तारीख 21 नवंबर, 2021. खबर आई कि तब के 'ट्विटर' (अब एक्स) की कमान भारतवंशी पराग अग्रवाल संभालेंगे. माने दुनिया की एक और बड़ी टेक कंपनी का सूत्रधार एक इंडियन होगा. फिर आई तारीख 26 अप्रैल, 2022. अरबपति एलन मस्क ने करीबन 3 लाख करोड़ रुपये में ट्विटर को खरीद लिया और सबसे पहले पराग को बाहर किया. इसके बाद तो वो कभी ट्विटर ऑफिस में टॉयलेट सीट लेकर गए तो कभी एक साथ हजारों को पिंक स्लिप थमाते रहे. नाम भी बदलकर एक्स कर दिया. लेकिन पराग का क्या हुआ.
एलन मस्क ने जिस बंदे को निकाला उसने 20 हजार करोड़ की कंपनी बना डाली!
पराग Parallel Web Systems नाम से एक स्टार्टअप चलाते हैं जो एआई एजेंटों के लिए सर्च और रिसर्च APIs विकसित कर रहा है. इसकी तकनीक एआई एजेंटों को लाइव वेब से जानकारी खोजने और उस तक पहुंचने की अनुमति देती है.

पराग क्या कर रहे वो हम इसलिए बता रहे क्योंकि खुद उन्होंने एक पॉडकास्ट में बताया कि वो क्या कर रहे. ट्विटर के पूर्व सीईओ ने Sourcery के साथ एक हालिया पॉडकास्ट इंटरव्यू में याद किया कि उन्होंने 2022 के अधिग्रहण के दौरान ट्विटर की इस उथल-पुथल को कैसे संभाला. जब पूरी सिलिकॉन वैली (अमेरिका का टेक अड्डा) इस ड्रामे को देख रही थी, तब वे शांत रहे. पराग अग्रवाल का कहना है कि वे इस अधिग्रहण के दौरान अपने स्लीप स्कोर को ट्रैक कर रहे थे और उनके हिसाब से वे बिल्कुल ठीक सोच रहे थे.
उन्होंने पॉडकास्ट में आम समझ की बात से अलग बात कही. ट्विटर में 11 साल बिताने वाले पराग ने कहा कि वो प्रदर्शन करने के लिए दबाव को एक आवश्यक हिस्सा नहीं मानते हैं. उन्होंने कहा, “मुझे लगता है कि यह एक प्रकार की बनावटी चीज़ है.” उन्होंने कहा कि यह स्पष्ट समझ होना कि क्या करने की आवश्यकता है, दबाव को दूर रखने में मदद कर सकता है.
पता है-पता है आप कहोगे कि क्या भाई ये सब ज्ञान क्यों बता रहे. ये बताओ पराग करते क्या हैं. अरे भाई, जब कोई सफल आदमी कुछ बता रहा हो तो जानने में कुछ नहीं जाता.
Parallel Web Systems स्टार्टअप चला रहेपराग Parallel Web Systems नाम से एक स्टार्टअप चलाते हैं जो एआई एजेंटों के लिए सर्च और रिसर्च एपीआई (APIs) विकसित कर रहा है. इसकी तकनीक एआई एजेंटों को लोगों के ब्राउज़ करने के लिए लिंक देने के बजाय, कामों को पूरा करने के लिए लाइव वेब से जानकारी खोजने और उस तक पहुंचने की अनुमति देती है.
पारंपरिक सर्च इंजन (जैसे Google या Bing) इंसानों के लिए बनाए गए हैं, लेकिन Parallel खास तौर पर AI सिस्टम्स और एजेंट्स के लिए वेब इंडेक्स और एपीआई (APIs) विकसित करती है. यह AI को इंटरनेट से सटीक जानकारी खोजने, उसका विश्लेषण करने और जटिल रिसर्च टास्क को अपने आप पूरा करने में मदद करती है.
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पराग ने इसको साल 2023 में बनाया था. 'पैरेलल' (Parallel) ने हाल ही में सीरीज़ बी फंडिंग राउंड में 100 मिलियन डॉलर जुटाए हैं, जिससे इस स्टार्टअप का मूल्यांकन 2 अरब डॉलर हो गया है. इस राउंड के साथ इसका कुल फंड 230 मिलियन डॉलर तक पहुंच गया है. माने पराग ने मोटा-माटी 20 हजार करोड़ की कंपनी खड़ी कर दी है. Parallel का एक्स अकाउंट भी है.
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