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कचरे की शिकायतें आ रही थीं, नगर निगम के कर्मचारी ने AI तस्वीर में गटर को भी गुलदस्ता दिखा दिया

दिल्ली से सटे गुरुग्राम म्युनिसिपल कॉरपोरेशन (MCG) ने टेक्नोलॉजी के गलत इस्तेमाल के एक मामले में एक असिस्टेंट सैनिटेशन इंस्पेक्टर (ASI) को नौकरी से निकाल दिया है.

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AI से शहर साफ कर दिया.

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  • गुरुग्राम म्युनिसिपल कॉरपोरेशन ने एक असिस्टेंट सैनिटेशन इंस्पेक्टर को नौकरी से बर्खास्त कर दिया क्योंकि उसने AI टूल्स का इस्तेमाल कर कचरे से भरे इलाके की तस्वीरें बदलकर सफाई दिखाने का झूठा दावा किया।
  • नगर निगम में AI तकनीक के गलत इस्तेमाल का कारण था कि अधिकारीयों ने शिकायत पोर्टल पर अपलोड की गई तस्वीरों में असली हालत छिपाकर फर्जी रिपोर्ट प्रस्तुत की, जिससे कचरा साफ होने का भ्रम बना।
  • यह मामले की जांच में SynthID वॉटरमार्क मिलने के बाद सामने आया, जिससे भविष्य में AI के दुरुपयोग रोकने के लिए तकनीकी जांच और कड़ी निगरानी बढ़ाने की संभावनाएं बन रही हैं।

AI से वही करवाया जा रहा है जो करने के लिए नहीं बना है. उसकी ‘शक्तियों’ का गलत ही इस्तेमाल हो रहा है. गटर को गुलदस्ता बनाकर दिखाया जा रहा है. अरे सोशल मीडिया में नहीं बल्कि सरकारी ऑफिस में. मामला दिल्ली से सटे गुरुग्राम म्युनिसिपल कॉरपोरेशन (MCG) का है. टेक्नोलॉजी के गलत इस्तेमाल के एक मामले में, नगर निगम ने एक असिस्टेंट सैनिटेशन इंस्पेक्टर (ASI) को नौकरी से निकाल दिया है. आरोप है कि उसने AI टूल्स का इस्तेमाल कचरे से भरे इलाके को एकदम क्लीन दिखा दिया.

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AI से कचरा साफ कर दिया

MCG कमिश्नर प्रदीप दहिया के जारी किए गए एक आधिकारिक आदेश के अनुसार, हरियाणा कौशल रोज़गार निगम लिमिटेड (HKRNL) के ज़रिए काम पर रखे गए ASI वसीम ने AI टूल्स का इस्तेमाल करके फ़ील्ड की फ़ोटो में बदलाव किए और उन्हें शिकायत पोर्टल पर अपलोड कर दिया. ऐसा करके उन्होंने यह दावा किया कि सफ़ाई का काम पूरा हो गया है, जबकि असल में ज़मीन पर ऐसा कोई काम हुआ ही नहीं था. 

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, आदेश में कहा गया कि वसीम ने सार्वजनिक शिकायतों को बंद कराने के लिए इन तस्वीरों का इस्तेमाल किया. उन्हें तत्काल प्रभाव से नौकरी से निकाल दिया गया है.

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SynthID से बनाई तस्वीरें

MCG के एडिशनल कमिश्नर यश जालुका ने TOI को बताया, “हमने उस जगह का दौरा किया और पाया कि वहां अभी भी कचरा पड़ा हुआ था. जब हमने अपने AI डिटेक्शन सिस्टम का इस्तेमाल करके तस्वीरों की जांच की, तो हमें तस्वीर पर SynthID का वॉटरमार्क मिला.” 

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि SynthID गूगल का एक प्रोडक्ट है जो तस्वीरें बनाते समय उनके ऊपर अपना वॉटरमार्क भी छोड़ता है. वसीम भाई ने एआई से कचरा तो साफ कर दिया, मगर तस्वीरों से वॉटरमार्क साफ करना भूल गए. नतीजतन, वो नगर निगम से ‘साफ’ हो गए.

एआई के गलत इस्तेमाल का ये कोई पहला मामला नहीं है. हाल ही में कानपुर में Fake Matrimonial Site के जरिए ठगी करनेवाले गैंग का पर्दाफाश हुआ था. शातिर गैंग मेंबर्स AI टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल कर खूबसूरत दुल्हन बनाते थे और फिर लोगों को फंसाकर उनसे पैसे ऐंठते थे.  

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