Submit your post

Follow Us

फ़िल्म रिव्यू: 'तेरे बिन लादेन' के बिन सब कुछ ठीक था

44
शेयर्स

क्लास 8th तक स्कूल में आर्ट का भी सब्जेक्ट था. हम बहुत बर्बाद थे इस सब्जेक्ट में. तो करते ये थे कि एक पन्ने पे कुछ-कुछ बना देते थे. और दोस्तों को दिखा देते थे. किसी और को नहीं. टीचर को भी नहीं.
तेरे बिन लादेन एक पन्ने पे बना वही कुछ-कुछ है जो डाइरेक्टर अभिषेक शर्मा को सिर्फ़ अपने यार-दोस्तों को दिखा देना चाहिए था. लोगों को थियेटर तक बुलाने की ज़हमत क्यों उठाई? सवाल सीधा है.

giphy2
फिल्म देखने के दो तरीके होते हैं. पिक्चर हॉल में जाओ, या लैपटॉप पे देखो. ये वाली लैपटॉप पे देखने वाली फ़िल्म है. सही में.

फिल्म में दो चीज़ें देखने लायक हैं. पियूष मिश्रा और इमान क्रॉसन. इमान ने क्या किया है, ये नहीं बताएंगे. पियूष मिश्रा आतंकवादी बने हैं.

बाकी ऐक्टर ऐसे हैं कि उनके बारे में बात भी करें तो क्या? टीवी से फिल्म में आये मनीष पॉल को तो जाने ही दीजिये. सिकंदर खेर को सिंकंदर खेर बनने में ही काफी टाइम लगता है. तब तक मैं एक नींद पूरी कर चुका था. प्रधुमन सिंह ज़रूर जंचते हैं फेक ओसामा के रोल में.

_da1f9778-beaa-11e5-bf87-369b775511f2

फिल्म अलग है लेकिन पकी नहीं है. हल्की है. इसे एक्सपेरिमेंट कहें तो अच्छा होगा. जो पॉलिटिकल ऐंगल खंगालते हैं उन्हें फ़िल्म लेफ्टिस्ट लगेगी.
एक अच्छी चीज़, वो ये कि डायरेक्टर अभिषेक शर्मा ने बॉलीवुड के लिए अपने अन्दर की भड़ास ज़रूर निकालने की हर मुमकिन कोशिश की है.

giphy1

फिल्म में गानों जैसा कुछ भी नहीं है. हाँ अली जाफ़र को शर्टलेस ज़रूर नचाया है. ॐ शांति ॐ के शाहरुख़ की याद आ गयी थी. दर्द-ए-डिस्को वाला. पियूष मिश्रा की आवाज़ में एक छोटा सा टुकड़ा है. फनी है.

giphy

फ़िल्म की जो एक बात अच्छी है वो है टेक्निकल लोगों के लिए. उसकी एडिटिंग. लेकिन खाली एडिटिंग से होगा क्या?

सब कुछ नट-शेल में रक्खें तो अच्छा होता कि ये कोई थियेटर का ऐक्ट होता या किसी स्टैंड-अप कॉमेडी का ऐक्ट होता, या कोई सेटायरिकल लेख होता. ऐसी चीज़ों को फिल्मों में कन्वर्ट करने के लिए जिस पागलपन की ज़रुरत है, उस पागलपन में काफ़ी ज़्यादा कमी रह गयी. और हां, हम सभी जानते हैं कि फिल्मों में पागलपन पर किस तरह से सेंसर बोर्ड की कैंची चलती है.

फ़िल्म बहुत ही छोटे-छोटे हिस्से में फनी है. वो हिस्से इतने छोटे हैं कि कब निकल जाते हैं मालूम भी नहीं चलता.
खैर, पैसे बचाओ. फिल्म का टोरेंट पर आने का इंतज़ार करो. वो भी न देखो तो भी चलेगा. कोई सिलेबस में थोड़ी न है.

लगातार लल्लनटॉप खबरों की सप्लाई के लिए फेसबुक पर लाइक करें
film review: Tere Bin Laden starring piyush mishra, manish paul, sikander kher, pradhuman singh

10 नंबरी

हटके फिल्मों के लिए मशहूर आयुष्मान की अगली फिल्म भी ऐसी ही है

'बधाई हो' से भी बम्पर हिट हो सकती है ये फिल्म, 'स्त्री' बनाने वाली टीम बना रही है.

Impact Feature: ZEE5 ओरिजिनल अभय के 3 केस जो आपको ज़रूर देखने चाहिए

रोमांचक अनुभव देने वाली कहानियां जो सच के बेहद जाकर अपराधियों के पागलपन, जुनून और लालच से दो-चार करवाती हैं.

कभी पब्लिश न हो पाई किताब पर शाहरुख़ खान की फिल्म बॉबी देओल के करियर को उठा सकेगी!

शाहरुख़, एस. हुसैन ज़ैदी की कहानी पर फिल्म ला रहे हैं, जिन्हें इंडिया का मारियो पुज़ो कहा जा सकता है.

सलमान ने सुनील ग्रोवर के बारे में ऐसी बात कही है कि सुनील कोने में ले जाकर पूछेंगे- 'भाई सच में?'

साथ ही कटरीना कैफ ने भी कुछ कहा है.

जेब में चिल्लर लेकर घूमने से दुनिया के दूसरे सबसे महंगे सुपरस्टार बनने की कहानी

जन्मदिन पर जानिए ड्वेन 'द रॉक' जॉन्सन के जीवन से जुड़ी पांच मजेदार बातें.

कहानी पांच लोगों की, जिन्होंने बिना सरकारी पैसे और गोली के इंडियाज़ मोस्ट वॉन्टेड आतंकवादी को पकड़ा

इस आतंकवादी को इंडिया का ओसामा-बिन-लादेन कहा जाता था.

सत्यजीत राय के 32 किस्से: इनकी फ़िल्में नहीं देखी मतलब चांद और सूरज नहीं देखे

ये 50 साल पहले ऑस्कर जीत लाते, पर हमने इनकी फिल्में ही नहीं भेजीं. पर अंत में ऑस्कर वाले घर आकर देकर गए.

बोर्ड परीक्षाओं के रिजल्ट आने के बाद सबसे पहले करें ये दस काम

आत्महत्या जैसे ख्याल मन में आने ही न दीजिए. रिश्तेदार जीते-जी आपकी जिंदगी नरक बनाने आ रहे हैं.

जापान में मुर्दे क्यों लगते हैं बरसों लम्बी लाइनों में, इन 7 तस्वीरों से जानिए

मुस्कुराइए, कि आप भारत में हैं. जापान में नहीं.

उन 43 बॉलीवुड स्टार्स की तस्वीरें, जिन्होंने मुंबई में वोट डाले

जानिए कैनडा के नागरिक अक्षय कुमार ने वोट दिया या सिर्फ वोट अपील ही करते रहे?