Submit your post

Follow Us

'भोजपुरी गायिका कल्पना के साथ अछूत-सा बर्ताव हो रहा है'

172
शेयर्स

भोजपुरी में अश्लील गानों को लेकर इन दिनों कल्पना पटवारी पर बवाल मचा हुआ है. हम उनके समर्थन और विरोध में आपको तमाम लोगों के अलग-अलग विचार बता चुके हैं. इसी मुद्दे पर ‘अनारकली ऑफ आरा’ फिल्म के डायरेक्टर अविनाश दास ने कुछ कहा है, वो भी पेश है:


भाषा सार्वजनिक संपत्ति होती है. उस पर सबका हक़ होता है. सब अपने-अपने हिसाब से भाषा बरतते हैं. भाषा में ही गाली होती है, भाषा में ही प्रार्थनागीत होते हैं. पिछले दिनों गायिका कल्पना पटवारी (Kalpana Patowary) को लेकर जो तिक्त किस्म का माहौल बनाया गया, उससे ऐसा लगा जैसे कुछ लोग भाषा पर अपना कब्ज़ा चाहते हैं. मैं व्यक्तिगत रूप से मानता हूं कि गीतों में अश्लील कंटेंट भी एक किस्म का लोकाचार है और दुनिया की हर भाषा में उसके लिए जगह है. भाषा के भीतर हिंसा और अहिंसा की दो समांतर नदियां हमेशा बहती रहती हैं. अगर कल्पना के गीतों में कभी अश्लीलता रही थी और अब वो अपनी धारा को दूसरी तरफ मोड़ना चाहती हैं, तो ये उनका अधिकार है. उनके लिए ये मुहावरा कि ‘सौ सौ चूहे खाकर बिल्ली चली हज को’ उतना ही ग़ैरवाज़िब है, जितना वाल्मीकि का एक डाकू से संत कवि होने, तुलसी का एक मूर्ख से लोक कवि होने और कबीर का एक निरक्षर से जन कवि होने पर आपत्ति होना. हर व्यक्ति की एक यात्रा होती है और अपनी यात्रा के क्रम में वो विकसित होता है.

अविनाश की 'अनारकली ऑफ आरा' बहुत मजबूत फिल्म है. बेबाक और गहरी. ऐसे किरदारों को समझने की सझदारी हम में से ज्यादातर लोग अपने अंदर विकसित नहीं कर पाए हैं. ऐसों को ये फिल्म 'आपत्तिजनक' और 'अश्लील' लगी थी.
अविनाश की ‘अनारकली ऑफ आरा’ बहुत मजबूत फिल्म है. बेबाक और गहरी. अनारकली जैसे किरदारों को समझने की सझदारी हम में से ज्यादातर लोग अपने अंदर विकसित नहीं कर पाए हैं. ऐसों को ये फिल्म ‘आपत्तिजनक’ और ‘अश्लील’ लगी थी.

आरा में एक कार्यक्रम के दौरान कल्पना ने भिखारी ठाकुर के साथ संगत कर चुके सौ बरस के रामाज्ञा राम को गाते हुए सुना और उन्हें लगा कि असल राग, असल दर्द तो यहां है! फिर उन्होंने भिखारी की रचनाएं खोजी और गाया. ये एक भाषा के लिए कितने गौरव की बात है कि उसका एक कवि किसी आधुनिक गायक के सोचने का ढंग बदल दे! जहां इसका स्वागत होना चाहिए, वहीं हम उस गायक के साथ अछूत की तरह बर्ताव कर रहे हैं।

दरअसल भाषा में शुचिता का आग्रह एक ब्राह्मणवादी अप्रोच है. शृंगार की एक शास्त्रीय शैली होती है, एक भदेस शैली. न तो शास्त्रीय शैली के लिए वाहवाही रिज़र्व होनी चाहिए, न भदेस शैली के लिए भर्त्सना ही एकमात्र विकल्प होनी चाहिए. दोनों ही अपनी-अपनी परिधि में लोक का मनोरंजन करते हैं.

'अनारकली ऑफ आरा' बतौर फिल्मकार अविनाश दास की पहली फिल्म थी. वो लंबे समय तक हिंदी पत्रकारिता कर चुके हैं.
‘अनारकली ऑफ आरा’ बतौर फिल्मकार अविनाश दास की पहली फिल्म थी. वो लंबे समय तक पत्रकारिता कर चुके हैं.

