The Lallantop

सलमान खान को कैमरा में फोन लगाने वाले की तलाश, 'पता' हम बता रहे

फोन में कैमरा लगाने को लेकर दो बड़ी कंपनियां सैमसंग और शार्प हमेशा दावा ठोकती हैं. लेकिन हकीकत ये है कि इन दोनों कंपनियों से पहले एक जापानी कंपनी ने फोन में कैमरा लगाया था. हालांकि मोबाइल से पहली बार तस्वीर शेयर करने और इसे आधुनिक रूप देने का मुख्य श्रेय Philippe Kahn (फिलिप कान) को जाता है.

Advertisement
post-main-image
फोन में पहले कैमरे की कहानी (तस्वीर: एआई)

Quick AI HighlightsClick here to view more

  • पहला कैमरा फोन Kyocera VP-210 था, जिसे जापानी कंपनी क्योसेरा ने मई 1999 में 0.11 मेगापिक्सल कैमरे के साथ लॉन्च किया था, जिसमें कैमरा आगे की तरफ लगा था।
  • स्मार्टफोन में कैमरा लगाने को लेकर सैमसंग और शार्प कंपनियों के बीच दावा विवाद था, जबकि पहली बार कैमरा फोन जापान में क्योसेरा कंपनी ने उपलब्ध कराया था।
  • स्मार्टफोन में कैमरे का विकास जारी रहा और बाद में सैमसंग, नोकिया, Sony Ericsson और अन्य कंपनियों ने बेहतर कैमरा फीचर के साथ फोन लॉन्च किए।

मोबाइल फोन में पहला कैमरा किसने लगाया था? पहला स्मार्टफोन कैमरा किस कंपनी ने बनाया था? कैमरे वाला स्मार्टफोन कब लॉन्च हुआ था? क्या सैमसंग ने पहला कैमरा फोन बनाया या फिर नोकिया ने? या फिर किसी और कंपनी ने मोबाइल में कैमरा फिट किया था? आज जान ही लेते हैं. लेकिन क्यों जान लेते हैं? दरअसल सलमान खान उस बंदे या कंपनी को तलाश रहे जिसने फोन में कैमरा लगाया. 'Koffee with Karan' में उन्होंने बताया कि उनको उन लोगों से बड़ी दिक्कत है जो सेलिब्रिटी के अलग-अलग एंगल से गलत फोटो क्लिक करते हैं. अगर उनको फोन में कैमरा लगाने वाला मिल गया तो...

Advertisement
फोन में पहला कैमरा

फोन में कैमरा लगाने को लेकर दो बड़ी कंपनियां सैमसंग और शार्प, हमेशा दावा ठोकती हैं. लेकिन हकीकत ये है कि इन दोनों कंपनियों से पहले एक जापानी कंपनी ने फोन में कैमरा लगाया था. हालांकि मोबाइल से पहली बार तस्वीर शेयर करने और इसे आधुनिक रूप देने का मुख्य श्रेय Philippe Kahn (फिलिप कान) को जाता है.

उन्होंने 11 जून, 1997 को अपनी बेटी के जन्म के समय पहली बार एक डिजिटल कैमरे को अपने मोबाइल फोन और कंप्यूटर से जोड़कर वायरलेस तरीके से तस्वीरें तुरंत दोस्तों और रिश्तेदारों को भेजी थीं. हालांकि, उनका सेटअप एक प्रोटोटाइप, बोले तो जुगाड़ ही था, मगर था तो सही. वैसे साल 1993 में Daniel Henderson (डैनियल हेंडरसन) ने भी 'इंटेलेक्ट वायरलेस कैमराफोन' का एक शुरुआती प्रोटोटाइप डिजाइन किया था, लेकिन वो अपने प्रोजेक्ट को आगे नहीं ले गए.

