फॉर्मूला वन देखने वालों के बीच इस वक्त एक नाम काफी चर्चा में है. एंड्रिया किमी एंटोनेली. इटली से आने वाले इस 19 साल के लड़के ने हाल ही में चाइनीज ग्रां प्री में अपनी पहली जीत हासिल की. साथ ही एंटोनेली (Kimi Antonelli) ने एक रिकॉर्ड भी बना दिया. वो फॉर्मूला वन के इतिहास में दूसरे सबसे कम उम्र के रेस विनर बन गए. इससे पहले ये पहले ये रिकॉर्ड मैक्स वर्स्टैपेन के नाम था. जिन्होंने 18 साल की उम्र में 2016 स्पैनिश ग्रां प्री जीती थी.
19 साल के लड़के ने जीती फॉर्मूला वन ग्रां प्री, जानते हैं कौन है?
फॉर्मूला वन के दिग्गज लुईस हैमिल्टन ने जब मर्सिडीज छोड़ने का ऐलान किया, तो मर्सिडीज ने एक बड़ा फैसला लिया. टीम ने किसी अनुभवी ड्राइवर को नहीं चुना, बल्कि अपने 19 साल के जूनियर Kimi Antonelli को मौका दिया.


इटली के इस यंग ग्रां प्री विनर की कहानी भी काफी दिलचस्प है. किमी एंटोनेली ने यहां तक का सफर कैसे तय किया, आइए जानते हैं.
फुटबॉल के बीच रेस सीखीउत्तरी इटली का बोलोग्ना शहर. जो ऊंचे-ऊंचे टावरों, और चर्चों के लिए फेमस है. बोलोग्ना नाम से एक फुटबॉल टीम भी है. इसी शहर से किमी एंटोनेली की कहानी शुरू हुई. लेकिन किमी ने फुटबॉल नहीं चुना. या कहें कि उनके पास फुटबॉल चुनने का ऑप्शन था ही नहीं.

एक रोज एक छोटा सा लड़का कार्ट में बैठा था. उसके पैर पेडल तक मुश्किल से पहुंच रहे थे. हेलमेट बहुत बड़ा लग रहा था, लेकिन जैसे ही इंजन चालू हुआ और कार्ट आगे बढ़ी, सबको पता चल गया कि ये बच्चा कोई नॉर्मल किड नहीं है. ये कोई और नहीं, किमी एंटोनेली ही थे.
किमी के पिता मार्को एंटोनेली खुद एक रेसर और टीम ओनर हैं. घर में हमेशा रेसिंग की बातें होती थीं. बाकी बच्चे फुटबॉल खेलते थे, लेकिन किमी कार्ट ट्रैक पर समय बिताता था. वो ब्रेकिंग पॉइंट्स, रेसिंग लाइन्स और स्पीड का बैलेंस सीखता गया. छोटी उम्र में ही यूरोप के कार्टिंग सर्किट पर उसका नाम जाना जाने लगा.
2019 और 2022 में बड़ा ब्रेक मिलादूसरे ड्राइवर्स बताते थे कि किमी प्रेशर में भी अपने आप को काफी शांत रखता है. जब जरूरत पड़ती है, तब वो तेजी दिखाता है. उसकी ड्राइविंग स्मूद और कंट्रोल्ड होती थी, जैसे कोई बड़ा अनुभवी ड्राइवर हो. किमी ड्रामैटिक ओवरटेकिंग के बजाय सटीक और स्मार्ट रेसिंग के लिए जाना जाने लगा.

2019 में उन्हें बड़ी सफलता मिली. मर्सिडीज जूनियर टीम ने उसे अपने प्रोग्राम में शामिल किया. ये मर्सिडीज का सपोर्ट प्रोग्राम है, जो टैलेंटेड युवा ड्राइवर्स को फॉर्मूला वन तक पहुंचाता है. किमी अपनी पढ़ाई और रेसिंग दोनों साथ में कर रहे थे.
2022 में एक और बड़ा ब्रेक मिला. किमी ने इटालियन फॉर्मूला 4 चैंपियनशिप और ADAC फॉर्मूला 4 दोनों में डॉमिनेट किया. एक साल बाद 2023 में फॉर्मूला रीजनल यूरोपियन चैंपियनशिप भी जीत ली. इसके बाद से सब कहने लगे थे कि इटली ने एक नया प्रोडिजी पैदा कर दिया है.
हैमिल्टन गए, किमी को लियाफिर आया सबसे बड़ा मोमेंट. फॉर्मूला वन के दिग्गज लुईस हैमिल्टन ने मर्सिडीज छोड़ने का ऐलान किया. वो फेरारी जॉइन करने वाले थे. मर्सिडीज के पास एक खाली सीट थी. टीम ने किसी अनुभवी ड्राइवर को नहीं चुना, बल्कि अपने 19 साल के जूनियर किमी एंटोनेली को मौका दिया. इसके बाद से 2025 सीजन की शुरुआत से ही किमी जॉर्ज रसेल के साथ मर्सिडीज में ड्राइव कर रहे हैं.

हालांकि, किमी के लिए ये फैसला इतना आसान नहीं था. इसमें रिस्क भी था. बहुत से एक्सपर्ट्स कह रहे थे कि इतनी कम उम्र में फॉर्मूला वन में आना जल्दबाजी है. लेकिन किमी ने इन सब बातों पर ध्यान देने के बजाय अपनी फरफॉर्मेंस पर भरोसा किया. उन्होंने कभी अपना स्टाइल नहीं बदला. वो इंजीनियर्स की बात ध्यान से सुनते, डेटा स्टडी करते और देर रात तक काम करते.
2026 सीजन की शुरुआत किमी के लिए अच्छी रही. ऑस्ट्रेलिया में वो रनर-अप रहे. फिर आया चाइनीज ग्रां प्री का वीकेंड. शंघाई इंटरनेशनल सर्किट पर किमी ने कमाल दिखाया.
कैसे जीती रेस?शनिवार, 14 मार्च को क्वालीफाइंग में उन्होंने पोल पोजीशन हासिल की. वो फॉर्मूला वन के इतिहास में सबसे कम उम्र के पोल सिटर बने. रविवार, 15 मार्च को रेस में उन्होंने पोल से स्टार्ट किया. शुरुआत में लुईस हैमिल्टन ने ओवरटेक कर लिया, लेकिन किमी ने जल्दी वापस लीड ले ली.
पूरी रेस में वो कंट्रोल में रहे. हर लैप में लीड बढ़ाते गए. आखिरी लैप्स में एक छोटी सी गलती भी की. टर्न 14 पर लॉक-अप हुआ, लेकिन किमी ने संभाल लिया. चेकर्ड फ्लैग जब गिरा, तो किमी रेस में सबसे आगे थे. उन्होंने अपनी पहली फॉर्मूला वन रेस जीत ली थी.
उनके टीम मेट जॉर्ज रसेल दूसरे नंबर पर रहे. मर्सिडीज ने 1-2 फिनिश किया. लुईस हैमिल्टन फेरारी के लिए तीसरे नंबर पर पोडियम पर आए. उनकी फेरारी के साथ ये पहली पोडियम फिनिश थी.
किमी ने जीत के बाद कहा कि वो स्पीचलेस हैं. उन्होंने टीम, फैमिली और फैंस को थैंक्स कहा. मर्सिडीज के बॉस टोटो वोल्फ ने कहा कि ये उनके लिए फॉर्मूला वन के बेस्ट मोमेंट्स में से एक है.
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