एक और बात, जो मुझे कहनी है- वो ये कि कल्पना असम से आती हैं. कई भाषाओं में उन्होंने गाया. भोजपुरी में अपेक्षाकृत अधिक प्रसिद्ध मिली. ये भी उनकी आलोचना का सबब बनाया गया कि असम से आकर उन्होंने भोजपुरी का माहौल गंदा किया. दरअसल भोजपुरी के बाज़ार में जिस किस्म के गाने का माहौल था, अपने संघर्ष को जारी रखने के लिए कल्पना उस बाज़ार का हिस्सा बनीं. हमें ये याद रखना चाहिए कि कोई भी कहीं से भी आकर किसी भाषा को बरत सकता है. अगर ऐसा नहीं होता, तो बांग्ला में लिखा गया ‘जन गण मन’ हमारा राष्ट्रगान नहीं होता. रूस की मृतप्राय लोकभाषा ‘अवार’ के महान कवि रसूल हमजातोव के झुरावी गीत को रूस अपने राष्ट्रीय गीत के रूप में नहीं अपनाता. जिस दिन हम कोई भाषा सीख जाते हैं, उसी दिन वो हमारी भाषा हो जाती है. चाहे वो अंग्रेज़ी हो या मराठी.

भोजपुरी भाषा के हमारे साथी आंदोलनकारियों को लंबी लकीर खींचने, कुछ नया और अलौकिक रचने पर अपना ध्यान केंद्रित करना चाहिए. किसी को ख़ारिज़ करने से बेहतर है ख़ुद को स्थापित करना. ख़ुद के लिए एक बड़ी जगह हासिल करना. ‘सठे साठ्यम समाचरेत’ कोई अच्छी नीयत से कही गई कहावत नहीं है.


ये भी पढ़ें: 

भोजपुरी अश्लील गाने: सिंगर कल्पना पटवारी को मुन्ना पांडे का जवाब

मेरे भोजपुरी गानों में अश्लीलता कौन तय करेगा : कल्पना पटवारी

‘कल्पना जी, भिखारी ठाकुर को गाना आसान है, भिखारी होना नहीं’

भिखारी ठाकुर विवाद: भोजपुरी गायिका कल्पना के नाम एक खुला खत

अश्लील, फूहड़ और गन्दा सिनेमा मतलब भोजपुरी सिनेमा

भोजपुरी गानों के बारे में एक ही सोच रखने वालों ये गाना सुन लो


वीडियो: फिल्म ज़ीरो की वो बातें, जिन्हें जानकर फिल्म देखने की चुल्ल मचेगी 

लगातार लल्लनटॉप खबरों की सप्लाई के लिए फेसबुक पर लाइक करें

कौन हो तुम

KBC क्विज़: इन 15 सवालों का जवाब देकर बना था पहला करोड़पति, तुम भी खेलकर देखो

आज से KBC ग्यारहवां सीज़न शुरू हो रहा है. अगर इन सारे सवालों के जवाब सही दिए तो खुद को करोड़पति मान सकते हो बिंदास!

क्विज: अरविंद केजरीवाल के बारे में कितना जानते हैं आप?

अरविंद केजरीवाल के बारे में जानते हो, तो ये क्विज खेलो.

क्विज: कौन था वह इकलौता पाकिस्तानी जिसे भारत रत्न मिला?

प्रणब मुखर्जी को मिला भारत रत्न, ये क्विज जीत गए तो आपके क्विज रत्न बन जाने की गारंटी है.

ये क्विज़ बताएगा कि संसद में जो भी होता है, उसके कितने जानकार हैं आप?

लोकसभा और राज्यसभा के बारे में अपनी जानकारी चेक कर लीजिए.

संजय दत्त के बारे में पता न हो, तो इस क्विज पर क्लिक न करना

बाबा के न सही मुन्ना भाई के तो फैन जरूर होगे. क्विज खेलो और स्कोर करो.

बजट के ऊपर ज्ञान बघारने का इससे चौंचक मौका और कहीं न मिलेगा!

Quiz खेलो, यहां बजट की स्पेलिंग में 'J' आता है या 'Z' जैसे सवाल नहीं हैं.

कर लिया योगा? अब क्विज खेलने से होगा

आन्हां, ऐसे नहीं कि योग बस किए, दिखाना पड़ेगा कि बुद्धिबल कित्ता बढ़ा.

रोहित शेट्टी के ऊपर ऐसी कड़क Quiz और कहां पाओगे?

14 मार्च को बड्डे होता है. ये तो सब जानते हैं, और क्या जानते हो आके बताओ. अरे आओ तो.

परफेक्शनिस्ट आमिर पर क्विज़ खेलो और साबित करो कितने जाबड़ फैन हो

आज आमिर खान का हैप्पी बड्डे है. कित्ता मालूम है उनके बारे में?

चेक करो अनुपम खेर पर अपना ज्ञान और टॉलरेंस लेवल

अनुपम खेर को ट्विटर और व्हाट्सऐप वीडियो के अलावा भी ध्यान से देखा है तो ये क्विज खेलो.