अफगानिस्तान के खिलाफ होने वाले एकमात्र टेस्ट मैच के लिए इंडियन स्क्वॉड अनाउंस कर दिया गया है. टीम में राजस्थान के यंग लेफ्ट-आर्म स्पिनर मानव सुथार (Manav Suthar) को पहली बार जगह दी गई है. रविंद्र जडेजा को आराम दिया गया है, तो मानव को मौका मिला. इस खबर पर उनके पिता जगदीश सुथार की आंखों में आंसू आ गए. कौन हैं मानव सुथार, जिनके पिता उन्हें बैटर बनाना चाहते थे.
पिता बैटर बनाना चाहते थे, इस लेफ्ट-आर्म स्पिनर को इंडिया कॉल-अप मिला
Manav Suthar सिर्फ स्पिनर नहीं, लोअर ऑर्डर के अच्छे बैटर भी हैं. 2023 वर्ल्ड कप से पहले उन्हें Indian Team के कैंप में बुलाया गया था. बेंगलुरु में हुए उस कैंप में उन्होंने Rohit Sharma और Virat Kohli जैसी दिग्गजों को परेशान किया था.


जगदीश सुथार श्री गंगानगर के एक स्कूल में PE टीचर हैं. पाकिस्तान बॉर्डर से सिर्फ 5 किलोमीटर दूर ये छोटा सा शहर है. खुद जगदीश स्कूल लेवल तक ही क्रिकेट खेल पाए थे. जब उनके बेटे मानव को क्रिकेट का शौक हुआ तो उन्होंने बिना सोचे सपोर्ट किया. मानव सिर्फ 11 साल के थे जब उन्हें एकेडमी में भर्ती कराया गया.
पिता चाहते थे कि बेटा बैटर बने, लेकिन कोच धीरज शर्मा ने पहले दिन ही कहा,
"ये लड़का बॉलिंग के लिए बना है."
आज वही मानव 23 साल की उम्र में भारतीय टेस्ट टीम का हिस्सा बन गया है.
मानव का सफरमानव सिर्फ स्पिनर नहीं, लोअर ऑर्डर के अच्छे बैटर भी हैं. 2023 वर्ल्ड कप से पहले उन्हें कैंप में बुलाया गया था. बेंगलुरु में हुए उस कैंप में उन्होंने रोहित शर्मा और विराट कोहली जैसी दिग्गजों को परेशान किया था. सीनियर प्लेयर्स ने कहा कि अगर सफेद गेंद में वो ड्रिफ्ट निकाल लेते हैं, तो लाल गेंद में तो कमाल ही कर देंगे.
लेकिन सफलता का रास्ता आसान नहीं था. IPL 2025 में गुजरात टाइटंस में वे ज्यादातर बेंच पर बैठे रहे. सिर्फ 4 मैच खेल पाए. इंग्लैंड लायंस के खिलाफ इंडिया A टूर पर भी मौके कम मिले. दुलीप ट्रॉफी और इंडिया A मैचों में भी पहले चांस दूसरों को मिला. चारों तरफ चर्चा होती कि शायद मानव टॉप लेवल के लिए नहीं बने.
कोच धीरज शर्मा लगातार उन्हें मोटिवेट करते रहे. उन्होंने कहा,
क्यों खास हैं मानव?"अगर तुम भारत के लिए खेलोगे तो रेड बॉल से खेलोगे. जब मौका आएगा तो उसे कभी मत छोड़ना. तुम टेस्ट क्रिकेट के लिए बने हो."
मानव का स्टाइल क्लासिकल लेफ्ट-आर्म स्पिनर जैसा है. वो फ्लैट गेंद नहीं डालते. उनका एक्शन और रिलीज पॉइंट बिल्कुल सटीक है. वो बैटर को लगातार डाउट में डालते हैं, डॉट बॉल्स डालने में माहिर हैं. उनकी उम्र सिर्फ 23 साल है, लेकिन टेस्ट मैच की सोच उनके दिमाग में पहले से है.
सेलेक्टर्स ने सिर्फ आंकड़ों को नहीं देखा. मानव ने 29 फर्स्ट क्लास मैचों में 129 विकेट लिए हैं. इस दौरान उनका औसत 25.76 का है. विकेट्स के नंबर भले ही बहुत ज्यादा न हो, लेकिन उनकी काबिलियत और पोटेंशियल ने सबको प्रभावित किया है. पिछले साल ऑस्ट्रेलिया A के खिलाफ इंडिया A के दूसरे टेस्ट में उन्हें मौका मिला और उन्होंने 5 विकेट लेकर अपनी काबिलियत साबित कर दी.
अभी कुलदीप यादव और वॉशिंगटन सुंदर टेस्ट टीम में हैं, इसलिए मानव को इंतजार करना पड़ सकता है. लेकिन उनके कोच का विश्वास है,
परिवार का सपना पूरा"वो टेस्ट क्रिकेट को तैयार है."
जगदीश सुथार भावुक होकर कहते हैं,
"ये पूरी जिंदगी का सपना है. बेटे ने बहुत मेहनत की है."
मां भी कहती हैं कि इस पल में पूरा परिवार भावुक है.
मानव सुथार की कहानी बताती है कि IPL की चमक के बिना भी, सच्ची मेहनत और सही स्किल से टेस्ट टीम में जगह बनाई जा सकती है. युवा स्पिनरों के लिए ये एक अच्छा उदाहरण है. अब देखना ये है कि जब उन्हें लाल गेंद मिलेगी तो वो क्या जादू दिखाते हैं.
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