विराट कोहली, कपिल देव. फोटो: AP/Twitter
दुबई इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में टीम इंडिया की हार ने भारतीय क्रिकेट फैंस का दिल तोड़ दिया है. इस हार का सीधा सा मतलब है भारतीय क्रिकेट टीम का सेमीफाइनल में पहुंचने के चांस का धुंधला हो जाना. न्यूज़ीलैंड के साथ दुबई इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में भारतीय टीम को आठ विकेट से हारना पड़ा. T20 विश्वकप 2021 में ये भारत की दूसरी हार है. टीम इंडिया हारी, खिलाड़ियों ने खराब प्रदर्शन किया. ऐसा तो होता है. लेकिन जब मैच के बाद कप्तान विराट कोहली कहते हैं कि टीम इंडिया को मिली हार की वजह खिलाड़ियो का खराब प्रदर्शन है. क्योंकि खिलाड़ी ना तो बल्ले से और ना ही गेंद से किसी तरह का साहस दिखा सके. उनके प्रदर्शन में साहस की कमी रही. तो फिर टीम की हार के साथ-साथ इस तरह का बयान पचा पाना मुश्किल हो जाता है. कप्तान के इस बयान को लेकर टीम इंडिया के पूर्व कप्तान और वर्ल्ड चैम्पियन कपिल देव खासे निराश हैं. कपिल पाजी ने विराट के बयान पर कहा है कि ये बेहद कमज़ोर बयान है, और खासकर तब जब विराट जैसा मज़बूत खिलाड़ी और कप्तान ऐसी बात करता है तो. कपिल देव ने एबीपी न्यूज़ से बात करते हुए कहा,
''उनके जैसे किसी बड़े खिलाड़ी के लिए, यह एक बहुत ही कमजोर बयान है. अगर टीम के पास इस तरह की बॉडी लैंग्वेज है और अगर कप्तान की इस तरह की सोच है, तो टीम को ऊपर ले जाना सच में काफी ज़्यादा मुश्किल है. मुझे उनके शब्दों को सुनकर अजीब लगा. वह इस तरह के खिलाड़ी नहीं है. वह एक फाइटर हैं. मुझे लगता है कि एक कप्तान को 'हम पर्याप्त साहस नहीं दिखा पाए या हम पर्याप्त बहादुर नहीं थे' जैसे शब्द बिल्कुल नहीं कहने चाहिए.''
कपिल पाजी ने आगे ये सलाह भी दी कि
''आप अपने देश के लिए खेल रहे हैं और उनके(विराट) पास जुनून भी है. लेकिन अगर आप खुद ऐसे शब्द कहते हैं, तो फिर उंगलियां जरूर ही उठेंगी. ऐसा कहने से बचना चाहिए.''
भारतीय टीम की हार के बाद कप्तान का इस तरह का बयान. प्रेस कॉन्फ्रेंस में खुद ना आकर किसी और गेंदबाज़ को भेज देना. सवालों के घेरे में ज़रूर है. लेकिन कपिल देव की बात एकदम सही लगती है कि विश्वकप के बीच ऐसा बयान टीम का मनोबल नहीं बढ़ा सकता. भारतीय टीम सुपर 12 राउंड के अपने दो अहम मुकाबले गंवा चुकी है. अब उसके तीन मैच अफगानिस्तान, स्कॉटलैंड और नामीबिया के खिलाफ बाकी हैं.