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iPhone 17 एंड्रॉयड फ्लैगशिप के मुकाबले में सबसे सस्ता स्मार्टफोन, ये गजब कैसे हुआ?

इस समय इंडिया के बाजार में उपलब्ध सभी एंड्रॉयड फ्लैगशिप फोन्स के मुकाबले iPhone 17 सबसे सस्ता स्मार्टफोन है. सिर्फ Oppo का Find X9s ही उससे तकरीबन 3000 सस्ता है. दुनिया भर के टेक एक्सपर्ट से लेकर बाजार के जानकारों ने सपने में भी नहीं सोचा होगा कि स्मार्टफोन इंडस्ट्री में ऐसा दिन भी आएगा.

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रैम की बढ़ती कीमतों का पूरा फायदा आईफोन उठा रहा (तस्वीर साभार: नितेश/एक्स)

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  • iPhone 17 का बेस मॉडल भारत में 82,900 रुपये में उपलब्ध है, जो Android फ्लैगशिप स्मार्टफोन्स की तुलना में सबसे सस्ता है।
  • एक साल में Android स्मार्टफोन्स की कीमतों में लगभग 20 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, जबकि iPhone 17 की कीमत स्थिर बनी हुई है।
  • iPhone 17 के स्थिर दाम और अपील के कारण, भारत में इसकी मार्केट शेयर 8.5 प्रतिशत तक पहुंच गया है, जो बढ़ने की संभावना है।

iPhone 17: 82,900. Pixel 11: 89,999. Galaxy S26: 87,999. vivo X300 FE: 84,999. OnePlus 15: 85,999. iQOO 15: 85,999. Xiaomi 17: 89,999.

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ये सब इस समय इंडिया के मार्केट में मौजूद एंड्रॉयड फ्लैगशिप के बेस मॉडल और आईफोन 17 सीरीज के बेस मॉडल के दाम हैं. कमाल, अचंभे, आश्चर्य, हैरानी की बात ये है कि इन सभी में सबसे सस्ता आईफोन है. दुनिया भर के टेक एक्सपर्ट से लेकर बाजार के जानकारों ने सपने में भी नहीं सोचा होगा कि स्मार्टफोन इंडस्ट्री में ऐसा दिन भी आएगा.

रैम ने रगड़ दिया है

आईफोन 17 सीरीज को आए तकरीबन एक साल हो गया है. उसका दाम तब भी 82900 था और आज भी 82900 है. लेकिन एंड्रॉयड स्मार्टफोन में कीमतें लगातार बढ़ी हैं फिर बात नए लॉन्च की हो या पुराने की. एक साल में एंड्रॉयड स्मार्टफोन के दाम 20 फीसदी तक बढ़ चुके हैं. उदाहरण के लिए iQOO 15 को 72999 रुपये में लॉन्च किया गया था. OnePlus 15 भी 72999 में आया था. 

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vivo X300 FE को कंपनी ने 79,900 में मार्केट में उतारा था. Pixel 10 जहां 79,999 में आया था तो 11 पूरे 10 हजार महंगा हो गया है. ऐसा नहीं है कि कीमतें सिर्फ फ्लैगशिप डिवाइस की बढ़ी हैं. मिडरेंज में भी यही हाल है. Nothing Phone (4a) Pro को 44 हजार में लॉन्च किया गया था लेकिन कुछ ही महीनों में इसका दाम 50 हजार के पार है.

बजट रेंज में तो सबसे बड़ी दिक्कत हुई है. 20 हजार से कम में 5G फोन मिलना मुश्किल हो गया है. जो मिल भी रहा उसमें रैम घटकर 4GB आ गई है. एक साल पहले दस हजार के अल्ले-पल्ले 5G डिवाइस आसानी से मिल जाते थे. माने एक बट तो समझ आ रही है कि एआई की वजह से रैम की डिमांड और कीमतों में जो आग लगी, उसका सबसे ज्यादा असर स्मार्टफोन पर पड़ा है. ठीक बात लेकिन ऐप्पल को इससे कोई फर्क नहीं पड़ा क्या?

ऐप्पल स्मार्ट निकला है

रैम की बढ़ती कीमतों का असर ऐप्पल पर भी पड़ा है. सीईओ टिम कुक कह चुके हैं कि कीमतें तो हमको भी बढ़ानी हैं. मैकबुक और आइपैड की कीमतें अच्छी-खासी बढ़ भी गई हैं. बस आईफोन का ट्रिगर दबाना बाकी है, लेकिन ऐप्पल जानबूझकर ऐसा नहीं कर रहा. अब ये कोई राज तो है नहीं कि ऐप्पल, आईफोन से तगड़ा मुनाफा कमाती है तो थोड़ा कम ही सही. इसी का फायदा उसे मिल रहा है.

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indian smartphone market
india स्मार्टफोन मार्केट 

मार्केट में आईफोन 17 आसानी से मिल नहीं रहा. रिटेल स्टोर पर जब तक लोग लाइन लगाकर इसे खरीद रहे. इसी का नतीजा है कि इंडियन मार्केट में प्रीमियम सेगमेंट में होने के बाद भी उसका शेयर 8.5 फीसदी हो गया है. अगर ऐसा ही चलता रहा तो जल्द ही 9.3 फीसदी वाला Realme और 9.7 वाला Xiaomi उससे पीछे हो जाएगा.

एआई ने तो गेम ही बदल दिया. 

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