मगर वॉट्सऐप के ऐड में कही गई बातों में और इनकी प्राइवेसी पॉलिसी में लिखी हुई चीज़ों में कई सारे विरोधाभास हैं. मतलब कि ऐड कुछ कह रहा है और प्राइवेसी पॉलिसी कुछ और. पहले देख लेते हैं कि वॉट्सऐप ने अपने ऐड और ट्विटर पोस्ट में क्या कहा है. वॉट्सऐप का ऐड क्या कहता है? वॉट्सऐप कहता है कि इनकी पॉलिसी में जो बदलाव हैं वो आपकी पर्सनल चैट को किसी भी तरह से प्रभावित नहीं करते हैं. ये अपडेट सिर्फ़ बिज़नेस अकाउंट से बात करने को लेकर है. और ये ऑप्शनल है, यानी कि आप चाहें तो वॉट्सऐप पर किसी भी बिजनेस से बात न करें. अगर आप वॉट्सऐप पर किसी बिज़नेस से बात कर रहे हैं तो वो बिज़नेस उस बातचीत को फ़ेसबुक से साझा कर सकता है और फ़ेसबुक इसे आपकी जानकारी में जोड़कर इसके हिसाब से आपको ऐड दिखा सकता है.

वॉट्सऐप ने अखबार में ये ऐड दिया था.
वॉट्सऐप का कहना है कि बाकी सारी चीजें पहले जैसी हैं. वॉट्सऐप ने अपने ऐड और ट्विटर पोस्ट पर ये बातें भी कहीं:
1. वॉट्सऐप और फ़ेसबुक न तो आपके प्राइवेट मैसेज देख सकते हैं और न ही आपकी कॉल सुन सकते हैं
2. वॉट्सऐप इस बात का रेकॉर्ड नहीं रखता कि आप किससे चैट या कॉल कर रहे हैं
3. आप वॉट्सऐप पर जो लोकेशन दूसरे के साथ शेयर करते हैं उसे न वॉट्सऐप देख सकता है और न ही फ़ेसबुक
4. वॉट्सऐप आपके फोन में मौजूद कॉन्टैक्ट्स को फ़ेसबुक के साथ शेयर नहीं करता है
5. वॉट्सऐप पर बने हुए ग्रुप प्राइवेट ही रहेंगे

वॉट्सऐप ने ट्विटर पर ये इंफोग्राफ़ डाला है.
वॉट्सऐप के ऐड और प्राइवेसी पॉलिसी में क्या फ़र्क है? वॉट्सऐप के ऐड में किये हुए क्लेम में से सिर्फ़ कुछ बातें ही इनकी प्राइवेसी पॉलिसी से मेल खाती हैं और बाकी सब चीज़ों पर सवालिया निशान ही लगते हैं. ये बात सही है कि वॉट्सऐप और फ़ेसबुक न तो आपके प्राइवेट मैसेज देख सकते हैं और न ही आपकी कॉल सुन सकते हैं. ऐसा इसलिए क्योंकि प्लैट्फॉर्म पर चैट और कॉल दोनों पर ही एंड-टु-एंड एन्क्रिप्शन लगा हुआ है. ये एन्क्रिप्शन ग्रुप पर भी चालू है इसलिए ग्रुप के प्राइवेट होने की बात भी सही है.
मगर जब वॉट्सऐप कहता है कि पॉलिसी में बदलाव सिर्फ़ बिज़नेस से बातचीत को लेकर हैं, चैट के रेकॉर्ड नहीं रखता, कॉन्टैक्ट को फ़ेसबुक से साझा नहीं करता और चैट मे शेयर की हुई लोकेशन को नहीं देख सकता तब भरोसा करना थोड़ा मुश्किल हो जाता है.

वॉट्सऐप फ़ेसबुक के साथ क्या डेटा शेयर करता है.
आप देखिए कि वॉट्सऐप ने अपने नए FAQ में फ़ेसबुक के साथ साझा किए जाने वाले डेटा के बारे में क्या कहा है. ऊपर इंग्लिश में लिखे हुए डॉक्यूमेंट का स्क्रीनशॉट लगा है और नीचे उसका ट्रांसलेशन है:
“वॉट्सऐप इस वक़्त कई तरह की जानकारी फ़ेसबुक कंपनियों के साथ साझा करता है. हम जो जानकारी फ़ेसबुक कंपनियों को देते हैं उनमें शामिल है-- आपकी अकाउंट रेजिस्ट्रेशन की जानकारी (जैसे आपका फोन नंबर), लेन-देन का डेटा, सर्विस से जुड़ी जानकारी, ये जानकारी कि आप हमारी सर्विस का इस्तेमाल करके किस तरह दूसरों से इंटरैक्ट करते हैं (जिसमें बिज़नेस भी शामिल है), मोबाइल डिवाइस की जानकारी, आपका IP अड्रेस, और इसमें बाकी जानकारी भी शामिल हो सकती है जो हम प्राइवेसी पॉलिसी के ‘Information we collect’ वाले हिस्से के तहत लेते हैं या आपको नोटिस देकर लेते हैं या आपकी कन्सेन्ट लेकर लेते हैं.”वॉट्सऐप अपने ऐड में कहता है कि प्राइवेसी पॉलिसी में जो बदलाव हैं वो सिर्फ बिज़नेस अकाउंट को लेकर हैं मगर इनके FAQ और प्राइवेसी पॉलिसी में लिखा है कि आप इनकी सर्विस का इस्तेमाल करके किस तरह से दूसरों से इंटरैक्ट करते हैं (जिसमें बिज़नेस भी शामिल है). इंग्लिश में लिखा है including business और including शब्द का मतलब “सिर्फ़ और सिर्फ़” नहीं होता बल्कि “शामिल” होता है.