Advertisement
सैमसंग का दावा

दक्षिण कोरियाई कंपनी सैमसंग का दावा है कि उसने ‘दुनिया का पहला बिल्ट-इन कैमरा वाला फोन’ लॉन्च किया था. जून 2000 में सैमसंग ने दक्षिण कोरिया में SCH-V200 को लॉन्च किया था. यह फोन 0.35MP पर 20 फोटो ले सकता था. इन फोटोज को फोन की 1.5 इंच की टीएफ़टी एलसीडी स्क्रीन पर देखा जा सकता था. हालांकि, इससे फोटो भेजने के लिए इसे पीसी या लैपटॉप से कनेक्ट करना पड़ता था.

ये भी पढ़ें: iPhone 18 Pro के कैमरे पर संभलकर इतराना, सामने चीनी स्मार्टफोन न पड़ जाए

शार्प का शूटर

रिपोर्ट्स के मुताबिक, नवंबर, 2000 में Sharp नामक कंपनी ने कैमरे वाला मोबाइल Sharp J-Phone लॉन्च किया था. यह दुनिया का पहला ऐसा फोन बताया जाता है, जो फोटो को इलेक्ट्रॉनिकली सेंड कर सकता था. शार्प ने एक ही डिवाइस में फोन और कैमरे के हार्डवेयर इंटीग्रेट कर दिए थे. यह फोन 0.11MP की फोटो खींचकर उसे ईमेल करने में सक्षम था.

Advertisement
Kyocera VP-210 पहला कैमरा फोन 

दुनिया में कमर्शियली उपलब्ध कराया जाने वाला पहला कैमरा फोन Kyocera VP-210 (क्योसेरा वीपी-210) था. इसे जापानी कंपनी Kyocera ने मई 1999 में जापान में लॉन्च किया था. इसमें 0.11 मेगापिक्सल का कैमरा लगा हुआ था और इसमें एक साथ 20 तस्वीरें स्टोर की जा सकती थीं. इसकी एक और खासियत ये थी कि इसमें कैमरा पीछे की तरफ नहीं बल्कि आगे लगा था, इसलिए इसे शुरुआती सेल्फी फोन भी माना जाता है.

चूंकि सैमसंग फोन मार्केट की बड़ी कंपनी थी इसलिए जब उसने फोन में कैमरा लगाया तो उसकी दुनिया भर में चर्चा हुई. 2002 के आखिर में 2023 के पहले महीनों में अमेरिका में भी आने लगे थे. लेकिन असल बदलाव तब आया जब टेलिकॉम कंपनी स्प्रिन्ट ने Audiovox PM8920 मोबाइल में 1.3 मेगापिक्सल का कैमरा लगाया. ये फोन फोटो तो ठीक ही क्लिक करता था प्लस, इससे सीधे-सीधे प्रिन्ट भी किया जा सकता था.

2005 में Nokia N90 में 2 मेगापिक्सल का सेंसर आया तो 2006 में Sony Ericsson ने अपने मोबाइल में 3.2 मेगापिक्सल का लेंस लगाया. साल 2027 में जब Nokia N95 में 5 मेगापिक्सल का लेंस आया तो लगा भाई ये क्या हो रहा. नोकिया और सैमसंग के बीच असल गेम तो LG ने किया जब उसने 2008 में टच स्क्रीन फोन में कैमरा लगा दिया.

हालांकि स्मार्टफोन में कैमरे का गेम तब बदला जब आईफोन, पिक्सल और चीनी कंपनियों ने एंट्री मारी. पिक्सल ने फोटो को सॉफ्टवेयर से कनेक्ट करके दुनिया को बताया कि मेगापिक्सल छोटा हो तो भी कमाल फोटो आ जाते हैं. आज तो चीनी कंपनियों के स्मार्टफोन जबरदस्त परफ़ोर्मेंस देते हैं. लेकिन पहला कैमरा फोन तो Kyocera VP-210 ही रहेगा. सल्लू भाई को इनको ही तलाशना होगा.

वीडियो: सुप्रीम कोर्ट ने सोशल मीडिया कंपनियों को लगाई फटकार, बच्चों के इंटरनेट इस्तेमाल पर क्या कहा?

Advertisement