब इस जीत के 38 साल होने पर टीम के अहम सदस्य रहे संदीप पाटिल ने कमाल का खुलासा किया है. पाटिल ने बताया कि टीम मीटिंग में होने वाली बातें समझना भी एक टास्क होता था. चंडीगढ़ से निकले कैप्टन कपिल अपनी अंग्रेजी में जो कुछ भी बोलते थे, वो समझना बेहद मुश्किल होता था. आजतक के विक्रांत गुप्ता के साथ एक एक्सक्लूसिव बातचीत में पाटिल ने कहा,

‘जब हमारे कप्तान टीम मीटिंग में अंग्रेजी में बात करते थे तब कम्यूनिकेशन की बहुत बड़ी प्रॉब्लम होती थी. ना सिर्फ एक टीम मीटिंग में, बल्कि जबसे वर्ल्ड कप की शुरुआत हुई. पहले मैच से लेकर अंतिम मैच तक कपिल देव ने टीम को क्या कहा मुझे याद नहीं.

और शायद वही कुंजी थी. जो उनके मन में था, जो वो कहना चाहते थे अंग्रेजी में और जो हम समझते थे थैंक्स टू सुनील गावस्कर और मोहिंदर अमरनाथ. ये दोनों ट्रांसलेट या डीकोड करते थे. पाजी का स्टाइल तब भी ऐसा ही था और आज भी ऐसा ही है.’

पाटिल के इस खुलासे के वक्त कपिल भी वहीं बैठे थे. उन्होंने अपने साथी की हां में हां मिलाते हुए कहा,

‘टीम वाले हैं, बिल्कुल सही बोल रहे हैं. कोई गलती ही नहीं है उसमें. मैं एग्रीकल्चर बैकग्राउंड से आया था और ये लोग कल्चर बैकग्राउंड से. मुझे थोड़ा समय लगा इनको जानने में. अभी भी ये मेरी अंग्रेजी नहीं समझ पाते. इसलिए जो बात इनको नहीं समझानी होती मैं अंग्रेजी में बोल देता हूं.’

इसी बातचीत के दौरान कपिल से यह भी पूछा गया कि वह इस जीत की गोल्डेन जुबिली कहां मनाना चाहते हैं. जवाब में कपिल ने कहा,

‘अगर हम लोग हर साल 25 जून को मिल सकें तो बहुत अच्छा लगता है. यह एक तरह से हम सबका बर्थडे है. हम चाहते हैं कि इसी बहाने हर साल मुलाकात होती रहे.’


WTC फाइनल 2021 में हार के बाद टीम को फैमिली बताकर क्या बोले कप्तान कोहली?

लगातार लल्लनटॉप खबरों की सप्लाई के लिए फेसबुक पर लाइक करें

पॉलिटिकल किस्से

वो मुख्यमंत्री, जिसकी कुर्सी प्याज की महंगाई ने छीन ली

वो मुख्यमंत्री, जिसकी कुर्सी प्याज की महंगाई ने छीन ली

दिल्ली के दूसरे मुख्यमंत्री साहिब सिंह वर्मा की आज बरसी है.

पिता-पुत्र की वो जोड़ी, जो गांधी परिवार के सात बार करीब आए तो आठ बार दूर गए

पिता-पुत्र की वो जोड़ी, जो गांधी परिवार के सात बार करीब आए तो आठ बार दूर गए

बात जितेंद्र और जितिन प्रसाद की.

पिनारायी विजयन: केरल का वो वाम नेता, जिसे वहां के लोग 'लुंगी वाला मोदी' कहते हैं

पिनारायी विजयन: केरल का वो वाम नेता, जिसे वहां के लोग 'लुंगी वाला मोदी' कहते हैं

..और जिसने भरी विधानसभा में लहराई थी खून से सनी शर्ट.

भैरो सिंह शेखावत : राजस्थान का वो मुख्यमंत्री, जिसे वहां के लोग बाबोसा कहते हैं

भैरो सिंह शेखावत : राजस्थान का वो मुख्यमंत्री, जिसे वहां के लोग बाबोसा कहते हैं

आज इनकी बरसी है.

असम की राजनीति का ‘विस्मय बालक’, जिसके साथ हुई ग़लती को ख़ुद अमित शाह ने सुधारा था

असम की राजनीति का ‘विस्मय बालक’, जिसके साथ हुई ग़लती को ख़ुद अमित शाह ने सुधारा था

हिमंत बिस्व सरमा, जिनसे बात करते हुए राहुल गांधी 'पिडी' को बिस्किट खिला रहे थे.

राजनीति में आने वाला देश का पहला आईआईटीयन, जिसके आर्थिक सुधार का क्रेडिट कोई और ले गया!

राजनीति में आने वाला देश का पहला आईआईटीयन, जिसके आर्थिक सुधार का क्रेडिट कोई और ले गया!

किस्से चौधरी अजित सिंह के.

वो नेता जिसने विधानसभा में अपनी ख़ून से सनी शर्ट लहरायी और चुनाव जीत गया

वो नेता जिसने विधानसभा में अपनी ख़ून से सनी शर्ट लहरायी और चुनाव जीत गया

पिनारायी विजयन के पॉलिटिकल क़िस्से

हिमंत बिस्व सरमा की कहानी, जो राहुल गांधी के कुत्ते से चिढ़े और बीजेपी की सरकार बनवा डाली

हिमंत बिस्व सरमा की कहानी, जो राहुल गांधी के कुत्ते से चिढ़े और बीजेपी की सरकार बनवा डाली

कांग्रेस से बीजेपी में गए और उसे जीत दिला दी.

सिरफुटव्वल की वो कहानी, जिसके बाद भारतीय जनता पार्टी बनाने की नौबत आई

सिरफुटव्वल की वो कहानी, जिसके बाद भारतीय जनता पार्टी बनाने की नौबत आई

41 साल में भाजपा ने शून्य से शिखर तक का सफर कैसे तय किया?

RSS के संस्थापक हेडगेवार ने गोलवलकर को ही क्यों चुना अपना उत्तराधिकारी?

RSS के संस्थापक हेडगेवार ने गोलवलकर को ही क्यों चुना अपना उत्तराधिकारी?

हेडगेवार के जन्मदिन पर जानिए ये पुराना किस्सा.