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थलपति विजय के आखिरी फिल्म रिलीज़ नहीं हुई, तो इसे 1.2 करोड़ लोगों ने देख कैसे लिया?

मद्रास हाई कोर्ट में 'जन नायगन' लीक केस की सुनवाई के दौरान खुद चेन्नई पुलिस ने ये चौंकाने वाला खुलासा किया.

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'जन नायगन' को 500 करोड़ के बजट पर बनाया गया है. मगर फिल्म 6 महीने से अटकी हुई है.

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  • फिल्म 'जन नायगन' 9 अप्रैल को ऑनलाइन लीक हो गई थी, जिससे तमिलनाडु साइबर क्राइम पुलिस ने दो महीनों तक आरोपी खोजने और 10 जून को पूरे गिरोह को पकड़ा।
  • फिल्म की फुटेज चोरी करने वाले एक फ्रीलांस एडिटर ने अपने भाइयों के साथ मिलकर वीडियो क्लिप जोड़कर मूवी को गूगल ड्राइव पर अपलोड किया, जिससे पायरेटेड कॉपी तमिल रॉकर्स जैसी वेबसाइटों तक पहुंची।
  • मद्रास हाई कोर्ट ने गैर-कानूनी कॉपी दिखाने वाली वेबसाइट्स को ब्लॉक करने का आदेश दिया, लेकिन तब तक लगभग 1.2 करोड़ लोगों ने पायरेटेड फिल्म देख ली थी जिसके चलते फिल्म इंडस्ट्री को आर्थिक नुकसान हुआ।

Thalapathy Vijay की Jana Nayagan एक तरफ सेंसर बोर्ड से लड़ रही थी. वहीं दूसरी तरफ पूरी की पूरी फिल्म लीक होकर पायरेसी वेबसाइट्स पर तैरने लगी. वहां इसे कम-से-कम 1.2 करोड़ लोगों ने देखा. ऐसा हम नहीं बल्कि मद्रास हाई कोर्ट में खुद चेन्नई पुलिस ने बताया है.

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'जन नायगन' 09 अप्रैल को ऑनलाइन लीक हो गई थी. इसके अगले दो महीनों तक तमिलनाडु साइबर क्राइम पुलिस ने आरोपियों की खोज जारी रखी. तब जाकर 10 जून को इस कांड के मास्टरमाइंड समेत पूरे गिरोह को पकड़ा गया. मामले में 21 लोगों को आरोपी बनाया गया था. उनमें से चौथे आरोपी एस रजनी और 11वें आरोपी जय प्रकाश ने पिछले दिनों बेल की अर्जी डाली थी. उसी सिलसिले में आज यानी 02 जुलाई को मद्रास हाई कोर्ट में सुनवाई चली है. द हिन्दू की रिपोर्ट के मुताबिक, मामले की गंभीरता को देख जस्टिस सी कुमाराप्पन ने दोनों आरोपियों की अर्जी एक झटके में खारिज़ कर दी है.

फिल्म की एडिटिंग का काम करने वाले एक फ्रीलांस एडिटर पर आरोप है कि उसने एडिटिंग स्टूडियो की हार्ड ड्राइव में फिल्म की फुटेज चुरा ली. जांच एजेंसियों के मुताबिक, उसने अपने दो भाइयों के साथ मिलकर अलग-अलग वीडियो क्लिप्स को जोड़कर पूरी मूवी तैयार की और उसे गूगल ड्राइव पर अपलोड कर दिया. फिर वही पायरेटेड कॉपी तमिल रॉकर्स समेत कई इल्लीगल वेबसाइट्स तक पहुंच गई. वो भी फुल HD में. मजबूरन, फिल्म बनाने वाली कंपनी KVN प्रोडक्शन को मद्रास हाई कोर्ट का रुख करना पड़ा. कोर्ट ने इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर्स को आदेश दिया कि वो इस मूवी की गैर-कानूनी कॉपी दिखाने या फैलाने वाली वेबसाइट्स को तुरंत ब्लॉक कर दे.

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मगर तब तक चिड़िया पूरा खेत चुग चुकी थी. पुलिस ने कोर्ट को बताया कि जब तक मूवी की पायरेटेड कॉपीज़ हटाई गईं, तब तक 'जन नायगन' को लगभग 1.2 करोड़ लोग देख चुके थे. ये काफी बड़ा नुकसान है. ज्यादा आसार है कि इन 1.2 करोड़ लोगों में से अधिकतर अब फिल्म रिलीज़ होने के बाद उसे देखने थिएटर्स जाएंगे ही नहीं. इससे आपको समझ आता है कि पायरेसी किसी मूवी बिजनेस को किस हद तक खोखला कर सकती है. हालांकि कुछ ट्रेड एक्सपर्ट्स का मानना है कि थलपति विजय का स्टारडम थिएट्रिकल रिलीज़ में मेकर्स को नुकसान की भरपाई करवा देगा. मगर एक बड़ी दिक्कत ये है कि फिल्म को छह महीने बाद भी अब तक सेंसर सर्टिफिकेट नहीं मिल पाया है.

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