क्रिकेट लेजेंड इयान चैपल (Ian Chappell) ने टेस्ट क्रिकेट के भविष्य पर अपनी बात रखी है. चैपल का मानना है कि टेस्ट क्रिकेट में क्वांटिटी से ज्यादा क्वालिटी पर फोकस किया जाना चाहिए. इयान की नज़र में अफ़गानिस्तान और आयरलैंड जैसे देशों को टेस्ट क्रिकेट का दर्जा देना भी सही फैसला नहीं है. उनकी नज़र में अफ़ग़ानिस्तान और आयरलैंड जैसे देशों को अभी टेस्ट क्रिकेट खेलने का दर्जा नहीं दिया जाना चाहिए था.
चैपल ने किस खिलाड़ी से कहा, क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया पर केस कर दो?
चैपल क्यों बोले, अफ़गानिस्तान और आयरलैंड को टेस्ट क्रिकेट नहीं खेलने देना चाहिए.


वाइड वर्ल्ड ऑफ स्पोर्ट्स से बात करते हुए चैपल ने इन सारे मुद्दों पर बात की. उन्होंने कहा -
‘जिन्होंने भी आयरलैंड और अफ़ग़ानिस्तान को टेस्ट क्रिकेट खेलने का स्टेटस देने के बारे में सोचा, उसका दिमाग ठीक जगह पर नहीं है.’
चैपल से पहले भारत के पूर्व हेड कोच रवि शास्त्री ने कहा था कि सिर्फ टॉप क्रिकेटिंग देशों को ही टेस्ट क्रिकेट खेलना चाहिए. एक दूसरे के खिलाफ़ खेलने से टेस्ट क्रिकेट की क्वालिटी और शुद्धता बनी रहेगी. लेकिन शास्त्री के इस कमेंट को कई लोगों ने कुछ खास लोगों के समर्थन वाला कहा था. और उनका मानना था कि ये आने वाले दिनों में क्रिकेट के लिए अच्छा नहीं होगा.
चैपल इस मामले में शास्त्री से इत्तेफाक रखते हैं. चैपल का भी मानना है कि टेस्ट क्रिकेट सिर्फ सबसे अच्छे क्रिकेटिंग देशों के बीच ही खेल जाना चाहिए. उन्होंने कहा,
‘पहले तो ये कि सिर्फ आठ देश भी टेस्ट क्रिकेट खेल सकते हैं. टेस्ट क्रिकेट खत्म नहीं होने वाला है. लेकिन इसे कौन-कौन खेलेगा? ये बड़ा सवाल है. अगर क्रिकेट के बेस्ट प्लेयर्स नहीं खेल रहे हैं, तो क्या टेस्ट क्रिकेट देखा जाएगा? इसका जवाब शायद ना है. टेस्ट क्रिकेट एक अच्छा गेम है. लेकिन इसे अच्छे से चलाए जाने की ज़रूरत है.'
लीग क्रिकेट पर क्या बोले चैपल?
टेस्ट क्रिकेट के अलावा इयान चैपल ने फ्रेंचाइज़ी लीग्स पर भी अपनी बात रखी है. हाल के दिनों में दुनियाभर में फ्रेंचाइज़ी लीग के आने के बाद से टेस्ट और वनडे क्रिकेट की प्रासंगिकता पर सवाल उठाए गए हैं. ऑस्ट्रेलिया में इसी के साथ जुड़ा एक मसला भी हो गया है. कई रिपोर्ट्स के मुताबिक क्रिस लिन को UAE T20 लीग के लिए NOC नहीं दी जाएगी. इसकी वजह ये है कि UAE T20 लीग ऑस्ट्रेलिया के बिग बैश लीग से क्लैश करेगी. क्रिस लिन ऑस्ट्रेलियन क्रिकेट बोर्ड के कॉन्ट्रैक्ट पर नहीं हैं. इयान चैपल का मानना है कि क्रिस लिन को इस मसले पर क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया को कोर्ट ले जाना चाहिए.
इस पर बात करते हुए चैपल ने कहा,
‘क्रिस लिन का केस देखें तो क्या वो क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया या क्रिकेट क्वीन्सलैंड के कॉन्ट्रैक्ट पर हैं? नहीं. फिर उन्हें क्यों रोका जाना चाहिए? अगर मैं क्रिस लिन होता और मुझे UAE की लीग में खेलना होता. तो मैं क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया को कोर्ट ले जाता. मुझे नहीं लगता क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया इस अपील को जीतेगे.’
T20 लीग्स के शुरू होने से प्लेयर्स लगातार नेशनल टीम छोड़कर फ्रेंचाइज़ी क्रिकेट के लिए जा रहे हैं. ऐसा उदाहरण वेस्ट इंडीज क्रिकेट में भी लगातार देखने को मिलता है.
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