स्मार्टफोन मार्केट के हालात अच्छे नहीं हैं. भारत में जून तिमाही के दौरान स्मार्टफोन के शिपमेंट में साल-दर-साल 10 फीसदी की गिरावट आई है. इस वजह से OnePlus तो अमेरिका और यूरोप में ही सेटल हो गई है. इंडिया में इसकी मैनेजमेंट टीम समेत ऑफलाइन बाजार और सर्विस सेंटर भी कम हो गए हैं. iQOO को लेकर भी कई सवाल उठ रहे हैं. 2020 के बाद से चीनी ब्रांड्स की हिस्सेदारी किसी भी दूसरे कैलेंडर क्वार्टर में अपने सबसे निचले स्तर पर पहुंच गई है.
स्मार्टफोन मार्केट की दशा खराब, ये दो ब्रांड फिर भी बाजा फाड़ ग्रोथ कर रहे
इंडिया के स्मार्टफोन मार्केट में जून तिमाही के दौरान स्मार्टफोन के शिपमेंट में साल-दर-साल 10 फीसदी की गिरावट आई है. चीनी ब्रांड्स की हिस्सेदारी किसी भी दूसरे कैलेंडर क्वार्टर में अपने सबसे निचले स्तर पर पहुंच गई है. लेकिन इन सबके बीच दो स्मार्टफोन ब्रांड बाजा फाड़ ग्रोथ कर रहे. इनमें ऐप्पल, सैमसंग, वीवो का नाम नहीं है.


लेकिन इन सबके बीच दो स्मार्टफोन ब्रांड बाजा फाड़ ग्रोथ कर रहे (Nothing and Google delivered impressive growth). एक मिडरेंज सेगमेंट में 105 फीसदी ग्रोथ पर बैठा है तो दूसरा अल्ट्रा प्रीमियम सेगमेंट में 68 फीसदी ऊपर आ गया है. ना-ना, ऐप्पल, वीवो, सैमसंग की बात नहीं हो रही है. बताते हैं.
Nothing is a Big Thing Nowलंदन बेस्ड टेक कंपनी 105 फीसदी की सालाना (YoY) ग्रोथ के साथ सबसे तेज़ी से बढ़ने वाला ब्रांड रहा. ये ग्रोथ कोई तुक्का नहीं है क्योंकि 2025 में भी ब्रांड, ऐप्पल और सैमसंग को पीछे छोड़कर स्मार्टफोन मार्केट में सबसे तेजी से बढ़ता हुआ ब्रांड था. काउंटर पॉइंट रिसर्च की रिपोर्ट के मुताबिक इस साल Phone (4a) सीरीज़ की जबरदस्त डिमांड और इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के दौरान RCB क्रिकेट टीम की टाइटल स्पॉन्सरशिप ने नथिंग को सौ फीसदी से ज्यादा की ग्रोथ दिलवा दी है.
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वैसे लगातार इतनी तगड़ी ग्रोथ के पीछे कंपनी का काम करने का तरीका भी मायने रखता है. अपने अनोखे डिजाइन एलीमेंट और क्लीन ऑपरेटिंग सिस्टम की वजह से कंपनी ने पहले दिन से ही यूजर्स के बीच पहचान बना ली थी. प्रीमियम सेगमेंट में Nothing Phone 3 से कबाड़ करने के बाद कंपनी ने सीख ली और फिर Phone 4 लॉन्च करने की जगह मिडरेंज सेगमेंट वाले 4a और 4a Pro लॉन्च किए. दोनों डिवाइस को यूजर्स ने हाथों-हाथ लिया.

एक होता है आईफोन और एक होता है एंड्रॉयड. फिर आता है गूगल पिक्सल. वैसे तो ये भी एंड्रॉयड है मगर ये गूगल का बनाया हुआ फोन है. जब दुनिया कैमरा समझ रही थी तब इस डिवाइस ने शानदार तस्वीरें क्लिक करके सभी को हैरान कर दिया था. फोन बिरादरी में इसके अपने मुरीद हैं. बीच के कुछ साल पिक्सल इंडिया छोड़कर चला गया था, मगर अब जो लौटा तो प्रीमियम सेगमेंट में खूब दबंगई कर रहा. 50 हजार से ऊपर के मार्केट में जहां ऐप्पल और सैमसंग का दबदबा है, वहां गूगल 68 फीसदी ग्रोथ लेकर सबसे आगे है.
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अब कहने को तो कहने वाले पिक्सल डिवाइस में लाख खामियां निकाल देंगे. कुछ तो हम भी निकाल देते हैं जैसे कीमत कभी वाजिब नहीं लगती. लेकिन जब एंड्रॉयड में नए ऑपरेटिंग सिस्टम को सबसे पहले इस्तेमाल करने की बात होती है या Gemini का असली कमाल देखना होता है या पिक्सल फर्स्ट फीचर्स चलाने होते हैं या एक भरोसे वाला कैमरा चाहिए होता है तो फिर पिक्सल ही याद आता है. सेल्स भी यही बता रही.
चलते-चलते ये भी जान लीजिए कि भले बाजार से चीनी कम हो रही हो, फिर भी 18 फीसदी मार्केट शेयर के साथ Vivo (iQOO को छोड़कर) ने बाज़ार में अपनी बढ़त बनाए रखी है.
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