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WC19: सेमीफाइनल जीतती तो ढोल-नगाड़े तैयार थे, हारी तो हम फैंस के पास नोंचने के लिए ये 11 खंभे हैं

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आज देश में मातम पसरा है. वीकेंड होता तो घर में औकतानुसार एसी, पंखे या कूलर  के सामने बैठकर अफ़सोस मना रहे होते. लेकिन दिक्कत ये कि ऑफिस जाना है, दुकान खोलनी है. और हर जगह कल के मैच की बात होनी है. कोई नहीं करना चाहता पर हर कोई करेगा. ज़ख्म कोई नहीं कुरेदना चाहता, लेकिन हर किसी को ठीक वहीं पर खुजली लग रही है जहां ज़ख्म हुआ. ‘ऐसा कैसे हो गया’ से लेकर ‘यूं होता, तो क्या होता’ के एक सौ तीस करोड़ पैरलल यूनिवर्स बन चुके होंगे. और चूंकि आज वर्किंग डे है तो हर कोई ज़्यादा बातें करना एफोर्ड नहीं कर सकता. इसलिए हर टी-ब्रेक, हर लंच-ब्रेक की बहस को, कहीं एक जगह विराम देना ज़रूरी है. इसलिए ऐसी जगहों के लिए कुछ विराम बने हैं. जैसे-

छोड़ो, अब कर भी क्या सकते हैं.

ये एक तरह का वास्तविकता से मुंह मोड़ना है. ऐसा विराम पसंद नहीं है किसी को, लेकिन विकल्प भी तो नहीं. कि पुनः- अब कर भी क्या सकते हैं? जॉब तो करनी है. और इस बहस को विराम तो देना ही है.

सोचिए इंडिया और इंडियन कैप्टन विराट को अभी कितने ऑफिशियल-अनऑफिशियल सवालों के जवाब देने होगें. कहीं कारण बताएंगे कहीं एक्सक्यूज़ देंगे. लेकिन उतनी ही बड़ी दिक्कत हम फैंस की है. हमसे भी तो हमारा मन सवाल पूछता है. बगल में बैठे हुए चेहरे घूरते हैं. मैच विराट कोहली के लड़के हारते हैं, अपने मम्मी-पापा के सामने मुंह हमारा छुपाना मुश्किल हो जाता है. क्यूंकि विराट कोहली के लड़के टीम इंडिया है.

बहरहाल खिलाड़ियों के अपने एक्सक्यूज़ होंगे, लेकिन हम फैंस के भी होने चाहिए. न न, एक्सक्यूज़ ‘किसलिए हारे’ को लेकर नहीं. एक्सक्यूज़ वो, जो पूरी बहस को खत्म कर देंगे. एक्सक्यूज़ वो जो, उसी खंभे की मानिंद हमें मिलेंगे जिसे वो बिल्ली नोचती है जो खिसिया जाती है. तो ये रहे ऐसे 11 रेडी टू यूज़ एक्सक्यूज़. क्यूंकि ये जांची परखी रणनीति है. आई मीन जांची परखी ‘मुझे माफ़ करना’ हैं-

# सब मोह माया है.


 # कुछ नहीं रक्खा है क्रिकेट-व्रिकेट में, हॉकी को प्रमोट करना चाहिए. वही हमारा राष्ट्रीय खेल भी है.


# क्रिकेट थोड़ी न कमाकर देगा.
(इसी के और वर्ज़न में आप क्रिकेट को विराट या रोहित या धोनी से रिप्लेस कर दो.)


 # न्यूज़ीलैंड ने मैच जीता इंडिया ने दिल.


 # चलो पाकिस्तान को तो हराया.


 # अरे बड़ी-बड़ी अमीर कंट्रीज़ इसलिए ही तो नहीं खेलतीं इसे. टाइम वेस्ट हुआ ये. पता है सबसे पहला मैच अमेरिका और कनाडा के बीच खेला गया था वरना.


 # 2023


 # ब्राज़ील जब-जब वर्ल्ड कप जीतता है, तब-तब उसकी इकॉनोमी में स्लो-डाउन होता है.


 # अरे सब फिक्स होता है यार, लोगों को मूरख बनाते हैं ये.


 # मुझे तो पहले ही पता था.


 और कुछ शायर, कुछ दार्शनिक, कुछ यूं विदा लेते हैं-

हुई मुद्दत के ‘ग़ालिब’ मर गया, पर याद आता है
वो हर इक बात पर कहना, कि यूं होता तो क्या होता?


वीडियो देखें:

इंडिया-न्यूजीलैंड का वर्ल्ड कप सेमीफाइनल, जब कोहली ने विलियमसन को आउट कर जीता मैच-

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