यहां लिखा है कि वॉट्सऐप जनता है कि आप किस कॉन्टैक्ट से किस वक़्त और कितनी बात कर रहे हैं.
वॉट्सऐप कहता है कि ये इस बात का लॉग नहीं रखता कि आप किससे चैट पर या कॉल पर बात कर रहे हैं मगर इनकी प्राइवेसी पॉलिसी में इसका उलट लिखा हुआ है. ऊपर स्क्रीनशॉट में इंग्लिश वाला हिस्सा देख सकते हैं और नीचे उसका ट्रांसलेशन:
“हमारी सर्विस पर आप क्या करते हैं हम इसकी जानकारी इकट्ठा करते हैं, जैसे सर्विस, सुधार और परफॉरमेंस से जुड़ी जानकारी. इसमें ये जानकारी भी है-- आपकी ऐक्टिविटी (जिसमें ये शामिल है कि आप कैसे सर्विस का इस्तेमाल करते हैं), आपकी सर्विस की सेटिंग, आप हमारी सर्विस का इस्तेमाल करके किस तरह दूसरों से इंट्रैक्ट करते हैं (जिसमें बिज़नेस भी शामिल हैं), आप किस वक़्त, कितनी बार, और कितने देर के लिए वॉट्सऐप पर ऐक्टिव रहते हैं और लोगों से बात करते हैं, लॉग फाइल्स, निदान, क्रैश वेबसाइट और परफॉरमेंस की लॉग्स और रिपोर्ट्स."अब लोकेशन वाले पार्ट पर आते हैं. वॉट्सऐप ऐड में और ट्विटर पोस्ट पर कहता है कि आप वॉट्सऐप पर जो लोकेशन दूसरे के साथ शेयर करते हैं उसे न वॉट्सऐप देख सकता है और न ही फ़ेसबुक. मगर इनकी प्राइवेसी पॉलिसी में एक जगह पर छोटा सा लिखा है “you cannot share your location with your contacts if you do not permit us (WhatsApp) to collect your location data from your device.
मतलब कि वॉट्सऐप का इस्तेमाल करके आप तभी अपनी लोकेशन को दूसरों के साथ शेयर कर सकते हैं जब आप वॉवट्सऐप को अपने फ़ोन से लोकेशन डेटा इकट्ठा करने की इजाज़त देंगे. ये तो रही इग्ज़ैक्ट लोकेशन की बात. बाकी मोटा-माटी लोकेशन यानी कि आपका IP अड्रेस तो वॉट्सऐप लेता ही है और फ़ेसबुक के साथ शेयर भी करता है. FAQ में लिखा है.
वॉट्सऐप ऐड में कहता है कि ये आपके फ़ोन के कॉन्टैक्ट को फ़ेसबुक के साथ शेयर नहीं करता है. अब यहां पर एक दुविधा है. FAQ में वॉट्सऐप कहता है कि प्राइवेसी डॉक्यूमेंट में “information we collect” वाले हिस्से में लिखी हुई जो भी जानकारी ये इकट्ठा करता है उसे फ़ेसबुक के साथ साझा कर सकता है. इसने इंग्लिश वाले “may” शब्द का इस्तेमाल किया है यानी कि ये नहीं लिखा कि “करेगा”, बल्कि ये लिखा कि “कर सकता है”. यानी कि इस हिस्से में जो भी जानकारी लिखी है वो शेयर हो रही है या नहीं इसपर कुछ कहा नहीं जा सकता.
बहरहाल information we collect वाले हिस्से में ये बात लिखी हुई है कि वॉट्सऐप आपके स्टेटस की जानकारी, आपके फ़ोन में मौजूद कॉन्टैक्ट लेता है. अब ये तो वॉट्सऐप ही बताएगा कि इसकी व्याख्या कैसे की जाए, कॉन्टैक्ट शेयर कर सकता है और नहीं भी कर सकता. वॉट्सऐप की नई पॉलिसी को कोर्ट में चुनौती दी गई है वॉट्सऐप की नई प्राइवेसी पॉलिसी के खिलाफ़ वकील चैतन्या रोहिल्ला ने हाई कोर्ट में याचिका लगाई है. उन्होंने वॉट्सऐप की नई प्राइवेसी पॉलिसी पर तुरंत रोक लगाने की मांग की है. इनका कहना है कि नई पॉलिसी के तहत कंपनी को यह अधिकार है कि वह किसी भी व्यक्ति की वर्चुअल तौर पर कोई भी ऑनलाइन गतिविधि 360 डिग्री में देख सकें. याचिका में कहा गया है कि यह किसी भी व्यक्ति के राइट टू प्राइवेसी के अधिकार का उल्लंघन है और ये नई पॉलिसी बिना केंद्र सरकार से इजाजत लिए बनाई गई है. इस मामले को 18 जनवरी को दिल्ली हाई कोर्ट की एक बेंच सुनेगी.






















