The Lallantop

आपकी घड़ी और आपके स्मार्टफ़ोन को कैसे पता चलता है कि आप स्ट्रेस में हैं?

क्या फोन आपके बारे में आपसे भी ज्यादा जानता है?

Advertisement
post-main-image
फोन को सब पता है. (image-pexels)

आज सुबह-सुबह मेरे फोन ने मुझे बॉस की डांट से बचा लिया. आप पूछेंगे कैसे? क्योंकि हुआ ही कुछ ऐसा है, जो मजेदार भी है और काम का भी. अब हुआ यूं कि रोज की तरह सुबह-सुबह मैं अपने बॉस को एक स्टोरी आइडिया दे रहा था. बातचीत के बीच में पता नहीं कहां से तनाव या चिंता जैसा कोई शब्द आया और बॉस कुछ बोलते उसके पहले मेरे फोन से आवाज आई, लगता है आप तनाव में हैं.

Add Lallantop as a Trusted Sourcegoogle-icon
Advertisement

अब ऐसा बिल्कुल नहीं था क्योंकि बिना बातचीत के कोई स्टोरी थोड़े ना होती है. शायद हमारी बातचीत का पिच थोड़ा हाई रहा होगा और गूगल असिस्टेंट (Google Assistant) ने कुछ और ही भांप लिया. वैसे इसका फायदा हुआ मुझे क्योंकि मेरे बेकार से आइडिया पर डांट की जगह सब बुक्का फाड़ हंस दिए. खैर, वहां तो बात खत्म हुई लेकिन मेरे टेक वाले मन ने सोचा कि आखिर ये था क्या. पड़ताल की और कुछ अच्छा सामने आया.

फोन को कैसे पता? 

आमतौर पर स्मार्टफोन के वॉयस असिस्टेंट जैसे ओके गूगल से लेकर सीरी पर लोगों की बातें सुनने और निजी जानकारी को रिकॉर्ड करने के आरोप लगते रहते हैं. एमेजॉन अलेक्सा को तो इसके लिए खूब खरी खोटी सुनाई जाती रही हैं. लेकिन लगता है सारी बदनामी के बीच इन टेक कंपनियों ने कुछ नेकी वाले काम भी किए हैं. 

Advertisement
गूगल असिस्टेंट

नेकी है इंसान की हेल्थ के लिए काम करने की. अब आप कितना चले, कितना दौड़े. आपकी हार्ट रेट ज्यादा है या कम. ब्लड ऑक्सीजन लेवल कितना है उसका पता ठिकाना फिटनेस बैंड और स्मार्टवॉच से चल जाता है. लेकिन ये सब सेंसर से होता है. ये गैजेट कितने कमाल के हैं, वो बताने की जरूरत नहीं. लोगों की जान बचाने के किस्से से इंटरनेट भरा पड़ा है. अब तो कार क्रैश होने के भी अलर्ट आने लगे हैं.

गूगल असिस्टेंट 

आपकी बातचीत में अगर मेंटल हेल्थ, स्ट्रेस और तनाव जैसे शब्द आते हैं, तो आपके फोन का वॉयस असिस्टेंट इसको समझ सकता है. आपसे आपकी सलामती के बारे में पूछ सकता है. अगर आपको हेल्प चाहिए, तो वो तो मिल ही जाएगी. बढ़िया से डॉक्टर से लेकर दूसरे तरीकों के बारे में भी बता सकता है जैसे योगा से होगा टाइप. 

हेल्थ सुरक्षित है

स्मार्टफोन वाकई में स्मार्ट हो चले हैं और टेक कंपनियां जैसे इनपर इन्वेस्ट कर रही हैं, वो दिन दूर नहीं जब हेल्थ सबसे बड़ा सेलिंग पॉइंट होगा. अब आपको इसमें अपनी निजता का हनन लगता है, तो आप वॉयस असिस्टेंट को ऑफ रख सकते हैं. लेकिन जैसा मेरे साथ हुआ, मैं तो ऑन ही रखूंगा. क्या पता किसी दिन सच्ची में बॉस की डांट पड़े और मेरा मोबाइल बोल पड़े. छोड़ दो बच्चे को! 

Advertisement

वीडियो: आपकी पूरी 'डिजिटल कुंडली' गूगल-ऐप्पल के पास है, कच्चा-चिट्ठा यहां जानिए!

Advertisement