Samsung ने आखिरकार कई सालों के बाद अपने फोन के डिजाइन में बदलाव किया और नई डिजाइन वाला Samsung Galaxy Z Fold 8 लॉन्च किया. पासपोर्ट डिजाइन वाले इस फोल्ड फोन को टेक एक्सपर्ट से लेकर यूजर्स हाथों-हाथ ले रहे हैं. अच्छी बात है. लेकिन साउथ कोरियन कंपनी ने इस फोन की ताकत चेक करने वाले कई सारे ऐप्स को डाउनलोड (Samsung has blocked all benchmark apps, including GeekBench) करने का प्रोसेस बंद कर रखा है. गंदी बात. अब ऐसा रीव्यू यूनिट के साथ है या रिटेल डिवाइस में भी झोल होगा. वो फिलहाल साफ नहीं.
सैमसंग ने Galaxy Z Fold 8 फिर लॉन्च किया, पर फोन की असलियत बताने वाले ऐप्स ब्लॉक किए
टेक एक्सपर्ट Samsung Galaxy Z Fold 8 लाइन अप के तीनों डिवाइस में Benchmark Apps डाउनलोड नहीं कर पा रहे. सैमसंग ने GeekBench, PC मार्क, 3D मार्क जैसे ऐप्स को ब्लॉक कर रखा है. अब ऐसा गलती से हुआ या जानबूझकर, सैमसंग की तरफ से बताया नहीं गया है. कुल मिलाकर अब आप डेढ़ लाख से ज्यादा कीमत के इस फोन की ताकत-कमजोरी नहीं जान पाओगे!

लेकिन टेक एक्सपर्ट Samsung Galaxy Z Fold 8 लाइन अप के तीनों डिवाइस में Benchmark Apps डाउनलोड नहीं कर पा रहे. सैमसंग ने GeekBench, PC मार्क, 3D मार्क जैसे ऐप्स को ब्लॉक कर रखा है. अब ऐसा गलती से हुआ या जानकार, सैमसंग की तरफ से बताया नहीं गया है.
क्या होते हैं बेंचमार्क ऐप्सGeekbench, AnTuTu Benchmark, PC मार्क, 3D मार्क स्कोर को आप स्मार्टफोन का मानक मान सकते हैं. स्मार्टफोन से लेकर लैपटॉप के प्रोसेसर तक के बारे में बात करते समय एक शब्द सामने आता है- ऑक्टा कोर प्रोसेसर. नाम से लगेगा कि आठ प्रोसेसर लगे होते हैं. लेकिन ऐसा नहीं है. प्रोसेसर तो एक ही है लेकिन आठ भागों में बटा हुआ है. जैसे ऑक्टोपस के 8 पैर और एक सिर होता है. वैसे ही कोर को प्रोसेसर के हाथ समझ सकते हैं. अब एक वक़्त पर एक कोर अपनी क्षमता के हिसाब से ही काम कर सकता है. तो ज्यादा काम करने के लिए चाहिए ज्यादा कोर. गीकबेंच स्मार्टफोन के इन्हीं सिंगल और मल्टी-कोर के परफॉर्मेंस को नापता है.

Geekbench की वेबसाइट के मुताबिक, स्कोर की बेसलाइन 1000 है जो intel core i3-8100 प्रोसेसर का होता है. अब इसके ऊपर जितना ज्यादा उतना बढ़िया. सोचिए स्कोर डबल है तो आपका स्मार्टफोन 'अमरेन्द्र बाहुबली' है. अगर आपके मन में सवाल कुलबुला रहा कि क्या हम Geekbench स्कोर चेक कर सकते हैं? हां, बिल्कुल और यही बात इस सॉफ्टवेयर के पक्ष में जाती है. गीकबेंच ऐप google play और app store पर डाउनलोड के लिए उपलब्ध है. इस टेस्ट को रन करने के लिए आपके एंड्रॉयड स्मार्टफोन का वर्जन 7.0 या उससे ऊपर का होना चाहिए. आईफोन यूजर्स के लिए iOS 12 से ऊपर का वर्जन चाहिए होगा. Geekbench की वेबसाइट पर जाकर भी ये टेस्ट रन किया जा सकता है.

उदाहरण के लिए कंपनी के फ्लैगशिप Galaxy S26 Ultra का सिंगल कोर स्कोर 3619 और Multi-Core Score 11010 है. वहीं Galaxy M55 5G सिंगल कोर में 943 और मल्टी कोर में 2646 स्कोर करता है. साफ है कि S26 Ultra तगड़ा फोन है. Geekbench के अलावा AnTuTu भी ऐसे टेस्ट रन करता है और उसका जिक्र भी खूब होता है. GFXBench (गेमिंग के लिए), Vellamo और 3DMark भी मार्केट में चलन में हैं.
ये भी पढ़ें: 1 लाख का फोन 2 हफ्ते में खराब, अब सैमसंग, फ्लिपकार्ट, सर्विस सेंटर और सेलर सब देंगे मुआवजा
हालांकि स्मार्टफोन मेकर्स Geekbench स्कोर में झोल करने के लिए पहले से बदनाम हैं. कुछ साल पहले सैमसंग के वाइस चेयरमैन और CEO जोंग ही हैंग ने Galaxy S22 सीरीज में इस्तेमाल किए जाने वाले GOS ऐप की वजह से Geekbench स्कोर प्रभावित होने वाले विवाद पर माफी मांगी थी. चीनी स्मार्टफोन कंपनी Xiaomi के Mi 11 सीरीज के बेंचमार्किंग स्कोर में भी झोल मिला था. अब वाकई क्या हुआ है. वो पता चलते ही हम आपको बता देंगे. बताते चलें कि ऐसा होना कोई नया नहीं है. पिक्सल डिवाइस में भी ऐसा हो चुका है.
वीडियो: स्मार्टफोन्स महंगे होने की वजह AI के लिए RAM की बढ़ती डिमांड?










