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WIFI कंपनी ने 1000Mbps का किया वादा, स्पीड 100 की ही मिल रही, गड़बड़ कहां?

वाईफाई को पीछे से कितनी स्पीड मिलती है और वो आगे कितनी स्पीड फेंकता है, इसका बड़ा दारोमदार राउटर का भी होता है. यहां पर कंपनियां कंजूसी और खेल, दोनों करती हैं. आपको जो स्पीड बताई जाती है वो एक बैंड की नहीं बल्कि दो की होती है. जानिए पूरा खेल.

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वाईफाई स्पीड बढ़ाने के तरीके

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  • वाईफाई स्पीड कम होने का मुख्य कारण यह है कि अधिकांश राउटरों के ईथरनेट पोर्ट की क्षमता 100Mbps तक होती है, जो बाहर से मिलने वाली अधिक स्पीड को सीमित कर देता है।
  • वाईफाई कंपनियां अक्सर ग्राहक को कुल संयुक्त स्पीड बताती हैं जो 2.4 GHz और 5 GHz दोनों बैंड्स का योग होती है, जबकि किसी एक डिवाइस को मिलनी वाली स्पीड इससे कम होती है।
  • बेहतर स्पीड पाने के लिए उपयोगकर्ता को गीगाबिट पोर्ट वाले राउटर की आवश्यकता होती है, जिसे वह ऑपरेटर से मांग सकता है या खुद भी मार्केट से खरीद सकता है।

आपके पास 300Mbps वाला वाईफाई प्लान है. 1000-12000Mbps सपोर्ट करने वाला वाईफाई राउटर भी लगाया हुआ है, लेकिन वाईफाई की स्पीड है जो मुश्किल से 100Mbps से ऊपर नहीं जाती है. क्या इसका मतलब वाईफाई ऑपरेटर ने आपके साथ स्कैम कर दिया. Mbps का वादा करके Kbps जैसी स्पीड थमा दी. दरअसल वाईफाई सर्विस देने वाली कंपनी ने स्कैम नहीं, बल्कि कंजूसी की है. तार से या आसमान से आपके पास सही स्पीड आ रही लेकिन राउटर भईया रिसाने फूफा निकले हैं.

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राउटर रिसाया है

वाईफाई को पीछे से कितनी स्पीड मिलती है और वो आगे कितनी स्पीड फेंकता है, इसका बड़ा दारोमदार राउटर का भी होता है. यहां पर कंपनियां कंजूसी और खेल, दोनों करती हैं. आपको जो स्पीड बताई जाती है वो एक बैंड की नहीं बल्कि दो की होती है. माने पुराने वाला 2.4 GHz और नया वाला 5GHz. गणित के हिसाब से देखें तो 1000Mbps में 700 5GHz का और 300, 2.4 GHz का. बोले तो किसी एक डिवाइस पर 1000Mbps का जुगाड़ तो पहले ही खत्म हो गया.

इसके बाद चलते हैं राउटर के पास. यहां पर जहां बाहर से आए नेटवर्क का तार लगना होता है जिसे ईथरनेट पोर्ट कहते हैं, इसकी क्षमता भी 100Mbps होती है. माने ज्यादातर राउटर जो आपके घर में कंपनियां लगाकर देती हैं, उनका मामला 100 पर रुक जाता है. ऐसे में बाहर से स्पीड भले 300 आए या 500, आउट तो 100 ही होना है. वाईफाई ऑपरेटर आपको यही बजट वाला राउटर लगाकर देते हैं.

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इसलिए बेहतर होगा कि बेहतर स्पीड के लिए तगड़ा राउटर लगाया जाए. आप अपने ऑपरेटर से भी कह सकते हैं या फिर खुद भी मार्केट से खरीद कर ला सकते हैं. हालांकि ज्यादा स्पीड सपोर्ट करने वाले राउटर थोड़े महंगे होते हैं लेकिन ये एक बार वाला इनवेस्टमेंट है तो खर्च किया जा सकता है. बस आपको इस बात का ख्याल रखना है कि आपको Mbps नहीं बल्कि Gigabit ports देखना है.  

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Gigabit ports

गीगाबिट पोर्ट (Gigabit Port) आपके राउटर, मॉडेम, कंप्यूटर या नेटवर्क स्विच में मौजूद वह ईथरनेट पोर्ट होता है, जो 1,000 Mbps (या 1Gbps) तक की स्पीड से डेटा ट्रांसफर कर सकता है. बस इसके बाद आप यूट्यूब पर The Lallantop देखो या नेटफ्लेक्स पर चिल करो, स्क्रीन नेटवर्क की वजह से राउंड-राउंड नहीं घूमेगी.  

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